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Firozabad News: माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में सादा माल के आर्डर का टोटा
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फोटो 10 माउथ ब्लोइंग इकाईयों में तैयार होने वाले कांच आइटम। संवाद
फिरोजाबाद। निर्यात योग्य सादा कांच आइटमों का निर्माण शहर की माऊथ ब्लोइंग कारखानों होता है। मध्य-पूर्व के खाड़ी देशों में अशांति के कारण कई देशों में कारोबारी हालत पटरी से उतर गए हैं। यही कारण है कि फिरोजाबाद की माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में भी कामकाज धीमा पड़ गया है।
खाड़ी देशों के साथ-साथ दक्षिण एशियाई देशों रूस-यूक्रेन में अशांति का माहौल है। मध्य-पूर्व में चल रही लड़ाई में यूरोपीय संघ के भी कई देश शामिल हैं। यही कारण है कांच कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण देशों फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन और अमेरिकी बाजारों में निर्यात ठप हो गया है। वहीं, निर्यात कारोबार ठप होने का सीधा असर फिरोजाबाद की माऊथ ब्लोइंग इकाइयों पर पड़ रहा है। निर्यातकों की ओर से आर्डर नहीं दिए जाने के कारण माऊथ ब्लोइंग कारखानों में कच्चे माल की उत्पादन प्रक्रिया पटरी से उतर गई है। कांच कारोबारियों की माने तो हालातों में सुधार नहीं होने की स्थिति में कांच कामगारों की सीधे आजीविका प्रभावित होगी।
माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में तैयार होने वाले आइटम-
ग्लास, कटोरी, फ्लॉवर पॉट,कांच की रिफिल,जग,विभिन्न आकार के कांच आइटम,पुटिंग, बाउल आदि।
इन देशों में कांच निर्यात पर लगे ब्रेक-
-अरब लीग, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील, बैल्जियम, स्पेन, इटली के साथ ही अमेरिका के वाशिंगटन, शिकागो और डलास आदि में कांच आइटमों के निर्यात पर अस्थाई ब्रेक लग गए हैं।
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कारोबारी-निर्यातकों की बात-
कई देशों के ग्राहकों से कारोबारी संपर्क टूटा हुआ है। आर्डर फाइनल नहीं होने के कारण कच्चे माल तैयार कराना भी जोखिम भरा है। आर्डर नहीं होने के कारण माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में काम देरी से लगने की आशंका है।
मुकेश बंसल टोनी कांच उद्यमी
स्थिति सामान्य होने का इंतजार है। इसके बाद ही कारोबारी हालत सामान्य होंगें। युद्ध की हालातों में माल विदेशी ग्राहक आर्डरों के लिए संपर्क नहीं कर रहे।
सरवर हुसैन कांच निर्यातक
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खाड़ी देशों के साथ-साथ दक्षिण एशियाई देशों रूस-यूक्रेन में अशांति का माहौल है। मध्य-पूर्व में चल रही लड़ाई में यूरोपीय संघ के भी कई देश शामिल हैं। यही कारण है कांच कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण देशों फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन और अमेरिकी बाजारों में निर्यात ठप हो गया है। वहीं, निर्यात कारोबार ठप होने का सीधा असर फिरोजाबाद की माऊथ ब्लोइंग इकाइयों पर पड़ रहा है। निर्यातकों की ओर से आर्डर नहीं दिए जाने के कारण माऊथ ब्लोइंग कारखानों में कच्चे माल की उत्पादन प्रक्रिया पटरी से उतर गई है। कांच कारोबारियों की माने तो हालातों में सुधार नहीं होने की स्थिति में कांच कामगारों की सीधे आजीविका प्रभावित होगी।
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माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में तैयार होने वाले आइटम-
ग्लास, कटोरी, फ्लॉवर पॉट,कांच की रिफिल,जग,विभिन्न आकार के कांच आइटम,पुटिंग, बाउल आदि।
इन देशों में कांच निर्यात पर लगे ब्रेक-
-अरब लीग, फ्रांस, जर्मनी, अमेरिका, ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील, बैल्जियम, स्पेन, इटली के साथ ही अमेरिका के वाशिंगटन, शिकागो और डलास आदि में कांच आइटमों के निर्यात पर अस्थाई ब्रेक लग गए हैं।
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कारोबारी-निर्यातकों की बात-
कई देशों के ग्राहकों से कारोबारी संपर्क टूटा हुआ है। आर्डर फाइनल नहीं होने के कारण कच्चे माल तैयार कराना भी जोखिम भरा है। आर्डर नहीं होने के कारण माऊथ ब्लोइंग इकाइयों में काम देरी से लगने की आशंका है।
मुकेश बंसल टोनी कांच उद्यमी
स्थिति सामान्य होने का इंतजार है। इसके बाद ही कारोबारी हालत सामान्य होंगें। युद्ध की हालातों में माल विदेशी ग्राहक आर्डरों के लिए संपर्क नहीं कर रहे।
सरवर हुसैन कांच निर्यातक