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माध्यमिक विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, छात्रों के अभिभावकों में कोरोना काल को लेकर असमंजस
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फिरोजाबाद। एक अप्रैल के साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। बृहस्पतिवार से अधूरी तैयारियों के साथ माध्यमिक स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरु हो गई। शैक्षणिक सत्र 2020-21 तो कोरोना काल की भेंट चढ़ गया। नए सत्र को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विद्यार्थी अभी प्रवेश नहीं ले रहे हैं। वहीं, आठवीं तक विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद रहा, लेकिन दाखिला के लिए स्कूलों को खोला गया। हालांकि पहले दिन दाखिले की प्रक्रिया काफी सुस्त रही।
जनपद में कक्षा एक से आठवीं तक के एक लाख 69 हजार विद्यार्थी प्रमोट कर दिए गए हैं। जो विद्यार्थी आठवीं कक्षा से प्रमोट किए गए हैं। उनको कक्षा नवमीं में दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना होगा। हर साल निजी स्कूलों में एक अप्रैल से ही दाखिला शुरु हो जाते थे। इस बार कोरोना के कारण दाखिला की प्रक्रिया सुस्त पड़ी है। कोरोना काल के कारण अभी कई स्कूलों ने प्रवेश फार्म भी नहीं छपवाएं हैं। न ही नए सत्र का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है।
नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन कई स्कूलों में स्टाफ एडमिशन के इंतजार में बैठा रहा। अभिभावक और विद्यार्थी नहीं पहुंचे। कोरोना को देेखते हुए कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों से नाम कटवाकर सरकारी स्कूलों में ही प्रवेश कराने का निर्णय लिया है। एक से आठवीं तक के विद्यालयों में एडमिशन कम हुए हैं। कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो अधिकांश में अभी सीटे खाली हैं।
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कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थी प्रमोट किए गए हैं। अन्य कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया को शुरु कर दिया है। विद्यार्थी स्कूल में आकर प्रवेश प्राप्त कर सकते है। हालांकि कोरोना के कारण प्रवेश प्रक्रिया धीमी रह सकती है। -डॉ. उपेंद्र शर्मा, प्रधानाचार्य, डीएवी इंटर कॉलेज।
कक्षा नवमीं और 11वीं के अलावा अन्य कक्षाओं में प्रवेश अन्य वर्षों की तुलना में कम हुए थे। इस बार दाखिला के समय कोरोना फिर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया फिर से प्रभावित होगी। कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी भी अभी चल रही हैं। विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। -डॉ. अजय सिंह, प्रधानाचार्य, गोपीनाथ इंटर कॉलेज।
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जनपद में कक्षा एक से आठवीं तक के एक लाख 69 हजार विद्यार्थी प्रमोट कर दिए गए हैं। जो विद्यार्थी आठवीं कक्षा से प्रमोट किए गए हैं। उनको कक्षा नवमीं में दूसरे विद्यालयों में दाखिला लेना होगा। हर साल निजी स्कूलों में एक अप्रैल से ही दाखिला शुरु हो जाते थे। इस बार कोरोना के कारण दाखिला की प्रक्रिया सुस्त पड़ी है। कोरोना काल के कारण अभी कई स्कूलों ने प्रवेश फार्म भी नहीं छपवाएं हैं। न ही नए सत्र का पाठ्यक्रम निर्धारित किया गया है।
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नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन कई स्कूलों में स्टाफ एडमिशन के इंतजार में बैठा रहा। अभिभावक और विद्यार्थी नहीं पहुंचे। कोरोना को देेखते हुए कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों से नाम कटवाकर सरकारी स्कूलों में ही प्रवेश कराने का निर्णय लिया है। एक से आठवीं तक के विद्यालयों में एडमिशन कम हुए हैं। कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो अधिकांश में अभी सीटे खाली हैं।
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कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थी प्रमोट किए गए हैं। अन्य कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया को शुरु कर दिया है। विद्यार्थी स्कूल में आकर प्रवेश प्राप्त कर सकते है। हालांकि कोरोना के कारण प्रवेश प्रक्रिया धीमी रह सकती है। -डॉ. उपेंद्र शर्मा, प्रधानाचार्य, डीएवी इंटर कॉलेज।
कक्षा नवमीं और 11वीं के अलावा अन्य कक्षाओं में प्रवेश अन्य वर्षों की तुलना में कम हुए थे। इस बार दाखिला के समय कोरोना फिर बढ़ रहा है। ऐसे में प्रवेश प्रक्रिया फिर से प्रभावित होगी। कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया की तैयारी भी अभी चल रही हैं। विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। -डॉ. अजय सिंह, प्रधानाचार्य, गोपीनाथ इंटर कॉलेज।