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Firozabad News: भाजपा सरकार को 2029 में सबक सिखाएंगे किसान
Mon, 07 Oct 2024 12:30 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 07 Oct 2024 12:30 AM IST
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शिकोहाबाद। भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसान विरोधी है। मोदी के तीसरे कार्यकाल में अब तक किसान आयोग का गठन नहीं हुआ है। इतना ही नहीं किसानों के कर्जों को भी सरकार ने माफ नहीं किया है। किसानों की नाराजगी के कारण ही भाजपा सरकार लोकसभा चुनावों में 300 से 240 पर सिमटकर रह गई। यह बात गांव कंथरी में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (भानू) की महापंचायत में राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भानु ने कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ तानाशाही रवैया अपना रही है। पूरे प्रदेश में डीएपी एवं यूरिया की किल्लत है। इस मुद्दे पर सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। सरकार फसलों के बीज तक किसानों को मुहैया नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि आलू की फसल के साथ ही गेहूं की बुवाई होनी है। डीएपी और यूरिया न मिलने से किसान परेशान हैं। भानु ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि किसानों की नाराजगी के कारण ही इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार को 300 में से 240 सीट लेकर ही संतोष करना पड़ा था।
जम्मू-कश्मीर में भी सरकार को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। उनके नलकूप प्रीपेड मीटर से निजात दी जानी चाहिए। साथ ही किसान आयोग का गठन किया जाए। अन्यथा 2029 में सरकार को किसानों की बड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। महापंचायत में ओमवीर सिंह, सीपी सिंह एड, राकेश सोलंकी, प्रशांत, रत्नेश, पवन कुमार समेत तमात किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ तानाशाही रवैया अपना रही है। पूरे प्रदेश में डीएपी एवं यूरिया की किल्लत है। इस मुद्दे पर सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। सरकार फसलों के बीज तक किसानों को मुहैया नहीं करा पा रही है। उन्होंने कहा कि आलू की फसल के साथ ही गेहूं की बुवाई होनी है। डीएपी और यूरिया न मिलने से किसान परेशान हैं। भानु ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि किसानों की नाराजगी के कारण ही इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा सरकार को 300 में से 240 सीट लेकर ही संतोष करना पड़ा था।
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जम्मू-कश्मीर में भी सरकार को हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। उनके नलकूप प्रीपेड मीटर से निजात दी जानी चाहिए। साथ ही किसान आयोग का गठन किया जाए। अन्यथा 2029 में सरकार को किसानों की बड़ी नाराजगी का सामना करना पड़ेगा। महापंचायत में ओमवीर सिंह, सीपी सिंह एड, राकेश सोलंकी, प्रशांत, रत्नेश, पवन कुमार समेत तमात किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे।
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