{"_id":"0a32006f92ff9f70d4be8d89018e2b51","slug":"i-adorn-the-plate-king-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"थाली की शोभा बढ़ा रहा ‘राजा’ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थाली की शोभा बढ़ा रहा ‘राजा’
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 03 Nov 2015 08:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आलू उत्पादक किसानों को बाजार में दाल की बढ़ी कीमतों के साथ पंचायत चुनाव ने बड़ी राहत दी। सब्जियों के राजा आलू की बर्बादी रुक गई। बाजारों में मांग बढ़ने के साथ भाव तेज हो गया। किसानों के साथ ही कोल्ड स्टोरेज संचालकों ने काफी राहत महसूस की।
कम बारिश एवं सूखे जैसे हालात के कारण जिले में आलू उत्पादन का क्षेत्रफल करीब दस हजार हेक्टेयर बढ़ा था। सब्जियों के राजा की पैदावार ठीक होने के साथ ही जिले के कोल्ड स्टोरेज हाउसफुल हो गए। बाजार में ठीक भाव नहीं मिलने के कारण आलू की निकासी करने किसान अगस्त माह तक कोल्ड स्टोरेज नहीं गए। किसानों के बदलते रुख के साथ ही जिले के कोल्ड स्टोरेज संचालकों को चिंता सताने लगी। लेकिन कोल्ड स्टोरेज संचालकों एवं आलू उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर अक्तूबर माह के समाप्त होने के साथ ही आई। बाजार में दालों के भाव के आसमान छूते ही बाजारों में आलू की मांग तेजी से बढ़ी। आलू की मांग बढ़ने के साथ ही 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने वाले आलू के भाव 500 रुपये से लेकर 600 तक पहुंच गया। जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की ओर से समर्थकों के लिए हर दिन भोजन की व्यवस्था में आलू का खूब प्रयोग हुआ। कुछ प्रत्याशियों ने प्रधानी के चुनाव के लिए अभी से पुराने आलू की बुकिंग तक करा दी। यही कारण रहा कि सब्जियों के राजा आलू के भाव एक बार फिर बढ़ गए।
पंचायत चुनाव एवं दाल के बढ़े भाव ने आलू की बर्बादी को रोक लिया। वर्तमान में आलू का भाव 550 से लेकर 600 रुपया तक प्रति क्विंटल है। अब मात्र 25 प्रतिशत आलू कोल्ड में है।
विज्ञापन
बलजीत सिंह
जिला उद्यान अधिकारी फीरोजाबाद।
विज्ञापन
कम बारिश एवं सूखे जैसे हालात के कारण जिले में आलू उत्पादन का क्षेत्रफल करीब दस हजार हेक्टेयर बढ़ा था। सब्जियों के राजा की पैदावार ठीक होने के साथ ही जिले के कोल्ड स्टोरेज हाउसफुल हो गए। बाजार में ठीक भाव नहीं मिलने के कारण आलू की निकासी करने किसान अगस्त माह तक कोल्ड स्टोरेज नहीं गए। किसानों के बदलते रुख के साथ ही जिले के कोल्ड स्टोरेज संचालकों को चिंता सताने लगी। लेकिन कोल्ड स्टोरेज संचालकों एवं आलू उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर अक्तूबर माह के समाप्त होने के साथ ही आई। बाजार में दालों के भाव के आसमान छूते ही बाजारों में आलू की मांग तेजी से बढ़ी। आलू की मांग बढ़ने के साथ ही 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकने वाले आलू के भाव 500 रुपये से लेकर 600 तक पहुंच गया। जिला पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के चुनाव के दौरान प्रत्याशियों की ओर से समर्थकों के लिए हर दिन भोजन की व्यवस्था में आलू का खूब प्रयोग हुआ। कुछ प्रत्याशियों ने प्रधानी के चुनाव के लिए अभी से पुराने आलू की बुकिंग तक करा दी। यही कारण रहा कि सब्जियों के राजा आलू के भाव एक बार फिर बढ़ गए।
विज्ञापन
पंचायत चुनाव एवं दाल के बढ़े भाव ने आलू की बर्बादी को रोक लिया। वर्तमान में आलू का भाव 550 से लेकर 600 रुपया तक प्रति क्विंटल है। अब मात्र 25 प्रतिशत आलू कोल्ड में है।
विज्ञापन
बलजीत सिंह
जिला उद्यान अधिकारी फीरोजाबाद।