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ग्रामीणों की बीमारियों पर नजर रखेगा स्वास्थ्य विभाग
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फिरोजाबाद। ग्रामीणों की सेहत का ख्याल अब शासन स्तर से रखा जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम या कोई अन्य बीमारी होती है तो अब उसका रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मरीज के इलाज, मर्ज की पहचान और उसकी रोकथाम की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। इसके लिए इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉरमेशन प्लेटफार्म (आईएचआईपी) शुरू हो रहा है।
इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम की शुरुआत जनपद में होने जा रही है। इस अभियान के तहत जिले में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में नोडल अधिकारी की तैनाती होगी। सभी नौ ब्लॉकों में एक-एक डाटा एंट्री ऑपरेटर रखा जाएगा। सभी ब्लॉकों को कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण दिए जाएंगे। एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉरमेशन प्रोग्राम से किसी भी बीमारी या महामारी का पता तुरंत चल जाएगा। 15 जुलाई के पहले इसे शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। 33 तरह की बीमारियों पर नजर रखी जाएगी।
एएनएम दर्ज करेंगी सूचनाएं
एएनएम सब सेंटर या गांव में विजिट के समय मरीज का नाम, पता, लक्षण एवं अन्य सूचनाएं दर्ज करेंगी। लक्षण के आधार पर मरीज को दवा देंगी। मरीज जब सीएचसी जाएगा तो पोर्टल के माध्यम से चिकित्सक को पता होगा कि मरीज को कब से कौन सी बीमारी है। चिकित्सक अगर जांच कराता है तो उसकी रिपोर्ट भी मरीज के विवरण के साथ पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
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इन बीमारियों पर रहेगी नजर
जुकाम, बुखार, डायरिया, मलेरिया, श्वास से संबंधित बीमारी, निमोनिया, संक्रमण, टाइफाइड, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, चिकन पॉक्स, चेचक, हैजा, पोलियो, संक्रामक बीमारी समेत कुल 33 बीमारियों पर नजर रखी जाएगी।
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इंट्रीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम की शुरुआत जनपद में होने जा रही है। इस अभियान के तहत जिले में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के रूप में नोडल अधिकारी की तैनाती होगी। सभी नौ ब्लॉकों में एक-एक डाटा एंट्री ऑपरेटर रखा जाएगा। सभी ब्लॉकों को कंप्यूटर एवं अन्य उपकरण दिए जाएंगे। एसीएमओ डॉ. प्रताप सिंह ने बताया कि इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉरमेशन प्रोग्राम से किसी भी बीमारी या महामारी का पता तुरंत चल जाएगा। 15 जुलाई के पहले इसे शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। 33 तरह की बीमारियों पर नजर रखी जाएगी।
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एएनएम दर्ज करेंगी सूचनाएं
एएनएम सब सेंटर या गांव में विजिट के समय मरीज का नाम, पता, लक्षण एवं अन्य सूचनाएं दर्ज करेंगी। लक्षण के आधार पर मरीज को दवा देंगी। मरीज जब सीएचसी जाएगा तो पोर्टल के माध्यम से चिकित्सक को पता होगा कि मरीज को कब से कौन सी बीमारी है। चिकित्सक अगर जांच कराता है तो उसकी रिपोर्ट भी मरीज के विवरण के साथ पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
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इन बीमारियों पर रहेगी नजर
जुकाम, बुखार, डायरिया, मलेरिया, श्वास से संबंधित बीमारी, निमोनिया, संक्रमण, टाइफाइड, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, चिकन पॉक्स, चेचक, हैजा, पोलियो, संक्रामक बीमारी समेत कुल 33 बीमारियों पर नजर रखी जाएगी।