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परिषदीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल सुविधाओं में कायाकल्प, मगर शिक्षा का नहीं हो सका सुधार
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फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन शिक्षा के स्तर में कोई भी सुधार नहीं हो सका है। परिषदीय अंग्रेजी विद्यालयों में बच्चों के बैठने से लेकर अन्य व्यवस्थाएं स्मार्ट बनाई गई हैं। शिक्षा की बात करें तो यह विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। पिछले दो साल में पदों के सापेक्ष 40 फीसदी शिक्षक भी नियुक्त नहीं हो सके हैं।
कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्ष में 120 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया था। नियमानुसार प्रत्येक स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के लिए एक हेड एवं चार सहायक अध्यापकों के 600 पद सृजित किए गए थे। इसके लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे गए, लेकिन जिले में तैनात पांच हजार शिक्षकों में से मात्र 368 परीक्षा में शामिल हुए थे।
परीक्षा के बाद इंटरव्यू के माध्यम से 138 शिक्षकों का चयन हो सका। हालात यह है कि किसी स्कूल में एक तो किसी में दो शिक्षक ही तैनात हैं। बीएसए डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम प्राइमरी स्कूलों की सुविधा बढ़ाई जा रही हैं। कई बार परीक्षा कराई थी। पूरे शिक्षक चयनित नहीं हो सके हैं। इन स्कूलों में पूरे शिक्षक पहुंचे, इसका प्रयास किया जाएगा।
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कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पिछले दो वर्ष में 120 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया था। नियमानुसार प्रत्येक स्कूल में अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को पढ़ाने के लिए एक हेड एवं चार सहायक अध्यापकों के 600 पद सृजित किए गए थे। इसके लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे गए, लेकिन जिले में तैनात पांच हजार शिक्षकों में से मात्र 368 परीक्षा में शामिल हुए थे।
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परीक्षा के बाद इंटरव्यू के माध्यम से 138 शिक्षकों का चयन हो सका। हालात यह है कि किसी स्कूल में एक तो किसी में दो शिक्षक ही तैनात हैं। बीएसए डॉ. अरविंद पाठक ने बताया कि अंग्रेजी माध्यम प्राइमरी स्कूलों की सुविधा बढ़ाई जा रही हैं। कई बार परीक्षा कराई थी। पूरे शिक्षक चयनित नहीं हो सके हैं। इन स्कूलों में पूरे शिक्षक पहुंचे, इसका प्रयास किया जाएगा।
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