{"_id":"603532b18ebc3ee91526537d","slug":"firozabad-news-agr481883254","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई आबादी व मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के लोग झेल रहे है गदंगी का दंश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई आबादी व मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के लोग झेल रहे है गदंगी का दंश
विज्ञापन
फिरोजाबाद। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम पर सरकार हर माह दो करोड़ से अधिक रुपये खर्च कर रही है। इसके बाद भी शहर की गलियों में कूड़ा उठान तक नहीं हो पा रहा। शहर के जनप्रतिनिधियों के इलाके तो चमकते हैं, लेकिन अल्पसंख्यक बाहुल्य इलाकों की की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है।
सुहागनगरी स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के लिए तैयारी कर रही है। फिर भी शहर के अधिकांश मोहल्लों में जहां गदंगी के ढेर लगे रहते है। बारिश के मौसम में भी कई मार्गों पर जलभराव लोगों की मुसीबतें बढ़ाता है। पानी की निकासी और साफ सफाई की मांग को लेकर जनता नगर निगम पहुंचती है। लेकिन अधिकारी उनकी बात को नजरअंदाज कर देते हैं। शहर के सार्वजनिक स्थानों पर रखे कूड़ेदान भी जनता के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इन कूड़ेदानों से समय से कूड़े का उठान न होने के कारण इसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों परेशान रहते हैं। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है।
इन क्षेत्रों में लगे हैं गदंगी के ढेर
रामगढ़ रोड़, अब्बास नगर, छपरिया, ऊर्दूनगर, नगला पचिया नई आबादी, हसमत नगर, आसफाबाद सर्विस रोड के साथ अन्य मोहल्लें भी शामिल है। जहां खाली प्लॉट के साथ-साथ सड़कों पर भी कूड़े के ढेर लगे रहते है।
विज्ञापन
283 मीट्रिक टन निकलता है कूड़ा
शहर की करीब सात लाख की आबादी के बीच शहर से प्रतिदिन 283 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसको चनौरा स्थित खत्ताघर पर डंप करने की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की गई है। वहीं शहर के करीब 40 स्थानों पर कूड़ेदान रखे हैं। जहां गली मोहल्लों से निकलने वाले कूड़े को एकत्रित किया जाता है।
-नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या- सात लाख
2025 है सफाई कर्मचारियों की संख्या
करीब 80 वाहन सफाई व्यवस्था में लगे हैं
एनजीओ द्वारा 15 वार्डों से उठाया जा रहा है कूड़ा
55 वार्डों से नगर निगम के कर्मचारी उठा रहे है कूड़ा
दो करोड़ रुपये नगर निगम स्वच्छता पर हर माह कर रहा खर्च
कूड़े उठान के एक घर से 30 रुपये तथा कॉमर्शियल रेट है अलग
शहर के सभी वार्डों में प्रतिदिन सफाई कराई जाती है। साफ सफाई के बाद भी लोग कूड़ा-कचरा सड़क पर फेंक देते है। जिससे गदंगी हो जाती है। कुछ स्थानों को कूड़ा विलोपित क्षेत्र घोषित करते हुए बिलबोर्ड लगा दिए गए है। जिससे शहर स्वच्छ रहे। -दलवीर सिंह जेडएसओ नगर निगम
विज्ञापन
सुहागनगरी स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के लिए तैयारी कर रही है। फिर भी शहर के अधिकांश मोहल्लों में जहां गदंगी के ढेर लगे रहते है। बारिश के मौसम में भी कई मार्गों पर जलभराव लोगों की मुसीबतें बढ़ाता है। पानी की निकासी और साफ सफाई की मांग को लेकर जनता नगर निगम पहुंचती है। लेकिन अधिकारी उनकी बात को नजरअंदाज कर देते हैं। शहर के सार्वजनिक स्थानों पर रखे कूड़ेदान भी जनता के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं। इन कूड़ेदानों से समय से कूड़े का उठान न होने के कारण इसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों परेशान रहते हैं। इससे बीमारियों के फैलने का खतरा भी बना रहता है।
विज्ञापन
इन क्षेत्रों में लगे हैं गदंगी के ढेर
रामगढ़ रोड़, अब्बास नगर, छपरिया, ऊर्दूनगर, नगला पचिया नई आबादी, हसमत नगर, आसफाबाद सर्विस रोड के साथ अन्य मोहल्लें भी शामिल है। जहां खाली प्लॉट के साथ-साथ सड़कों पर भी कूड़े के ढेर लगे रहते है।
विज्ञापन
283 मीट्रिक टन निकलता है कूड़ा
शहर की करीब सात लाख की आबादी के बीच शहर से प्रतिदिन 283 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। इसको चनौरा स्थित खत्ताघर पर डंप करने की व्यवस्था नगर निगम द्वारा की गई है। वहीं शहर के करीब 40 स्थानों पर कूड़ेदान रखे हैं। जहां गली मोहल्लों से निकलने वाले कूड़े को एकत्रित किया जाता है।
-नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या- सात लाख
2025 है सफाई कर्मचारियों की संख्या
करीब 80 वाहन सफाई व्यवस्था में लगे हैं
एनजीओ द्वारा 15 वार्डों से उठाया जा रहा है कूड़ा
55 वार्डों से नगर निगम के कर्मचारी उठा रहे है कूड़ा
दो करोड़ रुपये नगर निगम स्वच्छता पर हर माह कर रहा खर्च
कूड़े उठान के एक घर से 30 रुपये तथा कॉमर्शियल रेट है अलग
शहर के सभी वार्डों में प्रतिदिन सफाई कराई जाती है। साफ सफाई के बाद भी लोग कूड़ा-कचरा सड़क पर फेंक देते है। जिससे गदंगी हो जाती है। कुछ स्थानों को कूड़ा विलोपित क्षेत्र घोषित करते हुए बिलबोर्ड लगा दिए गए है। जिससे शहर स्वच्छ रहे। -दलवीर सिंह जेडएसओ नगर निगम