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Firozabad News: आस्था के केंद्र पर अतिक्रमण
Wed, 22 Apr 2026 12:33 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 22 Apr 2026 12:33 AM IST
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फोटो 16 नरायच धाम तालाब की जमीन पर बने मकान। संवाद
अपनी प्राचीनता और औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध कुसमरा का ऐतिहासिक नरायच धाम तालाब अतिक्रमण का शिकार होता जा रहा है। तालाब की जमीन पर लोगों ने कब्जा कर मकान बना लिए हैं। जिसके चलते 15 बीघा का तालाब लगातार संकुचित होता जा रहा है।
लोगों का कहना है कि नरायच धाम तालाब दुर्गा देवी मंदिर परिसर का हिस्सा है। इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन वर्तमान में आसपास के घरों का गंदा पानी सीधे तालाब में गिर रहा है। पूरा तालाब जलमंजरी और कचरे से पट चुका है। एक दशक से चल रहे अतिक्रमण के कारण तालाब का अस्तित्व अब पूरी तरह मिटने की कगार पर है।
किवदंतियों के अनुसार तालाब का जीर्णोंद्धार लाखा बंजारे ने करवाया था। कहा जाता है कि एक व्यापारी ने इसके जल में स्नान कर कुष्ठ रोग से मुक्ति पाई थी। इसके बाद यहां 101 मंदिरों और तालाबों का निर्माण हुआ। आज वही आस्था का केंद्र उपेक्षा का शिकार है।
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तालाब की दुर्दशा को दूर करने के लिए दो दशक पहले नगर पंचायत ने इसके सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। वह प्रस्ताव आज भी अधर में हुआ है। शासन से मंजूरी नहीं मिलने के कारण न तो सौंदर्यीकरण हो सका और न ही तालाब से कब्जा हटवाया जा सकाॉ।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने बताया कि नरायच धाम तालाब को कब्जामुक्त कराने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।
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लोगों का कहना है कि नरायच धाम तालाब दुर्गा देवी मंदिर परिसर का हिस्सा है। इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन वर्तमान में आसपास के घरों का गंदा पानी सीधे तालाब में गिर रहा है। पूरा तालाब जलमंजरी और कचरे से पट चुका है। एक दशक से चल रहे अतिक्रमण के कारण तालाब का अस्तित्व अब पूरी तरह मिटने की कगार पर है।
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किवदंतियों के अनुसार तालाब का जीर्णोंद्धार लाखा बंजारे ने करवाया था। कहा जाता है कि एक व्यापारी ने इसके जल में स्नान कर कुष्ठ रोग से मुक्ति पाई थी। इसके बाद यहां 101 मंदिरों और तालाबों का निर्माण हुआ। आज वही आस्था का केंद्र उपेक्षा का शिकार है।
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तालाब की दुर्दशा को दूर करने के लिए दो दशक पहले नगर पंचायत ने इसके सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। वह प्रस्ताव आज भी अधर में हुआ है। शासन से मंजूरी नहीं मिलने के कारण न तो सौंदर्यीकरण हो सका और न ही तालाब से कब्जा हटवाया जा सकाॉ।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने बताया कि नरायच धाम तालाब को कब्जामुक्त कराने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। अतिक्रमणकारियों की सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।