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महिला और पांच साल की बेटी की हत्या
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
Updated Tue, 13 Oct 2015 12:07 AM IST
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टूंडला (फीरोजाबाद)। थाना नारखी के गांव बेलनगंज में एक महिला (26) और उसकी बेटी (5) की हत्या कर दी गई। उसके बेटे (7) की भी जान लेने का प्रयास किया गया। हत्यारोपियों ने उसे भी मरा समझकर शवों के साथ करीब 25 फीट गहरे बोरिंग के एक गड्ढे में फेंक दिया। इस मामले में पुलिस की संवेदनहीनता का हाल ये है कि सूचना देने के तीन घंटे बाद भी वह मौके पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने खुद ही तीनों को गड्ढे से बाहर निकाला। उस समय महिला का बेटा जिंदा था, उसे ग्रामीणों ने उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।
घटना का पता सोमवार सायं करीब पांच बजे उस समय चला, जब खेतों में काम खत्म कर घर जा रहे कुछ मजदूरों ने साहब सिंह के खेत में महिला और बच्चों की चप्पलें पड़ी देखी। बोरिंग से बच्चे के रोने की भी आवाज आ रही थी, अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने बोरिंग में झांककर देखा तो वहां एक महिला और दो बच्चे पड़े हुए थे। मजदूरों ने इसकी सूचना गांव में दी और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसी बीच जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित प्रत्याशी टीपी सिंह भी वहां पहुंच गए और उन्होंने तीनों को गड्ढे से बाहर निकलवाया। तब तक महिला और उसके बेटी की मौत हो चुकी थी, बेटा जिंदा था। महिला के दाहिने हाथ पर सीमा रामू देव नाम लिखा हुआ है। अर्द्ध बेहोशी की हालत में बालक ने अपना नाम देव, मां का नाम सीमा और बहन का नाम तनु बताया। पता पूछने पर वह मितावली का नाम ले रहा है। टीपी सिंह उसे अपनी गाड़ी से उपचार के लिए फीरोजाबाद ले गए। महिला लाल, पीले, हरे प्रिंट की साड़ी व नीला ब्लाउज पहने हुए है, वहीं बच्ची लाइनदार टी-शर्ट पहने थी। बच्ची की मौत गड्ढे में फेंकने से होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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घटना का पता सोमवार सायं करीब पांच बजे उस समय चला, जब खेतों में काम खत्म कर घर जा रहे कुछ मजदूरों ने साहब सिंह के खेत में महिला और बच्चों की चप्पलें पड़ी देखी। बोरिंग से बच्चे के रोने की भी आवाज आ रही थी, अनहोनी की आशंका के चलते लोगों ने बोरिंग में झांककर देखा तो वहां एक महिला और दो बच्चे पड़े हुए थे। मजदूरों ने इसकी सूचना गांव में दी और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। इसी बीच जिला पंचायत का चुनाव लड़ रहे भाजपा समर्थित प्रत्याशी टीपी सिंह भी वहां पहुंच गए और उन्होंने तीनों को गड्ढे से बाहर निकलवाया। तब तक महिला और उसके बेटी की मौत हो चुकी थी, बेटा जिंदा था। महिला के दाहिने हाथ पर सीमा रामू देव नाम लिखा हुआ है। अर्द्ध बेहोशी की हालत में बालक ने अपना नाम देव, मां का नाम सीमा और बहन का नाम तनु बताया। पता पूछने पर वह मितावली का नाम ले रहा है। टीपी सिंह उसे अपनी गाड़ी से उपचार के लिए फीरोजाबाद ले गए। महिला लाल, पीले, हरे प्रिंट की साड़ी व नीला ब्लाउज पहने हुए है, वहीं बच्ची लाइनदार टी-शर्ट पहने थी। बच्ची की मौत गड्ढे में फेंकने से होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
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