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‘आदित्य फार जस्टिस’ के लिए सक्रिय हुए सोशल ग्रुप

Tue, 30 Aug 2016 01:06 AM IST
Amar Ujala
Amar Ujala Updated Tue, 30 Aug 2016 01:06 AM IST
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'Aditya Justice' for active Social Groups
‘आदित्य फार जस्टिस’ के लिए सक्रिय हुए सोशल ग्रुप - फोटो : Amar Ujala
- व्हाट्स एप पर बने आठ ग्रुप, फेसबुक पर बना पेज
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- अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए उठी मांग
युवा उद्योगपति आदित्य मित्तल की मौत से सुहागनगरी की जनता भावुक है। परिवार के इकलौते चिराग की जिस तरह अपराधियों ने जघन्य हत्या की, उसके कारण सोशल मीडिया पर शहर की जनता अपराधियों पर आक्रोशित दिखी। सोशल मीडिया पर ‘आदित्य फार जस्टिस’ के नाम से ग्रुप बनाए गए हैं। आदित्य को न्याय दिलाने के लिए जनसमूह सड़कों पर उतरेगा।
आदित्य को न्याय दिलाने के लिए जनसमूह जुड़ता जा रहा है। आदित्य के प्रति लोगों में इतनी संवेदना है कि सोशल मीडिया व्हाट्स एप पर बनाए गए ग्रुप की लिमिट भी छोटी पड़ गई है।  256 यूजर्स के आठ व्हाट्स एप ग्रुप बन गए हैं। फेसबुक पर भी ‘आदित्य फॉर जस्टिस’ के नाम से पेज बनाया गया है। आदित्य के पक्ष में आवाज उठाने के लिए महिलाओं के ग्रुप भी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। घटना में नामजद अन्य लोगों को तलाशने में पुलिस अब तक निष्क्रिय रही है। सोमवार को सुबह से इन ग्रुपों में चर्चा होती रही। किसी के बेटे के साथ इस तरह की घटना पुन: न हो, इसलिए इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों का सामाजिक बहिष्कार करने की बात भी चलती रही। अन्य सामाजिक संगठन भी आदित्य को न्याय दिलाने की मांग करते रहे। वहीं, आदित्य को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी गई। पीड़ित परिवार का भी हौंसला बढ़ाया जाता रहा।
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21 अगस्त की शाम को भी आदित्य को अगवा करने का हुआ था प्रयास
रोहन ने आदित्य को अगवा करने का पहला प्रयास 21 अगस्त की शाम को किया था। इसमें सफल न होने पर उसने 22 अगस्त की सुबह रोहन को अगवा कर लिया। इसकी प्लानिंग उसने तीन महीने पहले से बना रखी थी।
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गणेश नगर निवासी अर्जुन विज आदित्य मित्तल का दोस्त था। अर्जुन का ही आदित्य के घर आना-जाना था। आदित्य का रोहन से सीधा कोई संपर्क नहीं था। चार माह पहले ही आदित्य रोहन सिंघल के संपर्क में आया था। रोहन की आदित्य से मुलाकात अर्जुन विज ने ही कराई थी। परिवारीजनों के अनुसार रोहन उनके घर कभी नहीं आया था लेकिन यह पता था कि अर्जुन विज रोहन का दोस्त है और आदित्य भी रोहन के घर आता-जाता है। चूंकि अर्जुन विज का आदित्य के घर आना-जाना था इसलिए रोहन के नाम की चर्चा आदित्य घर पर किया करता था। परिवारीजनों के अनुसार अब बात खुल कर सामने आयी है कि आदित्य तक पहुंचने के लिए रोहन ने अर्जुन विज का सहारा लिया था। अर्जुन के माध्यम से ही रोहन अक्सर आदित्य को बुलवाता था।


21 अगस्त की शाम को रोहन गाड़ी लेकर आदित्य के सर्कुलर रोड स्थित आवास पर आया था। वह गाड़ी से उतरा नहीं था, उसने एसएमएस करके आदित्य को घर से बाहर बुलाया था। आदित्य अपनी मां से यह कहते हुए घर से निकल आया था कि रोहन आया है, उसके साथ जा रहा हूं, अभी लौट आऊंगा। इसके बाद रोहन आदित्य को अपने गणेश नगर स्थित आवास पर ले गया और डेढ़ घंटे बाद आदित्य को घर छोड़ गया। यहां बताते हैं कि आदित्य ने रोहन से गाड़ी में बैठते ही कह दिया था कि मां पूछ रही थीं कहां जा रहे हो...। माना जा रहा है कि इसी बात के चलते रोहन आदित्य को 21 अगस्त की शाम को घर वापस छोड़ गया और अगले दिन (22 अगस्त) शूटिंग कराने का लालच देकर आर्चिट ग्रीन से अगवा कर ले गया। परत दर परत घटनाक्रम खुलने के साथ अब जानकार लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि चूंकि रोहन के दिमाग में आदित्य को अगवा करने की साजिश पहले से थी इसलिए वह आदित्य परिवार वालों के सामने पड़ने से बचता रहा और दोस्ती के बहाने अर्जुन विज के माध्यम से आदित्य से नजदीकियां बढ़ाता रहा।

 
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