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चूड़ियों के कारोबार लागू न हो जीएसटी
Amar Ujala
Updated Sat, 24 Sep 2016 12:52 AM IST
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उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने वित्त मंत्री को पत्र भेजकर उठाई मांग
उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष वीएस गुप्ता ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे पत्र में सुहाग की प्रतीक चूड़ियाें के कारोबार को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष ने कहा है कि भारत वर्ष में सुहाग के प्रतीक के रूप में प्रयोग होने वाली कांच, प्लास्टिक, मेटल व लाख की चूड़ियों का निर्माण भारत के विभिन्न प्रांतों में होता है। जबकि चूड़ियों के उत्पादन में फीरोजाबाद का उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान है। चूड़ियां वर्षों से सभी प्रातों में बिक्री कर, वाणिज्य कर एवं वैट की परिधि से मुक्त हैं। इसकी बिक्री पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं है। जीएसटी के प्रावधानों के तहत प्रस्तावित कर से मुक्त वस्तुओं की सूची में सभी प्रकार की चूड़ियों को शामिल किया जाए। हमारी मांग जीएसटी परिषद में भेजी जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी कांच, मेटल, प्लास्टिक के चूड़ी विक्रेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। डीएम के माध्यम से वित्त मंत्रालय को ज्ञापन भेजा जाएगा। जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी यह मामला उठाया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष वीएस गुप्ता ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे पत्र में सुहाग की प्रतीक चूड़ियाें के कारोबार को जीएसटी की परिधि से बाहर रखने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष ने कहा है कि भारत वर्ष में सुहाग के प्रतीक के रूप में प्रयोग होने वाली कांच, प्लास्टिक, मेटल व लाख की चूड़ियों का निर्माण भारत के विभिन्न प्रांतों में होता है। जबकि चूड़ियों के उत्पादन में फीरोजाबाद का उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान है। चूड़ियां वर्षों से सभी प्रातों में बिक्री कर, वाणिज्य कर एवं वैट की परिधि से मुक्त हैं। इसकी बिक्री पर किसी प्रकार का टैक्स नहीं है। जीएसटी के प्रावधानों के तहत प्रस्तावित कर से मुक्त वस्तुओं की सूची में सभी प्रकार की चूड़ियों को शामिल किया जाए। हमारी मांग जीएसटी परिषद में भेजी जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी कांच, मेटल, प्लास्टिक के चूड़ी विक्रेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। डीएम के माध्यम से वित्त मंत्रालय को ज्ञापन भेजा जाएगा। जनप्रतिनिधियों के समक्ष भी यह मामला उठाया जाएगा।
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