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Firozabad News: मत्स्य मंत्री ने यमुना में छोड़ीं 2 लाख मछलियां
Fri, 17 Oct 2025 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 17 Oct 2025 11:51 PM IST
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यमुना नदी में मछलियों के बच्चों को छोड़ते मत्स्य मंत्री डा.संजय निषाद साथ में विभाग के लोग। स्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। प्रदेश के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शुक्रवार यमुना नदी स्थित चंद्रवार घाट पर दो लाख छोटी मछली (अंगुलिकाएं) को छोड़ा। मंत्री ने कहा, यह पहल प्रदेश सरकार द्वारा ‘रिवर हैचिंग’ कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नदी की जैव विविधता को संरक्षित करना और मछुआरा समुदाय के जीवन स्तर को सुधारना है।
मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह पहल मछुआरा समाज की आजीविका में सुधार लाने के लिए है।
नदियों में विभिन्न प्रजाति के मछलियों के बीज को इसलिए छोड़ा जाता है ताकि मछलियों की संख्या और गुणवत्ता में सुधार हो सके। इससे मछली उत्पादन में वृद्धि होगी। नदी की जैव विविधता का संरक्षण हो सकेगा।
मछुआरा समुदाय की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नदी जल की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस दौरान उपनिदेशक मत्स्य डॉ. हरेंद्र प्रसाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य गौरव सिंह, मत्स्य निरीक्षक कौशलेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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फिरोजाबाद। प्रदेश के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शुक्रवार यमुना नदी स्थित चंद्रवार घाट पर दो लाख छोटी मछली (अंगुलिकाएं) को छोड़ा। मंत्री ने कहा, यह पहल प्रदेश सरकार द्वारा ‘रिवर हैचिंग’ कार्यक्रम के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नदी की जैव विविधता को संरक्षित करना और मछुआरा समुदाय के जीवन स्तर को सुधारना है।
मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि प्रदेश सरकार की यह पहल मछुआरा समाज की आजीविका में सुधार लाने के लिए है।
नदियों में विभिन्न प्रजाति के मछलियों के बीज को इसलिए छोड़ा जाता है ताकि मछलियों की संख्या और गुणवत्ता में सुधार हो सके। इससे मछली उत्पादन में वृद्धि होगी। नदी की जैव विविधता का संरक्षण हो सकेगा।
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मछुआरा समुदाय की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। नदी जल की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इस दौरान उपनिदेशक मत्स्य डॉ. हरेंद्र प्रसाद, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य गौरव सिंह, मत्स्य निरीक्षक कौशलेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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