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Firozabad News: आंधी के साथ गिरे ओले, आटा चक्की की दीवार ढही, बच्ची समेत दो की मौत
Sat, 10 Oct 2026 12:29 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:29 AM IST
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आटा चक्की का पक्का निर्माण आंधी-ओलावृष्टि के दौरान हुआ धराशाई, इसी में दबने से हुईं दो मौत। संव
- फोटो : आटा चक्की का पक्का निर्माण आंधी-ओलावृष्टि के दौरान हुआ धराशाई, इसी में दबने से हुईं दो मौत। संवाद
जसराना (फिरोजाबाद)। गांव शहदपुर चनारी में शुक्रवार दोपहर बारिश व ओलों से बचने के लिए खेत पर बनी सोलर चालित आटा चक्की में ओट लिए खड़े लोगों पर चक्की के भवन की दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में मलबे के नीचे दबने से एक 8 वर्षीय बालिका और 45 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक मामूली घायल हुआ।
गांव शहदपुर चनारी में खेत में स्थित योगेंद्र की सोलर चालित आटा चक्की के भवन में बारिश व ओलों से बचने के लिए उनके भाई गिरीश बाबू (45), छोटे भाई लोकेंद्र सिंह, लोकेंद्र की 16 वर्षीय पुत्री राधा (11वीं की छात्रा), गांव का छोटू व उसका पिता पप्पू शरण लिए हुए थे। ये लोग खेत पर काम कर रहे थे। राधा से ट्यूशन पढ़ने आई गांव की 8 वर्षीय मासूम तनिष्का पुत्री रवींद्र सिंह भी वहां थी। तभी अचानक आंधी और ओलावृष्टि के झोंके से चक्की भवन की दीवार ढह गई और सभी लोग मलबे के नीचे दब गए।
धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े और मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकाला। तब तक 8 वर्षीय तनिष्का और 45 वर्षीय गिरीश बाबू पुत्र कुमर सिंह की मलबे में दम घुटने व गंभीर चोटों के कारण मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसराना पहुंचाया।
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तीन गंभीर घायल
हादसे में गंभीर रूप से जख्मी लोकेंद्र (45), उनकी पुत्री राधा (16) और छोटू को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने नाजुक हालत देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पप्पू को हल्की चोटें आई हैं। उनको सीएचसी पर उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, मुआवजे का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार अनुराग दुबे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहसीलदार ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण दीवार गिरने से यह हादसा हुआ है। पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी गई है और नियमानुसार आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता व आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
दुखद घटना हुई है। दो लोगों की मृत्यु क सूचना तहसील टीम से मिली है। मृतकों के आश्रितों की नियमानुसार आर्थिक मदद की जाएगी।
- संतोष कुमार शर्मा, डीएम
250 ग्राम तक के ओलों की मार, छतों के टिनशेड उड़े, बाइकों की टंकियां पिचकीं, फसलें चौपट
- जसराना, एका, फरिहा व अरांव में भारी तबाही, खेतों में पकी खड़ी धान, बाजरा व तिलहन की फसलें बिछीं
- पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ने से आपूर्ति ठप, खैरगढ़ में बाल रामलीला का सजा मैदान आंधी में ध्वस्त
फिरोजाबाद। पूरे जिले में शुक्रवार दोपहर ओलावृष्टि-आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और अन्नदाता की कमर तोड़ दी। जसराना तहसील समेत जनपद के एका, फरिहा और अरांव क्षेत्र में कई जगहों पर 250 ग्राम तक के भारी-भरकम ओले गिरे। ओलावृष्टि का वेग इतना भयंकर था कि खुले में खड़ी मोटरसाइकिलों पर ओले गिरते ही उनकी पेट्रोल टंकियां तक पिचक गईं।
तेज आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में दर्जनों मकानों व दुकानों के ऊपर रखे टिनशेड तिनके की तरह उड़ गए। जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़ जाने से जसराना में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। खैरगढ़ की ऐतिहासिक बाल रामलीला के लिए सजाया गया मैदान भी शाम करीब 3:30 बजे आई आंधी-बारिश में अस्त-व्यस्त हो गया।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पककर कटने को तैयार खड़ी धान, बाजरा और तिलहन की फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछ गईं। किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत और लागत पर पानी फिर गया है। पीड़ित किसानों ने डीएम से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राजस्व टीमों को भेजकर सर्वे कराने और क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
सिकंदरपुर में बुजुर्ग की नाक पर गिरा ओला, लगे चार टांके
जसराना। तहसील क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी बुजुर्ग सुरेंद्र सिंह ओलावृष्टि की सीधी चपेट में आने से बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सुरेंद्र सिंह पाढ़म कस्बे में अपने पुत्र राजू की दुकान पर जा रहे थे। तभी अचानक मौसम बदला और आंधी के साथ भारी ओले गिरने लगे। जब तक वह खुद को बचाने के लिए किसी सुरक्षित ठिकाने की ओर भागते, आसमान से गिरा एक भारी-भरकम ओला सीधे उनकी नाक पर आ लगा। ओले के तेज प्रहार से उनकी नाक गंभीर रूप से फट गई और खून बहने लगा। स्थानीय लोग उन्हें आनन-फानन में पाढ़म के निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां घाव गहरा होने के कारण उनकी नाक पर चार टांके लगाने पड़े। संवाद
