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Firozabad News: राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों का संकट, 225 में से 100 पद खाली
Thu, 18 Jul 2024 03:17 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 18 Jul 2024 03:17 AM IST
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फिरोजाबाद। एक दशक से शिक्षकों का संकट झेल रहे राजकीय विद्यालयों की दशा और बिगड़ गई है। जुलाई माह में हुए अंतरजनपदीय तबादलों में फिरोजाबाद के नौ शिक्षक दूसरे जनपद में चले गए हैं। जबकि सिर्फ दो ही प्रधानाध्यापक विद्यालय आए हैं। पहले जहां 225 शिक्षकों के सापेक्ष्य 93 पद भरे थे, वह अब 100 पद हो गई है।
जनपद के 225 पदों के सापेक्ष्य 93 शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली चल रहे थे। इससे छात्र-छात्राएं पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। अब स्थिति राजकीय विद्यालयों में और भी विकराल हो गई है। क्योंकि नौ शिक्षक बीते सप्ताह जनपद से तबादला लेकर चले गए थे। जबकि दो ही शिक्षक जनपद में आए हैं। ऐसे एक गणित विषय के एक और प्रवक्ता का पद खाली हो गया।
अब 22 राजकीय विद्यालयों में 15 ही प्रधानाध्यापक तैनात हैं। जबकि साज प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अध्यापकों के पद की बात करें तो जनपद में 165 पदों के सापेक्ष्य 94 पर ही शिक्षकों की तैनाती है। शेष 71 पद खाली हैं। 39 प्रवक्ताओं पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 12 भरे हैं। 27 प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त चले आ रहे हैं। इससे विद्यालयों में कहीं तीन पद भरे हैं चार खाली हैं। कहीं दो शिक्षकों से कक्षा नौ व 10वीं में सभी विषय पढ़वाए जा रहे हैं।विद्यालयों में स्थिति यह है कि कहीं विज्ञान के शिक्षक न होने के कारण अन्य विषय के शिक्षकों को ज्ञान देना पड़ रहा है। इससे राजकीय कॉलेजों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। यही कारण है कि एक दशक से जनपद में कोई भी राजकीय विद्यालय का छात्र मैरिट में नहीं आ सका है।
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- शासन से ही स्कूलों में शिक्षकों की तैनती होती है। दो प्रधानाध्यापकों ने जनपद में ज्वाइन कर लिया है। उम्मीद है कि अन्य शिक्षक भी तबादला होकर जनपद में आने वाले हैं। - धीरेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
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कुल राजकीय विद्यालय - 22
- हाईस्कूल - 17
- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज- 3
राजकीय इंटर कॉलेज - 02
सहायक अध्यापक के कुल पद- 165-
सहायक अध्यापक कार्यरत- 94 और रिक्त 71 पद
प्रवक्ता के स्वीकृत पद 39, कार्यरत 12 और रिक्त पद 27
प्रधानाध्यापक के 22 पद, 15 कार्यरत, 7 पद रिक्त
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जनपद के 225 पदों के सापेक्ष्य 93 शिक्षकों के पद लंबे समय से खाली चल रहे थे। इससे छात्र-छात्राएं पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। अब स्थिति राजकीय विद्यालयों में और भी विकराल हो गई है। क्योंकि नौ शिक्षक बीते सप्ताह जनपद से तबादला लेकर चले गए थे। जबकि दो ही शिक्षक जनपद में आए हैं। ऐसे एक गणित विषय के एक और प्रवक्ता का पद खाली हो गया।
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अब 22 राजकीय विद्यालयों में 15 ही प्रधानाध्यापक तैनात हैं। जबकि साज प्रधानाध्यापकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अध्यापकों के पद की बात करें तो जनपद में 165 पदों के सापेक्ष्य 94 पर ही शिक्षकों की तैनाती है। शेष 71 पद खाली हैं। 39 प्रवक्ताओं पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 12 भरे हैं। 27 प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त चले आ रहे हैं। इससे विद्यालयों में कहीं तीन पद भरे हैं चार खाली हैं। कहीं दो शिक्षकों से कक्षा नौ व 10वीं में सभी विषय पढ़वाए जा रहे हैं।विद्यालयों में स्थिति यह है कि कहीं विज्ञान के शिक्षक न होने के कारण अन्य विषय के शिक्षकों को ज्ञान देना पड़ रहा है। इससे राजकीय कॉलेजों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। यही कारण है कि एक दशक से जनपद में कोई भी राजकीय विद्यालय का छात्र मैरिट में नहीं आ सका है।
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- शासन से ही स्कूलों में शिक्षकों की तैनती होती है। दो प्रधानाध्यापकों ने जनपद में ज्वाइन कर लिया है। उम्मीद है कि अन्य शिक्षक भी तबादला होकर जनपद में आने वाले हैं। - धीरेंद्र कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
कुल राजकीय विद्यालय - 22
- हाईस्कूल - 17
- राजकीय बालिका इंटर कॉलेज- 3
राजकीय इंटर कॉलेज - 02
सहायक अध्यापक के कुल पद- 165-
सहायक अध्यापक कार्यरत- 94 और रिक्त 71 पद
प्रवक्ता के स्वीकृत पद 39, कार्यरत 12 और रिक्त पद 27
प्रधानाध्यापक के 22 पद, 15 कार्यरत, 7 पद रिक्त