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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Fri, 03 Mar 2017 12:10 AM IST
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केशव सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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मटसेना थाना क्षेत्र के गांव नगला भाव सिंह निवासी केशव सिंह (40) फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उसने एक स्वयं सहायता समूह से पचास हजार रुपये का कर्ज लिया था, जिसकी किश्त वह नहीं चुका पा रहा था। इसी को आत्महत्या की वजह बताया जा रहा है। मौके पर पहुंची मटसेना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने घटना से अधिकारियों को भी अवगत कराया है।
गुरुवार सुबह केशव की पत्नी पुष्पादेवी अपने तीन वर्षीय बेटे कल्लू को साथ लेकर आलू खोदाई करने के लिए गई थी। पांच वर्षीय पुत्र आदित्य स्कूल गया था। आठ वर्षीय पुत्र गोविंद ननिहाल में ही रहता है। परिवारीजनों ने बताया कि केशव सिंह की तबीयत ठीक न होने के कारण वह घर पर ही था। दोपहर करीब 12 बजे आदित्य स्कूल से घर खाना खाने के लिए पहुंचा तो पिता का शव कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका देखा। सूचना पर पुष्पादेवी भी अपने छोटे पुत्र को लेकर घर आ गई। इस बीच चौकी से पुलिस भी पहुंच गई। शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के छोटे भाई प्रेम सिंह का कहना था कि केशव सिंह ने कर्ज के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
नहीं चुका पा रहा था कर्ज की किश्त
प्रेम सिंह ने बताया कि वह मक्खनपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। उस पर ग्रामीणों का कर्ज हो गया था। इसलिए उसने एक समूह से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। इसकी तीन हजार रुपये प्रतिमाह किश्त भरनी पड़ती थी। नोटबंदी के दौरान काम नहीं मिला तो वह किश्तों को अदा नहीं कर सका। इसके चलते वह कर्ज में बोझ के तले दब गया और इसलिए मानसिक रुप से परेशान भी रहता था। इसी के चलते केशव सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
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होली का त्योहार भी हुआ फीका
शव के साथ पोस्टमार्टम पहुंचे प्रेम सिंह ने बताया कि केशव बड़ा भाई होने के साथ ही वह दूसरे नंबर का है। जबकि तीसरे नंबर का भाई शंकर है। दीपावली पर काम न मिलने के कारण केशव के बच्चों ने दीपावली पर न पटाखे चलाए और न ही उनको मिष्ठान खाने को मिला। ऐसे में होली का त्योहार पर भी रुपयों का इंतजाम न होता देख उसका मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था। केशव के नाम एक बीघा जमीन थी।
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गुरुवार सुबह केशव की पत्नी पुष्पादेवी अपने तीन वर्षीय बेटे कल्लू को साथ लेकर आलू खोदाई करने के लिए गई थी। पांच वर्षीय पुत्र आदित्य स्कूल गया था। आठ वर्षीय पुत्र गोविंद ननिहाल में ही रहता है। परिवारीजनों ने बताया कि केशव सिंह की तबीयत ठीक न होने के कारण वह घर पर ही था। दोपहर करीब 12 बजे आदित्य स्कूल से घर खाना खाने के लिए पहुंचा तो पिता का शव कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका देखा। सूचना पर पुष्पादेवी भी अपने छोटे पुत्र को लेकर घर आ गई। इस बीच चौकी से पुलिस भी पहुंच गई। शव के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक के छोटे भाई प्रेम सिंह का कहना था कि केशव सिंह ने कर्ज के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
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नहीं चुका पा रहा था कर्ज की किश्त
प्रेम सिंह ने बताया कि वह मक्खनपुर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। उस पर ग्रामीणों का कर्ज हो गया था। इसलिए उसने एक समूह से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। इसकी तीन हजार रुपये प्रतिमाह किश्त भरनी पड़ती थी। नोटबंदी के दौरान काम नहीं मिला तो वह किश्तों को अदा नहीं कर सका। इसके चलते वह कर्ज में बोझ के तले दब गया और इसलिए मानसिक रुप से परेशान भी रहता था। इसी के चलते केशव सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
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होली का त्योहार भी हुआ फीका
शव के साथ पोस्टमार्टम पहुंचे प्रेम सिंह ने बताया कि केशव बड़ा भाई होने के साथ ही वह दूसरे नंबर का है। जबकि तीसरे नंबर का भाई शंकर है। दीपावली पर काम न मिलने के कारण केशव के बच्चों ने दीपावली पर न पटाखे चलाए और न ही उनको मिष्ठान खाने को मिला। ऐसे में होली का त्योहार पर भी रुपयों का इंतजाम न होता देख उसका मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा था। केशव के नाम एक बीघा जमीन थी।