{"_id":"5e7b7b358ebc3e7747480884","slug":"died-firozabad-news-agr435423455","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर में मिला लापता युवक का शव, भीड़ हटाने पर पुलिस पर पथराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर में मिला लापता युवक का शव, भीड़ हटाने पर पुलिस पर पथराव
विज्ञापन
मृतक धर्मेन्द्र का फाईल फोटो
- फोटो : FIROZABAD
सिरसागंज (फिरोजाबाद)। सिरसागंज थाना क्षेत्र के ग्राम दरिगापुर आमौर में दो दिन से लापता युवक का शव गांव के पास नहर में मिला। शव देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण शव निकालकर एकत्रित हुए। पुलिस ने उन्हें हटाया तो ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे एसएचओ की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई।
दरिगापुर आमौर निवासी धर्मेंद्र उर्फ माना (33) पुत्र सत्यभान यादव 23 मार्च की शाम से लापता था। देर शाम तक नहीं आया तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। नही मिला तो ताऊ के बेटा अवधेश कुमार ने सिरसागंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बुधवार दोपहर आमौर नहर में नगला जीवन के पास धर्मेंद्र का शव देखा तोे गांव के लोग वहां पहुंच गए। शव निकालकर ग्रामीण घर लाए।
वहां ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी जुटी हुई थीं। इधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में एसएचओ की गाड़ी के शीशा टूट गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों के शक के आधार पर धर्मेंद्र की पत्नी रूबी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पूर्व रची थी हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक तो करीब दस दिन पूर्व धर्मेंद्र का उसके एक मित्र से झगड़ा हो गया था। इसके बाद दोनों में बातचीत बंद हो गई थी। मित्र ने धर्मेंद्र का मोबाइल फोन देने के लिए उसी की पत्नी से कहा था। रूबी के मुताबिक 22 मार्च को उसके पति का मित्र धर्मेंद्र का फोन ले गया था। 23 मार्च को योजना के तहत धर्मेंद्र की हत्या करने के लिए सामान लाने के बहाने भेज दिया था। तभी से वह लापता था।
पहले से चल रहा था पति-पत्नी में विवाद
एक माह पूर्व ही धर्मेंद्र के पिता सत्यभान की मृत्यु हो गई थी। धर्मेंद्र के ताऊ के पुत्र अवधेश ने बताया कि धर्मेंद्र और रूबी की शादी नौ वर्ष पहले हुई थी, लेकिन शादी के बाद से दोनों में झगड़ा होता रहता था। रूबी के मायके वालों ने धर्मेंद्र के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन बाद मे दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। रूबी तीन माह पहले ही मायके से आई है। धर्मेंद्र इकलौती संतान था।
विज्ञापन
दरिगापुर आमौर निवासी धर्मेंद्र उर्फ माना (33) पुत्र सत्यभान यादव 23 मार्च की शाम से लापता था। देर शाम तक नहीं आया तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। नही मिला तो ताऊ के बेटा अवधेश कुमार ने सिरसागंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बुधवार दोपहर आमौर नहर में नगला जीवन के पास धर्मेंद्र का शव देखा तोे गांव के लोग वहां पहुंच गए। शव निकालकर ग्रामीण घर लाए।
विज्ञापन
वहां ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी जुटी हुई थीं। इधर सूचना पर पहुंची पुलिस ने कोरोना वायरस के संक्रमण को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में एसएचओ की गाड़ी के शीशा टूट गया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों के शक के आधार पर धर्मेंद्र की पत्नी रूबी को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पूर्व रची थी हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक तो करीब दस दिन पूर्व धर्मेंद्र का उसके एक मित्र से झगड़ा हो गया था। इसके बाद दोनों में बातचीत बंद हो गई थी। मित्र ने धर्मेंद्र का मोबाइल फोन देने के लिए उसी की पत्नी से कहा था। रूबी के मुताबिक 22 मार्च को उसके पति का मित्र धर्मेंद्र का फोन ले गया था। 23 मार्च को योजना के तहत धर्मेंद्र की हत्या करने के लिए सामान लाने के बहाने भेज दिया था। तभी से वह लापता था।
पहले से चल रहा था पति-पत्नी में विवाद
एक माह पूर्व ही धर्मेंद्र के पिता सत्यभान की मृत्यु हो गई थी। धर्मेंद्र के ताऊ के पुत्र अवधेश ने बताया कि धर्मेंद्र और रूबी की शादी नौ वर्ष पहले हुई थी, लेकिन शादी के बाद से दोनों में झगड़ा होता रहता था। रूबी के मायके वालों ने धर्मेंद्र के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन बाद मे दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया था। रूबी तीन माह पहले ही मायके से आई है। धर्मेंद्र इकलौती संतान था।