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जीआईएस सर्वे के नाम पर कंपनी ने की खानापूर्ति
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जीआईएस सर्वे के नाम पर कंपनी ने कीं औपचारिकताएं पूरी
- नाराज नगर आयुक्त ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को लिखा पत्र
- कहीं मकान तो कहीं भवनों की कर दी गलत माप-तौल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी ने सर्वे के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की हैं। कहीं मकान छोड़ दिए, तो कहीं भवन की माप-तौल गलत कर दी। नगर आयुक्त ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र जारी किया है।
नगर निगम द्वारा नगर निगम सीमा में बने भवनों का जीआईएस सर्वे कराया जाना था जो सिंतबर माह तक पूरा होना था। लेकिन सर्वे का काम नौ माह बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अफसरों की मानें तो 70 वार्डों में से कंपनी मात्र 17 वार्डों में बने भवनों का सर्वे कर सकी है। 53 वार्डों में सर्वे का कार्य अधूरा है। जिन वार्डों में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है, उनमें भी तमाम गलतियां हैं। इन गलतियों में प्रमुख रूप से वार्ड संख्या एक सैलई में प्रोपर्टी इमेज शो नहीं कर रही। तीन भवनों का सर्वे छूट गया है। वार्ड संख्या पांच सरजीवन नगर में टैक्स की सर्किल रेट गलत लगाई गई है जिसमें 399 गलियां पाई गई हैं। इसके साथ ही 13 भवनों का सर्वे तक नहीं किया गया। सरस्वती नगर वार्ड नंबर 13 में दस से 12 मकानों की माप-तौल गलत की गई है। वार्ड नंबर 20 इंद्रपुरी में डाटा में एआरबी की गलती पाई गई। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में सर्वे किया गया है, वहां पर भी गलतियां है।
सर्वे का कार्य सितंबर माह तक पूरा होना था। कंपनी ने अभी तक 70 में से मात्र 17 वार्डों का सर्वे किया है, वह भी सही तरीके से नहीं किया गया। इस संबंध में नगर आयुक्त द्वारा प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र जारी किया गया है। -शिव सिंह, अपर नगर आयुक्त
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- नाराज नगर आयुक्त ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को लिखा पत्र
- कहीं मकान तो कहीं भवनों की कर दी गलत माप-तौल
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। जीआईएस सर्वे करने वाली कंपनी ने सर्वे के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की हैं। कहीं मकान छोड़ दिए, तो कहीं भवन की माप-तौल गलत कर दी। नगर आयुक्त ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र जारी किया है।
नगर निगम द्वारा नगर निगम सीमा में बने भवनों का जीआईएस सर्वे कराया जाना था जो सिंतबर माह तक पूरा होना था। लेकिन सर्वे का काम नौ माह बीतने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अफसरों की मानें तो 70 वार्डों में से कंपनी मात्र 17 वार्डों में बने भवनों का सर्वे कर सकी है। 53 वार्डों में सर्वे का कार्य अधूरा है। जिन वार्डों में सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है, उनमें भी तमाम गलतियां हैं। इन गलतियों में प्रमुख रूप से वार्ड संख्या एक सैलई में प्रोपर्टी इमेज शो नहीं कर रही। तीन भवनों का सर्वे छूट गया है। वार्ड संख्या पांच सरजीवन नगर में टैक्स की सर्किल रेट गलत लगाई गई है जिसमें 399 गलियां पाई गई हैं। इसके साथ ही 13 भवनों का सर्वे तक नहीं किया गया। सरस्वती नगर वार्ड नंबर 13 में दस से 12 मकानों की माप-तौल गलत की गई है। वार्ड नंबर 20 इंद्रपुरी में डाटा में एआरबी की गलती पाई गई। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में सर्वे किया गया है, वहां पर भी गलतियां है।
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सर्वे का कार्य सितंबर माह तक पूरा होना था। कंपनी ने अभी तक 70 में से मात्र 17 वार्डों का सर्वे किया है, वह भी सही तरीके से नहीं किया गया। इस संबंध में नगर आयुक्त द्वारा प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र जारी किया गया है। -शिव सिंह, अपर नगर आयुक्त
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