फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   health,tyfide

डायरिया और टाइफाइड का बढ़ा प्रकोप, मेडिसिन और बच्चा वार्ड मरीजों से फुल

Mon, 11 Apr 2022 11:39 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
health,tyfide
डायरिया और टाइफाइड का बढ़ा प्रकोप, मेडिसिन और बच्चा वार्ड मरीजों से फुल
विज्ञापन

थोड़ा सुधार होने पर ही डिस्चार्ज कर दिए जा रहे, चिकित्सक बोले- पेट संबंधी बीमारी में लापरवाही पड़ सकती है भारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ने से बच्चों के साथ ही बड़े भी बीमार हो रहे हैं। सरकारी-निजी अस्पतालों में टायफाइड और डायरिया आदि बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में अन्य दिनों की अपेक्षा ओपीडी में करीब डेढ़ गुना मरीज अधिक पहुंचे। मेडिसिन और बाल रोग विभाग के वार्ड फुल हैं। संसाधनों के अभाव में बच्चा वार्ड में कुछ बेड पर दो बच्चे भी भर्ती मिले। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए थोड़ी राहत पर ही दवा और सलाह देकर छुट्टी दे दी जा रही है।
पिछले सप्ताह में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या 900 से 1053 प्रतिदिन के आसपास थी। सोमवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में 1510 मरीज पहुंचे। इसमें से बाल रोग विभाग में 310 और मेडिसन में 330 मरीजों ने चिकित्सकों से परामर्श लिया। जरूरी होने पर गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया गया। मेडिसन वार्ड में सभी 70 बेड फुल हैं। बाल रोग विभाग के 30 बेड पर 35 मरीज भर्ती हैं। भर्ती मरीजों में अधिकांश टाइफाइड और डायरिया, पेट दर्द से पीड़ित हैं। वहीं ओपीडी में भी इन बीमारियों से जुड़े लोगोें की संख्या अधिक रही। सीएमएस डॉ. श्याम मोहन गुप्ता ने बताया कि बाल रोग विभाग और मेडिसन विभाग में मरीज बढ़ गए हैं। इनमें अधिकांश गर्मी से होने वाली बीमारियों से ग्रसित हैं। डायरिया, वायरल बुखार, पेट दर्द और त्वचा संबंधी समस्या से जुड़े केस अधिक आ रहे हैं।
विज्ञापन

टाइफाइड के लक्षण
- सिर में दर्द बना रहता है।
- शरीर में दर्द, कमजोरी के साथ दस्त।
- 102 से 104 डिग्री तक बुखार।
- बड़े बच्चों में कब्ज, छोटों में दस्त भी हो सकता है।
टाइफॉइड से ऐसे करें बचाव
- हाथों की साफ-सफाई का ख्याल रखें। खाना खाने से पहले और वॉशरूम से आने के बाद हाथों को साबुन से धोएं। स्ट्रीट फूड से परहेज करें। यहां टाइफॉइड बैक्टीरिया के पनपने की संभावना अधिक होती है। घ र के बर्तनों को साफ-स्वच्छ पानी से धोएं। घर का बना ताजा और गर्म खाना खाएं, क्योंकि उच्च तापमान में बैक्टीरिया के बढ़ने की संभावना कम हो जाती है। कच्ची सब्जी, फल खाने और दूषित पानी पीने से बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन

डायरिया होने के कारण
खाने-पीने की चीजों में प्रदूषण, उनका बांसी या खराब होना। बच्चों में डायरिया होने की बड़ी वजह स्तनपान के दौरान साफ सफाई नहीं होना। बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल करना। कटे हुए और खुले में रखे फल खाना एसी, कूलर वाले कमरे में से सीधे धूप में निकलना। रोटा वायरस का संक्रमण होना। धूप से लौटकर आते ही तत्काल पानी पीना। बच्चों में मिलावटी दूध से पाचन शक्ति कमजोर होना। शरीर में पानी की कमी होना।
डायरिया से ऐसे करें बचाव
इससे बचने का सबसे उपयुक्त तरीका साफ पानी पीना है। डायरिया में बच्चों को उबला हुआ पानी देना ज्यादा फायदेमंद है। बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल से बचें। साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखें। शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं। पेट में दर्द की समस्या हो तो बिना देर करे चिकित्सक से सलाह लें।
ऐसे करें मौसम की बीमारियों से बचाव
बाल शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम भाटिया ने बताया कि उल्टी और दस्त होने पर छोटे बच्चों को शीघ्र ही ओआरएस का घोल पिलाएं। बांसी खाना और तली हुई चीजों का कम प्रयोग करें। घर का ताजा भोजन खाएं। गर्मी में लू से बचने के लिए छाते, टोपी व रुमाल का प्रयोग करें। नींबू, प्याज, मौसमी, संतरा, शरबत एवं ताजे फलों का रस पीएं। बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।

क्या कहते हैं मरीज
परिवार के दो बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं। वार्ड में बेड खाली नहीं था तो दोनों को एक ही बेड पर भर्ती कर दिया है। चिकित्सक दोनों का उपचार कर रहे हैं।
- मीना, भीमनगर
बेटा चार दिन से डायरिया से पीड़ित है। बुखार आ रहा है। पूरा आराम नहीं मिला फिर भी डॉक्टर ने छुट्टी कर दी है। हमारे पास आयुष्मान कार्ड है। निजी अस्पताल ले जाएंगे।
- नीलम, हिमांयूपुर
बेटा डायरिया से पीड़ित है। तीन दिन से अस्पताल में उपचार करा रहे हैं अभी आराम नहीं मिला है।
- दीपिका, आंबेडकर पार्क
बेटा का पेट फूलने के साथ दर्द है। दवा से आराम नहीं मिल रहा। डॉक्टर भी कुछ बता रही रहे हैं।
- आशा, बाजिदपुर
अस्पताल में मरीजों के आंकड़े
तारीख कुल मरीज बाल रोग विभाग मेडिसन विभाग
11 अप्रैल -1510 - 310 - 330
09 अप्रैल- 983 - 242- - 230
08 अप्रैल- 1160 - 229- - 280
सात अप्रैल- 1053 - 231- - 260
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed