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हिमायूंपुर में फटा गैस सिलेंडर, दो मकान ढहे
Amar Ujala
Updated Thu, 20 Oct 2016 12:03 AM IST
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हिमायूंपुर में फटा गैस सिलेंडर, दो मकान ढहे
- फोटो : Amar Ujala
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महिला की मौत, आठ घायल, दो की हालत गंभीर, आगरा रेफर, कई मकानों में आईं दरारें
फायर स्टेशन प्रभारी ने प्रारंभिक जांच में गैस रीफिलिंग को हादसे का कारण बताया
थाना दक्षिण क्षेत्र के हिमायूंपुर नई आबादी स्थित दो मंजिला मकान में मंगलवार देर रात्रि करीब 11 बजे गैस का सिलेंडर फट गया। इस धमाका में दो मंजिला भवन सहित पड़ोसी का मकान भी ढह गया। आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। किसी मकान में दरारें आईं हैं तो किसी मकान की दीवार ढह गई है। विस्फोट के बाद फैली आग और मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। आठ लोग घायल हुए हैं। अग्निशमन विभाग हादसा के पीछे गैस रीफिलिंग की आशंका जता रहा है।
हिमायूंपुर निवासी राजवीर कुशवाह (53) पुत्र श्रीदयाल कुशवाह परिवार के साथ अपने फूफा के मकान में रहते हैं। रात को तेज धमाके के साथ मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। मलबा करीब 200 मीटर दूर तक गिरा। बचाव को चीख-पुकार मचने लगी। पड़ोसियों ने मलबे में दबे राजवीर, उनके पुत्र गनेश, रवि, पुत्रवधू डौली एवं रचना को बाहर निकाला। मलबा में दबी मां को बचाने के कारण गनेश एवं रवि काफी झुलस गए। राजवीर का पुत्र कमलेश कुमार, पुत्री लक्ष्मी एवं शेष कुमारी भी घायल हो गईं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। काफी प्रयास के बाद मलबे में दबी मुन्नीदेवी को निकाला जा सका। मुन्नीदेवी को जिला अस्पताल लाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धमाका और उससे लगी आग को देखकर पड़ोसी सत्यराम ने अपने मकान की छत से छलांग लगा दी। इससे वह भी घायल हो गए। राजवीर के मकान का मलबा गोरेलाल, संजू तथा दशरथ सिंह के मकान पर गिरा। इस घटटा में पड़ोसी अहिबरन सिंह प्रजापति का मकान भी ढह गया। मकान की दीवारें धराशायी हो गईं। राजवीर के जीना की ईंटें, सरिया आदि मलबा अहिबरन के मकान पर गिरा। इस परिवार को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। फायर स्टेशन प्रभारी राजेश चौरसिया का कहना है कि सिलेंडर फटने का सही कारण तो मलबा हटने के बाद ही पता चलेगा। क्षेत्रीय लोगों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि मिस्त्री राजवीर के घर में चूड़ी झलाई का काम होता है। इसमें छोटा गैस सिलेंडर प्रयोग किया जाता है। राजवीर के परिवार में लोग बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस डाल रहे थे, छोटा गैस सिलेंडर गैस का दबाव झेल नहीं पाया और विस्फोट हो गया। इस दौरान आग भी लगी जिससे लोग झुलस गए। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हादसे के पश्चात एसपी देहात अमर सिंह, सीओ सिटी ओमकार सिंह यादव, प्रभारी निरीक्षक दक्षिण, रसूलपुर सहित कई थानों के फोर्स के साथ पहुंचे।
तेज धमाके के साथ फटे सिलेंडर से हुआ हादसा : एसपी ग्रामीण
एसपी ग्रामीण अमर सिंह ने कहा कि हिमायूंपुर में राजवीर के मकान में हुआ हादसा प्राथमिक जांच में गैस सिलेंडर फटने से ही प्रतीत हो रहा है। उन्हें बताया गया है कि रसोई गैस सिलेंडर लीक हो रहा था। घर के साथ मोहल्ले में गैस फैल गई थी। सिलेंडर को परिजनों ने पानी में डाल दिया था। गैस निकालने के लिए राजवीर की पत्नी मुन्नीदेवी ने पंखे का स्विच आन किया। स्पार्किंग से समूचे घर में आग फैली और तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। स्थिति स्पष्ट होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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फायर स्टेशन प्रभारी ने प्रारंभिक जांच में गैस रीफिलिंग को हादसे का कारण बताया
