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फिरोजाबाद : जांच में 30 नमूने फेल, रंग से चावल को बासमती बनाकर बेचा जा रहा था
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टूंडला के नगला बीच में किराना स्टोर की दुकान पर जांच करते अभिहित अधिकारी सुनील कुमार।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की फूड सेफ्टी वैन जिले में दो दिन के भ्रमण पर रही। दूसरे दिन टीम नगला बीच स्थित जवाहरलाल इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं को शुद्ध खाद्य पदार्थों के प्रति जागरूक करने पहुंची। यहां जागरूक हुए विद्यार्थियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों से बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थों के बिकने की शिकायत की।
टीम ने बाजार में अभियान चलाया तो विक्रेताओं में खलबली मच गई। टीम ने 60 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित कर फूड सेफ्टी वैन प्रयोगशाला में जांच कराई। इसमें 30 खाद्य पदार्थों में मिलावट होने की पुष्टि की। दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन ने फूड सेफ्टी वैन के माध्यम गिरधारी इंटर कॉलेज और जवाहर इंटर कॉलेज के प्रांगण में विद्यार्थियों को मिलावट जांचने के गुर सिखाए। साथ ही विद्यालय से पता चला कि नगला बीच में बिकने वाले समान की गुणवत्ता ठीक नहीं है। सहायक आयुक्त खाद्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुंवर के साथ मार्केट चेकिंग कराई। साथ ही साथ लोगों के रजिस्ट्रेशन लाइसेंस भी चेक किए। कई दुकानों के दुकानदार शटर गिराकर भाग गए।
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वैन से जांच कराए गए खाद्य पदार्थों में पाया कि चावल को रंग कर बासमती बनाकर बेचा जा रहा था। काले नमक में काला रंग, चायपत्ती में रंग, गुड़ में स्टार्च की मिलावट पाई गई। आटे के पैकेट की जांच की गई तो उसमें खड्डी की मिलावट देखकर अफसर भी चौंक गए। मसाले की पैकिंग दो साल पुरानी पाई गई, जिन्हें टीम ने नष्ट कराया। साथ ही 12 विक्रेताओं को नोटिस जारी किया। टीम में खाद्य निरीक्षक अरविंद, उमेश कुमार, सुनील शर्मा, मुकेश शर्मा शामिल रहे।
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टीम ने बाजार में अभियान चलाया तो विक्रेताओं में खलबली मच गई। टीम ने 60 खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित कर फूड सेफ्टी वैन प्रयोगशाला में जांच कराई। इसमें 30 खाद्य पदार्थों में मिलावट होने की पुष्टि की। दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन ने फूड सेफ्टी वैन के माध्यम गिरधारी इंटर कॉलेज और जवाहर इंटर कॉलेज के प्रांगण में विद्यार्थियों को मिलावट जांचने के गुर सिखाए। साथ ही विद्यालय से पता चला कि नगला बीच में बिकने वाले समान की गुणवत्ता ठीक नहीं है। सहायक आयुक्त खाद्य डॉक्टर सुधीर कुमार सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुंवर के साथ मार्केट चेकिंग कराई। साथ ही साथ लोगों के रजिस्ट्रेशन लाइसेंस भी चेक किए। कई दुकानों के दुकानदार शटर गिराकर भाग गए।
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वैन से जांच कराए गए खाद्य पदार्थों में पाया कि चावल को रंग कर बासमती बनाकर बेचा जा रहा था। काले नमक में काला रंग, चायपत्ती में रंग, गुड़ में स्टार्च की मिलावट पाई गई। आटे के पैकेट की जांच की गई तो उसमें खड्डी की मिलावट देखकर अफसर भी चौंक गए। मसाले की पैकिंग दो साल पुरानी पाई गई, जिन्हें टीम ने नष्ट कराया। साथ ही 12 विक्रेताओं को नोटिस जारी किया। टीम में खाद्य निरीक्षक अरविंद, उमेश कुमार, सुनील शर्मा, मुकेश शर्मा शामिल रहे।