{"_id":"075d34ffae68e074a4a40c01953d0e7a","slug":"in-the-case-of-murder-and-sentenced-to-death-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लोगों की हत्या में एक को फांसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार लोगों की हत्या में एक को फांसी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 14 Jul 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
फीरोजाबाद। अपर जिला जज न्यायालय द्वितीय ने 2008 में डकैती के दौरान महिला और उसके तीन बच्चों की हत्या के मामले में एक आरोपी को मृत्युदंड और पांच को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस घटना में शहीद हुए सैनिक की पत्नी और उसके तीन बच्चों की हत्या की गई थी।
यह घटना थाना रामगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला नगला मिर्जा बड़ा में 27 अगस्त 2008 की रात हुई थी। घटना में निर्दोष देवी (40) पत्नी राजपाल, उसकी पुत्री पूनम (16), पुत्र आशीष (5) और अंशुल (7)की हत्या की गई थी। निर्दोष देवी की गला काटकर और बच्चों की गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद घर से नकदी और जेवरात लूट लिए गए थे। 28 अगस्त की सुबह दूधिया दूध देने आया तो घटना का पता चला था। घटना के दौरान हत्यारोपियों ने निर्दोष के चार साल के बेटे उज्जवल का भी गला दबाया था और उसे मरा समझ लिया था, लेकिन वह बच गया था। उसी ने हत्यारोपियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी।
मृतका के देवर कोतवाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हरीओम उर्फ हीरो पुत्र गोपीराम, सौरभ पुत्र जगदीश प्रसाद, हसीन खां पुत्र अहमद, संजय पुत्र कोमल सिंह, रिजवान पुत्र कमालुउद्दीन और रफीक पुत्र सगीर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कमलेश कुमार, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवधेश कुमार, रामनजर यादव और अधिवक्ता महावीर सिंह ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और गवाह पेश किए। अपर जिला जज उमाशंकर शर्मा ने साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। आरोपी हरीओम उर्फ हीरो को मृत्यु दंड तथा सौरभ, हसीन खां, संजय, रिजवान और रफीक को आजीवन कारावास की सजा व अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विज्ञापन
बता दें कि निर्दोष के पति राजपाल सिंह सेना में थे और वह ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। एक आरोपी हरिओम का उनके घर आना जाना था। उज्जवल ने उसे पहचान लिया था और इसकी जानकारी परिवार के लोगों व पुलिस को दी थी। इसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन
यह घटना थाना रामगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला नगला मिर्जा बड़ा में 27 अगस्त 2008 की रात हुई थी। घटना में निर्दोष देवी (40) पत्नी राजपाल, उसकी पुत्री पूनम (16), पुत्र आशीष (5) और अंशुल (7)की हत्या की गई थी। निर्दोष देवी की गला काटकर और बच्चों की गला दबाकर हत्या की गई थी। हत्या के बाद घर से नकदी और जेवरात लूट लिए गए थे। 28 अगस्त की सुबह दूधिया दूध देने आया तो घटना का पता चला था। घटना के दौरान हत्यारोपियों ने निर्दोष के चार साल के बेटे उज्जवल का भी गला दबाया था और उसे मरा समझ लिया था, लेकिन वह बच गया था। उसी ने हत्यारोपियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी।
विज्ञापन
मृतका के देवर कोतवाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने हरीओम उर्फ हीरो पुत्र गोपीराम, सौरभ पुत्र जगदीश प्रसाद, हसीन खां पुत्र अहमद, संजय पुत्र कोमल सिंह, रिजवान पुत्र कमालुउद्दीन और रफीक पुत्र सगीर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच पूरी कर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी कमलेश कुमार, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अवधेश कुमार, रामनजर यादव और अधिवक्ता महावीर सिंह ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य और गवाह पेश किए। अपर जिला जज उमाशंकर शर्मा ने साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। आरोपी हरीओम उर्फ हीरो को मृत्यु दंड तथा सौरभ, हसीन खां, संजय, रिजवान और रफीक को आजीवन कारावास की सजा व अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
विज्ञापन
बता दें कि निर्दोष के पति राजपाल सिंह सेना में थे और वह ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे। एक आरोपी हरिओम का उनके घर आना जाना था। उज्जवल ने उसे पहचान लिया था और इसकी जानकारी परिवार के लोगों व पुलिस को दी थी। इसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ था।