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अमर उजाला अभियान: संचारी रोग नियंत्रण अभियान में अपना ही आंगन साफ नहीं कर पाया स्वास्थ्य
Sat, 05 Sep 2020 12:31 AM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:31 AM IST
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जिला अस्पताल के पीछे भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला
फिरोजाबाद। संचारी रोग नियंत्रण अभियान जिले में चलाया जरूर, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अपने आंगन की ही साफ नहीं कर पाया। मेडिकल कॉलेज परिसर में अब भी गड्ढों में गंदा पानी भरा हुआ है। जगह-जगह गंदगी का आलम है। चिकित्सक और चित्साकर्मियों से आवास गंदगी से घिरे हुए हैं। मच्छरों का प्रकोप भी है। अमर उजाला ने इस अभियान के तहत यहां का हाल देखा तो हाल बेहाल नजर आए।
मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव के बीच मच्छरों का प्रकोप है। चिकित्साकर्मियों के आवासों के आसपास बनी नालियां चोक पड़ी हैं। उनकी सफाई चंदा कर प्राइवेट कर्मचारी से कराई जाती है। आवासों के पीछे लगे गदंगी के ढेर और आवासों के सामने भरा बारिश के पानी से दुर्गंध उठती है। परिसर में बने ट्रॉमा सेंटर के सामने का मैदान भी जलमग्न है। उसमें घास जमी है।
पार्क के किनारे नगर निगम का डस्टबिन तो रखा है, लेकिन उसमें कूड़ा न डलकर सड़क किनारे ढेर लगे हुए हैं। यहां से मरीज, तीमारदार, स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ उनके परिवारीजन भी गुजरते है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का अस्पताल परिसर में फैली गदंगी और पानी की निकासी की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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रास्ते में गड्ढे, हिचकोले खाते हैं वाहन
मेडिकल कॉलेज परिसर की सड़कें भी काफी जर्जर हैं। सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर हुआ है। लोगों के निकलने के लिए रास्ता नहीं है। ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को लाने वाली एंबुलेंस हिचकोले खाती है। सैकड़ों की संख्या में मरीज ऑटो रिक्शा और रिक्शा से आते हैं। ट्रॉमा सेंटर से ओपीडी की ओर जाने वाले रास्ते पर इतने गड्ढे हैं कि पटलने का खतरा रहता है।
अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। हर तरफ गदंगी है व मच्छरों का प्रकोप है। नींद नहीं आती। गदंगी और मच्छरों के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां फैलने लगी हैं। शरीर में दाने निकलने हैं। आनंद मोहन दक्ष, स्वास्थ्यकर्मी।
जर्जर सड़कें और उसमें भरे पानी के कारण पैदल निकलना दुश्वार हो रहा है। गंदगी के कारण कैंपस में बने आवासों में रहने से दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दिनों में होती है। डॉ. शशी कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ
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मेडिकल कॉलेज परिसर में जलभराव के बीच मच्छरों का प्रकोप है। चिकित्साकर्मियों के आवासों के आसपास बनी नालियां चोक पड़ी हैं। उनकी सफाई चंदा कर प्राइवेट कर्मचारी से कराई जाती है। आवासों के पीछे लगे गदंगी के ढेर और आवासों के सामने भरा बारिश के पानी से दुर्गंध उठती है। परिसर में बने ट्रॉमा सेंटर के सामने का मैदान भी जलमग्न है। उसमें घास जमी है।
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पार्क के किनारे नगर निगम का डस्टबिन तो रखा है, लेकिन उसमें कूड़ा न डलकर सड़क किनारे ढेर लगे हुए हैं। यहां से मरीज, तीमारदार, स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ उनके परिवारीजन भी गुजरते है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का अस्पताल परिसर में फैली गदंगी और पानी की निकासी की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
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रास्ते में गड्ढे, हिचकोले खाते हैं वाहन
मेडिकल कॉलेज परिसर की सड़कें भी काफी जर्जर हैं। सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर हुआ है। लोगों के निकलने के लिए रास्ता नहीं है। ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को लाने वाली एंबुलेंस हिचकोले खाती है। सैकड़ों की संख्या में मरीज ऑटो रिक्शा और रिक्शा से आते हैं। ट्रॉमा सेंटर से ओपीडी की ओर जाने वाले रास्ते पर इतने गड्ढे हैं कि पटलने का खतरा रहता है।
अस्पताल परिसर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। हर तरफ गदंगी है व मच्छरों का प्रकोप है। नींद नहीं आती। गदंगी और मच्छरों के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां फैलने लगी हैं। शरीर में दाने निकलने हैं। आनंद मोहन दक्ष, स्वास्थ्यकर्मी।
जर्जर सड़कें और उसमें भरे पानी के कारण पैदल निकलना दुश्वार हो रहा है। गंदगी के कारण कैंपस में बने आवासों में रहने से दिक्कत हो रही है। सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दिनों में होती है। डॉ. शशी कुमार, हड्डी रोग विशेषज्ञ