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Firozabad News: कहानी में झोल, तत्कालीन प्राचार्य के बोल... 'मेरे संज्ञान में नहीं थी चोरी की बात'

Fri, 12 Dec 2025 01:54 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 12 Dec 2025 01:54 AM IST
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firozabad news marksheet case
फोटो 4, कमलेश बाबू, तत्कालीन डायट प्राचार्य
फिरोजाबाद। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षक संस्थान (डायट) में विशिष्ट बीटीसी की मूल अंकतालिकाओं की कथित चोरी का मामला अब एक बड़े विरोधाभास में उलझ गया है। यह मामला डायट प्रशासन की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि तत्कालीन प्राचार्य कमलेश बाबू के हस्ताक्षर वाली जिस कथित तहरीर को चोरी का आधार बताया जा रहा है, उसे ही तत्कालीन डायट प्राचार्य ने सिरे से नकार दिया है।
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सेवानिवृत्त और कानपुर में निवास कर रहे तत्कालीन डायट प्राचार्य कमलेश बाबू ने स्पष्ट कहा है कि उनके कार्यकाल में विशिष्ट बीटीसी (1999, 2004, 2007 और 2008 बैच) की किसी अंकतालिका या प्रगणक (रिकॉर्ड) के चोरी होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी और न ही मैंने अंकतालिका के संबंध में कोई तहरीर पुलिस को दी थी। तत्कालीन प्राचार्य के इस बयान के बाद डायट प्रशासन के दावों की हवा निकल गई है। अब सवाल वर्तमान अधिकारियों पर खड़ा हो गया है।
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तहरीर में गोलमाल

डायट प्रशासन ने पहले 24 जून 2024 की तहरीर का हवाला दिया, फिर 24 जून 2023 की एक कथित तहरीर सार्वजनिक की। लेकिन इसमें कहीं भी अंकतालिकाओं की चोरी का जिक्र ही नहीं था। इसके चलते जिस दस्तावेज को डायट प्रशासन अपने बचाव के लिए पेश कर रहा था, वही उसकी कहानी को झूठा साबित कर रहा है।
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चुप्पी खड़े कर रही सवाल, कहीं फर्जी शिक्षक कनेक्शन तो नहीं

यह पूरा मामला अब किसी बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रहा है। शिक्षक ही सवाल खड़ा कर रहे हैं कि जब कहानी में इतने सारे झोल सामने आ रहे हैं, तो प्रशासन मामले को गंभीरता से क्यों नहीं ले रहा है। जिले में एसआइटी जांचों में पहले ही 200 से अधिक फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। माना जा रहा है कि अंकतालिकाओं का गायब होना और विरोधाभासी बयान देना यह संकेत देता है कि यह पूरा प्रकरण किसी को लाभ पहुंचाने या फर्जी शिक्षकों के नेटवर्क को बचाने के लिए रचा गया है। यदि प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच करवाता है, तो फर्जी शिक्षक भर्ती के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
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