शिकोहाबाद में जलभराव से आफत
शिकोहाबाद। क्षेत्र में भी शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम के बाद करीब आधे घंटे तक हुई बारिश और ओलावृष्टि से निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद
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गांव शहदपुर चनारी में खेत में स्थित योगेंद्र की सोलर चालित आटा चक्की के भवन में बारिश व ओलों से बचने के लिए उनके भाई गिरीश बाबू (45), छोटे भाई लोकेंद्र सिंह, लोकेंद्र की 16 वर्षीय पुत्री राधा (11वीं की छात्रा), गांव का छोटू व उसका पिता पप्पू शरण लिए हुए थे। ये लोग खेत पर काम कर रहे थे। राधा से ट्यूशन पढ़ने आई गांव की 8 वर्षीय मासूम तनिष्का पुत्री रवींद्र सिंह भी वहां थी। तभी अचानक आंधी और ओलावृष्टि के झोंके से चक्की भवन की दीवार ढह गई और सभी लोग मलबे के नीचे दब गए।
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धमाके और चीख-पुकार की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े और मलबे को हटाकर लोगों को बाहर निकाला। तब तक 8 वर्षीय तनिष्का और 45 वर्षीय गिरीश बाबू पुत्र कुमर सिंह की मलबे में दम घुटने व गंभीर चोटों के कारण मौत हो चुकी थी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसराना पहुंचाया।
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तीन गंभीर घायल
हादसे में गंभीर रूप से जख्मी लोकेंद्र (45), उनकी पुत्री राधा (16) और छोटू को सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने नाजुक हालत देखते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पप्पू को हल्की चोटें आई हैं। उनको सीएचसी पर उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, मुआवजे का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार अनुराग दुबे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तहसीलदार ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के कारण दीवार गिरने से यह हादसा हुआ है। पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी गई है और नियमानुसार आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता व आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
दुखद घटना हुई है। दो लोगों की मृत्यु क सूचना तहसील टीम से मिली है। मृतकों के आश्रितों की नियमानुसार आर्थिक मदद की जाएगी।
- संतोष कुमार शर्मा, डीएम
250 ग्राम तक के ओलों की मार, छतों के टिनशेड उड़े, बाइकों की टंकियां पिचकीं, फसलें चौपट
- जसराना, एका, फरिहा व अरांव में भारी तबाही, खेतों में पकी खड़ी धान, बाजरा व तिलहन की फसलें बिछीं
- पेड़ व बिजली के खंभे उखड़ने से आपूर्ति ठप, खैरगढ़ में बाल रामलीला का सजा मैदान आंधी में ध्वस्त
फिरोजाबाद। पूरे जिले में शुक्रवार दोपहर ओलावृष्टि-आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया और अन्नदाता की कमर तोड़ दी। जसराना तहसील समेत जनपद के एका, फरिहा और अरांव क्षेत्र में कई जगहों पर 250 ग्राम तक के भारी-भरकम ओले गिरे। ओलावृष्टि का वेग इतना भयंकर था कि खुले में खड़ी मोटरसाइकिलों पर ओले गिरते ही उनकी पेट्रोल टंकियां तक पिचक गईं।
तेज आंधी के कारण ग्रामीण इलाकों में दर्जनों मकानों व दुकानों के ऊपर रखे टिनशेड तिनके की तरह उड़ गए। जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल उखड़ जाने से जसराना में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। खैरगढ़ की ऐतिहासिक बाल रामलीला के लिए सजाया गया मैदान भी शाम करीब 3:30 बजे आई आंधी-बारिश में अस्त-व्यस्त हो गया।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में पककर कटने को तैयार खड़ी धान, बाजरा और तिलहन की फसलें पूरी तरह जमीन पर बिछ गईं। किसानों का कहना है कि उनकी सालभर की मेहनत और लागत पर पानी फिर गया है। पीड़ित किसानों ने डीएम से प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राजस्व टीमों को भेजकर सर्वे कराने और क्षतिपूर्ति मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।
सिकंदरपुर में बुजुर्ग की नाक पर गिरा ओला, लगे चार टांके
जसराना। तहसील क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर निवासी बुजुर्ग सुरेंद्र सिंह ओलावृष्टि की सीधी चपेट में आने से बुरी तरह लहूलुहान हो गए। सुरेंद्र सिंह पाढ़म कस्बे में अपने पुत्र राजू की दुकान पर जा रहे थे। तभी अचानक मौसम बदला और आंधी के साथ भारी ओले गिरने लगे। जब तक वह खुद को बचाने के लिए किसी सुरक्षित ठिकाने की ओर भागते, आसमान से गिरा एक भारी-भरकम ओला सीधे उनकी नाक पर आ लगा। ओले के तेज प्रहार से उनकी नाक गंभीर रूप से फट गई और खून बहने लगा। स्थानीय लोग उन्हें आनन-फानन में पाढ़म के निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां घाव गहरा होने के कारण उनकी नाक पर चार टांके लगाने पड़े। संवाद
शिकोहाबाद में जलभराव से आफत
शिकोहाबाद। क्षेत्र में भी शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम के बाद करीब आधे घंटे तक हुई बारिश और ओलावृष्टि से निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। संवाद