{"_id":"6605bc9d01090b8d44047af4","slug":"efforts-to-deliver-text-books-begin-before-the-start-of-the-academic-session-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-121212-2024-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने की कवायद शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पाठ्य पुस्तकें पहुंचाने की कवायद शुरू
Fri, 29 Mar 2024 12:23 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 29 Mar 2024 12:23 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबादर। एक अप्रैल से परिषदीय विद्यालय का नवीन शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होते ही बच्चों को किताबें मिल सकें, इसके लिए विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि अभी जिले को किताबों की शत-प्रतिशत आपूर्ति नहीं हो सकी है फिर भी उपलब्ध किताबों को ब्लॉक संसाधन केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया जनपद में शुरू करा दी गई है। जितनी भी किताबें हैं, उन्हें ब्लॉक तक पहुंचाने के बाद उनका वितरण शुरू कर दिया जाएगा।जिले के 1827 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, इन विद्यालयों में डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया जाना है। इसके लिए लगभग 11 लाख 53 हजार 851 किताबों का वितरण किया जाना है। इसके सापेक्ष जिले में अभी तक 10 लाख 62 हजार 860 किताबें ही मिल सकी हैं। इसमें भी कक्षा एक और दो की किताबें अभी नहीं आई हैं। 20 फीसदी किताबों को ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंचा दिया गया है। हालांकि नगर क्षेत्र में अभी किताबों की सप्लाई नहीं आई है। इस बार किताबें सत्र शुरू होने से पहले आना शुरू हो गई हैं।
जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा सोनू शर्मा ने बताया कि जिले के नौ ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर किताबें भेजी जा रही है। जैसे-जैसे ब्लॉकों को किताबें पहुंचती रहेंगी, उन्हें स्कूलों तक पहुंचाने का काम होता रहेगा। कोशिश होगी कि बच्चों के हाथों में किताबें समय से पहुंच जाएं ताकि स्कूल खुलने पर बच्चे किताबों के साथ विद्यालय जाएं।
विज्ञापन
जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा सोनू शर्मा ने बताया कि जिले के नौ ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर किताबें भेजी जा रही है। जैसे-जैसे ब्लॉकों को किताबें पहुंचती रहेंगी, उन्हें स्कूलों तक पहुंचाने का काम होता रहेगा। कोशिश होगी कि बच्चों के हाथों में किताबें समय से पहुंच जाएं ताकि स्कूल खुलने पर बच्चे किताबों के साथ विद्यालय जाएं।
विज्ञापन