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Firozabad News: ऑनलाइन गेमिंग व सट्टे की लत में क्रेडिट अधिकारी ने चुराया था 5.5 करोड़ का सोना, गिरफ्तार
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फिरोजाबाद। ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत के चलते क्रेडिट अधिकारी ने बैंक ऑफ इंडिया की गांव भरौल शाखा से 5.50 करोड़ रुपये का सोना गायब किया था। पुलिस ने बृहस्पतिवार को मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार, तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव और स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
घेराबंदी कर घिरोर बाईपास तिराहे से पकड़े गए मुख्य आरोपी क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार ने पुलिस पूछताछ में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत की बात कबूल की है। कहा कि इसी लत के चलते अप्रैल 2025 से बैंक की तिजोरी से सोना चुराना शुरू किया था। गोल्ड लोन के एवज में ग्राहकों की ओर से रखा गया करीब 5.5 किलो सोना वह तिजोरी से निकाल चुका है, जिसकी कीमत 5.50 करोड़ से अधिक है। खास बात यह है कि दिलीप सोने को बेचने के बजाय उसे अन्य बैंकों में गिरवी रखकर पैसा उठाता था और ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा खेलता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक करधनी और एक जोड़ी दस्ती बरामद की है।
दिलीप ने पुलिस को बताया कि बैंक की तिजोरी डबल लॉक कॉम्बिनेशन से खुलती थी। उसके पास तिजोरी की एक चाबी रहती थी। उसने तत्कालीन प्रबंधक संदीप यादव और स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार को भरोसे में लिया। नियमों के विपरीत उनकी चाबी अपने पास रख ली और धीरे-धीरे 96 पैकेट सोना गायब कर दिया।
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बॉक्स
मुख्य आरोपी दिलीप इटावा का रहने वाला
गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिलीप कुमार इटावा के बासगांव का रहने वाला है। वहीं, तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव शिकोहाबाद की प्रोफेसर कॉलोनी और स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार हाथरस के सादाबाद स्थित रायपुरा करकौली के रहने वाले हैं।
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घेराबंदी कर घिरोर बाईपास तिराहे से पकड़े गए मुख्य आरोपी क्रेडिट अधिकारी दिलीप कुमार ने पुलिस पूछताछ में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी की लत की बात कबूल की है। कहा कि इसी लत के चलते अप्रैल 2025 से बैंक की तिजोरी से सोना चुराना शुरू किया था। गोल्ड लोन के एवज में ग्राहकों की ओर से रखा गया करीब 5.5 किलो सोना वह तिजोरी से निकाल चुका है, जिसकी कीमत 5.50 करोड़ से अधिक है। खास बात यह है कि दिलीप सोने को बेचने के बजाय उसे अन्य बैंकों में गिरवी रखकर पैसा उठाता था और ऑनलाइन गेमिंग व सट्टा खेलता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई एक करधनी और एक जोड़ी दस्ती बरामद की है।
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दिलीप ने पुलिस को बताया कि बैंक की तिजोरी डबल लॉक कॉम्बिनेशन से खुलती थी। उसके पास तिजोरी की एक चाबी रहती थी। उसने तत्कालीन प्रबंधक संदीप यादव और स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार को भरोसे में लिया। नियमों के विपरीत उनकी चाबी अपने पास रख ली और धीरे-धीरे 96 पैकेट सोना गायब कर दिया।
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मुख्य आरोपी दिलीप इटावा का रहने वाला
गिरफ्तार मुख्य आरोपी दिलीप कुमार इटावा के बासगांव का रहने वाला है। वहीं, तत्कालीन शाखा प्रबंधक संदीप यादव शिकोहाबाद की प्रोफेसर कॉलोनी और स्टाफ अधिकारी नरेश कुमार हाथरस के सादाबाद स्थित रायपुरा करकौली के रहने वाले हैं।