थाना दक्षिण क्षेत्र के हिमायूंपुर नई आबादी स्थित दो मंजिला मकान में मंगलवार देर रात्रि करीब 11 बजे गैस का सिलेंडर फट गया। इस धमाका में दो मंजिला भवन सहित पड़ोसी का मकान भी ढह गया। आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए। किसी मकान में दरारें आईं हैं तो किसी मकान की दीवार ढह गई है। विस्फोट के बाद फैली आग और मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। आठ लोग घायल हुए हैं। अग्निशमन विभाग हादसा के पीछे गैस रीफिलिंग की आशंका जता रहा है।
हिमायूंपुर निवासी राजवीर कुशवाह (53) पुत्र श्रीदयाल कुशवाह परिवार के साथ अपने फूफा के मकान में रहते हैं। रात को तेज धमाके के साथ मकान ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। मलबा करीब 200 मीटर दूर तक गिरा। बचाव को चीख-पुकार मचने लगी। पड़ोसियों ने मलबे में दबे राजवीर, उनके पुत्र गनेश, रवि, पुत्रवधू डौली एवं रचना को बाहर निकाला। मलबा में दबी मां को बचाने के कारण गनेश एवं रवि काफी झुलस गए। राजवीर का पुत्र कमलेश कुमार, पुत्री लक्ष्मी एवं शेष कुमारी भी घायल हो गईं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। काफी प्रयास के बाद मलबे में दबी मुन्नीदेवी को निकाला जा सका। मुन्नीदेवी को जिला अस्पताल लाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धमाका और उससे लगी आग को देखकर पड़ोसी सत्यराम ने अपने मकान की छत से छलांग लगा दी। इससे वह भी घायल हो गए। राजवीर के मकान का मलबा गोरेलाल, संजू तथा दशरथ सिंह के मकान पर गिरा। इस घटटा में पड़ोसी अहिबरन सिंह प्रजापति का मकान भी ढह गया। मकान की दीवारें धराशायी हो गईं। राजवीर के जीना की ईंटें, सरिया आदि मलबा अहिबरन के मकान पर गिरा। इस परिवार को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। फायर स्टेशन प्रभारी राजेश चौरसिया का कहना है कि सिलेंडर फटने का सही कारण तो मलबा हटने के बाद ही पता चलेगा। क्षेत्रीय लोगों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि मिस्त्री राजवीर के घर में चूड़ी झलाई का काम होता है। इसमें छोटा गैस सिलेंडर प्रयोग किया जाता है। राजवीर के परिवार में लोग बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस डाल रहे थे, छोटा गैस सिलेंडर गैस का दबाव झेल नहीं पाया और विस्फोट हो गया। इस दौरान आग भी लगी जिससे लोग झुलस गए। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हादसे के पश्चात एसपी देहात अमर सिंह, सीओ सिटी ओमकार सिंह यादव, प्रभारी निरीक्षक दक्षिण, रसूलपुर सहित कई थानों के फोर्स के साथ पहुंचे।
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तेज धमाके के साथ फटे सिलेंडर से हुआ हादसा : एसपी ग्रामीण
एसपी ग्रामीण अमर सिंह ने कहा कि हिमायूंपुर में राजवीर के मकान में हुआ हादसा प्राथमिक जांच में गैस सिलेंडर फटने से ही प्रतीत हो रहा है। उन्हें बताया गया है कि रसोई गैस सिलेंडर लीक हो रहा था। घर के साथ मोहल्ले में गैस फैल गई थी। सिलेंडर को परिजनों ने पानी में डाल दिया था। गैस निकालने के लिए राजवीर की पत्नी मुन्नीदेवी ने पंखे का स्विच आन किया। स्पार्किंग से समूचे घर में आग फैली और तेज धमाके के साथ सिलेंडर फट गया। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। स्थिति स्पष्ट होने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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