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Firozabad News: कुपोषण के साय में जिले का बचपन, हर तीसरा ठिगने कद का शिकार
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फिरोजाबाद। जिले में पांच साल तक की उम्र के 38.8 फीसदी बच्चों की लंबाई उनकी उम्र के अनुपात में नहीं बढ़ रही है, जबकि 9.4 फीसदी बच्चे ऐसे हैं जिनके वजन और लंबाई का अनुपात गड़बड़ाया हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) की हाल ही में जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। बच्चों का गिरता शारीरिक विकास स्वास्थ्य महकमे के लिए चिंता का विषय बन गया है।
केंद्रीय टीमों ने यह सर्वे वर्ष 2023-24 में किया था। पिछले सर्वे एनएफएचएस-5 (2019-21) के मुकाबले जिले के हालात में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन आंकड़े अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। उस सर्वे में 46.9 फीसदी बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से कम पाई गई थी, जो अब घटकर 38.8 फीसदी रह गई है।
वजन के मोर्चे पर भी स्थिति गंभीर
सर्वे के अनुसार 27.8 फीसदी बच्चे उम्र के हिसाब से कम वजन की श्रेणी में पाए गए हैं, जबकि 1.7 फीसदी बच्चे गंभीर दुबलेपन का शिकार हैं। वहीं 1.3 फीसदी बच्चे मोटापे की चपेट में आ गए हैं।
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9.4% बच्चे सबसे जोखिम भरी श्रेणी में
सर्वे में 9.4 फीसदी बच्चे ऐसे मिले हैं जिनका वजन उनकी लंबाई के अनुपात में बेहद कम है। चिकित्सकों के अनुसार यह श्रेणी सबसे अधिक जोखिम वाली मानी जाती है, हालांकि पिछले सर्वे (9.5%) की तुलना में इसमें मामूली सुधार दर्ज हुआ है।
पांच साल तक के बच्चों के मानक आंकड़े
लड़के
लड़कियां
औसत वजन
लगभग 18.3 किलो (सामान्य रेंज 15.5–20 किलो)
लगभग 18.2 किलो (सामान्य रेंज 14–21 किलो)
औसत लंबाई 109–111 सेमी 105–110 सेमी
आंकड़ों पर एक नजर
संकेतक
एनएफएचएस-6
एनएफएचएस-5
उम्र के हिसाब से कम कद वाले बच्चे 38.8% 46.9%
कद के अनुपात में कम वजन वाले बच्चे 9.4% 9.5%
गंभीर दुबलेपन वाले बच्चे 1.7% 3.8%
उम्र के हिसाब से कम वजन वाले बच्चे 27.8% 25.6%
6-23 माह के बच्चों को पर्याप्त आहार 6.8% 4.3%
डायटीशियन की सलाह
छोटे बच्चों के आहार में दाल, दूध या अन्य उपलब्ध प्रोटीन स्रोत, हरी सब्जियां, मौसमी फल और ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए। छह माह के बाद स्तनपान के साथ उम्र के अनुरूप पूरक आहार देना जरूरी है। बच्चे का वजन और लंबाई नियमित रूप से मापकर उसकी वृद्धि पर नजर रखी जानी चाहिए। लगातार वजन न बढ़ने या बच्चा बहुत दुबला दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
- कीर्ति गुप्ता, डायटीशियन
बाल रोग विशेषज्ञ की राय
बच्चे की लंबाई उम्र के अनुपात में कम रहना लंबे समय से चली आ रही पोषण संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। इसके पीछे पर्याप्त पोषण न मिलना, बार-बार संक्रमण, भोजन से जुड़ी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। केवल वजन देखकर बच्चे के स्वास्थ्य का आकलन नहीं किया जाना चाहिए; उम्र के अनुसार वजन, लंबाई और दोनों के अनुपात की नियमित निगरानी जरूरी है। समय पर जांच करानी चाहिए।
- डॉ. विवेक अग्रवाल, बालरोग विशेषज्ञ
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केंद्रीय टीमों ने यह सर्वे वर्ष 2023-24 में किया था। पिछले सर्वे एनएफएचएस-5 (2019-21) के मुकाबले जिले के हालात में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन आंकड़े अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। उस सर्वे में 46.9 फीसदी बच्चों की लंबाई उम्र के हिसाब से कम पाई गई थी, जो अब घटकर 38.8 फीसदी रह गई है।
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वजन के मोर्चे पर भी स्थिति गंभीर
सर्वे के अनुसार 27.8 फीसदी बच्चे उम्र के हिसाब से कम वजन की श्रेणी में पाए गए हैं, जबकि 1.7 फीसदी बच्चे गंभीर दुबलेपन का शिकार हैं। वहीं 1.3 फीसदी बच्चे मोटापे की चपेट में आ गए हैं।
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9.4% बच्चे सबसे जोखिम भरी श्रेणी में
सर्वे में 9.4 फीसदी बच्चे ऐसे मिले हैं जिनका वजन उनकी लंबाई के अनुपात में बेहद कम है। चिकित्सकों के अनुसार यह श्रेणी सबसे अधिक जोखिम वाली मानी जाती है, हालांकि पिछले सर्वे (9.5%) की तुलना में इसमें मामूली सुधार दर्ज हुआ है।
पांच साल तक के बच्चों के मानक आंकड़े
लड़के
लड़कियां
औसत वजन
लगभग 18.3 किलो (सामान्य रेंज 15.5–20 किलो)
लगभग 18.2 किलो (सामान्य रेंज 14–21 किलो)
औसत लंबाई 109–111 सेमी 105–110 सेमी
आंकड़ों पर एक नजर
संकेतक
एनएफएचएस-6
एनएफएचएस-5
उम्र के हिसाब से कम कद वाले बच्चे 38.8% 46.9%
कद के अनुपात में कम वजन वाले बच्चे 9.4% 9.5%
गंभीर दुबलेपन वाले बच्चे 1.7% 3.8%
उम्र के हिसाब से कम वजन वाले बच्चे 27.8% 25.6%
6-23 माह के बच्चों को पर्याप्त आहार 6.8% 4.3%
डायटीशियन की सलाह
छोटे बच्चों के आहार में दाल, दूध या अन्य उपलब्ध प्रोटीन स्रोत, हरी सब्जियां, मौसमी फल और ऊर्जा से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए। छह माह के बाद स्तनपान के साथ उम्र के अनुरूप पूरक आहार देना जरूरी है। बच्चे का वजन और लंबाई नियमित रूप से मापकर उसकी वृद्धि पर नजर रखी जानी चाहिए। लगातार वजन न बढ़ने या बच्चा बहुत दुबला दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
- कीर्ति गुप्ता, डायटीशियन
बाल रोग विशेषज्ञ की राय
बच्चे की लंबाई उम्र के अनुपात में कम रहना लंबे समय से चली आ रही पोषण संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है। इसके पीछे पर्याप्त पोषण न मिलना, बार-बार संक्रमण, भोजन से जुड़ी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते हैं। केवल वजन देखकर बच्चे के स्वास्थ्य का आकलन नहीं किया जाना चाहिए
- डॉ. विवेक अग्रवाल, बालरोग विशेषज्ञ