{"_id":"1bd7dda1689d35e6dfd95908444f524d","slug":"giving-a-boost-to-negligence-polythene-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही दे रही पॉलीथिन को बढ़ावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही दे रही पॉलीथिन को बढ़ावा
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 18 Dec 2015 09:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यायालय की सख्ती और प्रदेश सरकार के निर्देश के बावजूद सरकारी अमले की कुंभकरणीय निद्रा भंग नहीं हो रही है। अखिलेश सरकार की कैबिनेट के फैसले पर जिले के आला अधिकारी अब तक नहीं चेते है। जिले में अब तक पॉलीथिन रोकने को अभियान नहीं चलाया है। हाईकोर्ट के आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए अब चंद दिन शेष हैं लेकिन शहर में पॉलीथिन का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है।
बता दें कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश भर में पॉलीथिन पर बैन लगाने का फैसला लिया गया है। यहां तक शादी समारोह में प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के ग्लास और चम्मच पर भी पाबंदी लगाने की बात कही गई है। पॉलीथिन प्रयोग पर छह महीने की सजा और पांच लाख तक जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। इसी क्रम में हाईकोर्ट ने भी 31 दिसंबर के बाद पॉलीथिन को पूर्णत: प्रतिबंधित करने की बात कही है। ऐसे में प्रश्न यह है कि आखिर सुहाग नगरी में पॉलीथिन पर पूर्णतया प्रतिबंध किस तरह लग सकेगा?
बाक्स--
हाईकोर्ट-केंद्र के आदेश का भी नहीं असर
पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधान के तहत केंद्र सरकार द्वारा 40 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन बैग पर पूर्णत: प्रतिबंध है। हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में 31 दिसंबर तक पॉलीथिन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जारी रोक के आदेश के बाद भी पॉलीथिन का प्रयोग कम नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
शासन द्वारा पॉलीथिन पर रोक लगाने के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इसके लिए शहर की जनता में जागरूकता लाने को अभियान चलाया जाएगा। थोक विक्रेताओें पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके बाद भी पॉलीथिन की बिक्री करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
रविंद्र कुमार-सिटी मजिस्ट्रेट
निगम सीमा में पॉलीथिन के प्रयोग पर 100 प्रतिशत रोक लगाई जाएगी। शासन के निर्देशानुसार जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मार्केट में पॉलीथिन जब्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी। पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर भी सख्ती रोक लगाने का कार्य कराया जाएगा।
रामऔतार रमन, नगर आयुक्त।
विज्ञापन
बता दें कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश भर में पॉलीथिन पर बैन लगाने का फैसला लिया गया है। यहां तक शादी समारोह में प्रयोग होने वाले प्लास्टिक के ग्लास और चम्मच पर भी पाबंदी लगाने की बात कही गई है। पॉलीथिन प्रयोग पर छह महीने की सजा और पांच लाख तक जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। इसी क्रम में हाईकोर्ट ने भी 31 दिसंबर के बाद पॉलीथिन को पूर्णत: प्रतिबंधित करने की बात कही है। ऐसे में प्रश्न यह है कि आखिर सुहाग नगरी में पॉलीथिन पर पूर्णतया प्रतिबंध किस तरह लग सकेगा?
विज्ञापन
बाक्स--
हाईकोर्ट-केंद्र के आदेश का भी नहीं असर
पर्यावरण संरक्षण पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधान के तहत केंद्र सरकार द्वारा 40 माइक्रोन से कम की पॉलीथिन बैग पर पूर्णत: प्रतिबंध है। हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में 31 दिसंबर तक पॉलीथिन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के साथ केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा जारी रोक के आदेश के बाद भी पॉलीथिन का प्रयोग कम नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
शासन द्वारा पॉलीथिन पर रोक लगाने के आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इसके लिए शहर की जनता में जागरूकता लाने को अभियान चलाया जाएगा। थोक विक्रेताओें पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसके बाद भी पॉलीथिन की बिक्री करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
रविंद्र कुमार-सिटी मजिस्ट्रेट
निगम सीमा में पॉलीथिन के प्रयोग पर 100 प्रतिशत रोक लगाई जाएगी। शासन के निर्देशानुसार जनता को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। मार्केट में पॉलीथिन जब्त करने के लिए लगातार कार्रवाई की जाएगी। पॉलीथिन प्रयोग करने वालों पर भी सख्ती रोक लगाने का कार्य कराया जाएगा।
रामऔतार रमन, नगर आयुक्त।