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धूमधाम से निकाली संकीर्तन यात्रा
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 27 Nov 2015 05:47 PM IST
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नगर के घोषगृह में आयोजित श्रीश्री हरिनाम मंदिर के स्थापना दिवस पर चार दिवसीय श्रीश्री हरिनाम संकीर्तन महोत्सव का महाभोज के साथ समापन हो गया। संकीर्तन महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने सुबह प्रभातफेरी व रथयात्रा निकालकर नगर भ्रमण किया।
संकीर्तन पाठ के अंतिम दिन सुबह की बेला में प्रभात फेरी व श्रीश्री हरिनाम संकीर्तन रामठाकुरजी की रथयात्रा निकाली गई। जो हरिनाम संकीर्तन मंडल से शुरू होकर अधैत भवन, जीजीआईसी, भारत माता चौक तक गई वहां से पुन: रामलीला मैदान, कोतवाली, बल्देव रोड, मैन मार्केट, दीपा चौराहा, स्टेट बैंक होते हुए बड़े शिव समाधि मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। रथयात्रा में दिल्ली, कोलकाता, मथुरा, भरतपुर व नगर के श्रद्धालु शामिल हुए। रथयात्रा में सबसे आगे श्रद्धालु मार्ग पर झाड़ू लगाते हुए चल रहे थे उसके पीछे पुष्प वर्षा की जा रही थी। महिलाएं पीले वस्त्र धारणकर मंगलगीत गाते हुए चल रही थीं। बैंडबाजे रथयात्रा के आगे मधुर ध्वनि बिखेरते हुए चल रहे थे। रथ पर आरपी सक्सेना गुरु पादिका व जल लेकर विराजमान थे। जिनके रथ को कुछ युवक खींच रहे थे। बड़े शिव समाधि मंदिर में विद्वानों ने प्रवचन दिए। इसके बाद महाभोग का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तों को महाभोग का प्रसाद वितरित किया, जो देर शाम तक जारी रहा। रथयात्रा में गुरुजी, गुरू श्यामानंद चक्रवर्ती, चंदना घोष, सत्यवृत घोष, सुचित्रा घोष, शिवा घोष, सीमा घोष, डा.नित्यानंद घोष, सुष्मिता घोष, हरिमोहन उपाध्याय, डा. बृजपाल पौनियां, डा. राकेश पौनियां, हेमंत पौनियां, डीपी सिंह, संजय पचौरी, रूपक पचौरी, पल्लव मोइत्रा, विनीत राय आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
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संकीर्तन पाठ के अंतिम दिन सुबह की बेला में प्रभात फेरी व श्रीश्री हरिनाम संकीर्तन रामठाकुरजी की रथयात्रा निकाली गई। जो हरिनाम संकीर्तन मंडल से शुरू होकर अधैत भवन, जीजीआईसी, भारत माता चौक तक गई वहां से पुन: रामलीला मैदान, कोतवाली, बल्देव रोड, मैन मार्केट, दीपा चौराहा, स्टेट बैंक होते हुए बड़े शिव समाधि मंदिर पर जाकर समाप्त हुई। रथयात्रा में दिल्ली, कोलकाता, मथुरा, भरतपुर व नगर के श्रद्धालु शामिल हुए। रथयात्रा में सबसे आगे श्रद्धालु मार्ग पर झाड़ू लगाते हुए चल रहे थे उसके पीछे पुष्प वर्षा की जा रही थी। महिलाएं पीले वस्त्र धारणकर मंगलगीत गाते हुए चल रही थीं। बैंडबाजे रथयात्रा के आगे मधुर ध्वनि बिखेरते हुए चल रहे थे। रथ पर आरपी सक्सेना गुरु पादिका व जल लेकर विराजमान थे। जिनके रथ को कुछ युवक खींच रहे थे। बड़े शिव समाधि मंदिर में विद्वानों ने प्रवचन दिए। इसके बाद महाभोग का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भक्तों को महाभोग का प्रसाद वितरित किया, जो देर शाम तक जारी रहा। रथयात्रा में गुरुजी, गुरू श्यामानंद चक्रवर्ती, चंदना घोष, सत्यवृत घोष, सुचित्रा घोष, शिवा घोष, सीमा घोष, डा.नित्यानंद घोष, सुष्मिता घोष, हरिमोहन उपाध्याय, डा. बृजपाल पौनियां, डा. राकेश पौनियां, हेमंत पौनियां, डीपी सिंह, संजय पचौरी, रूपक पचौरी, पल्लव मोइत्रा, विनीत राय आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
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