{"_id":"5ff5f5aa8ebc3e2e6f016d2d","slug":"crime-firozabad-news-agr47525315","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंक को मकान पर कब्जा दिलाने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंक को मकान पर कब्जा दिलाने का विरोध
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। थाना उत्तर के शिवाजी रोड स्थित मकान पर बैंक का कब्जा दिलाने गई पुलिस व प्रशासन की टीम को विरोध के चलते वापस लौटना पड़ा। उक्त मकान में करीब 70 वर्षों से किराएदार के रूप में रह रहे लोगों ने विरोध किया। उनका कहना था उनके पास कोर्ट का स्टे आर्डर भी है। परंतु प्रशासन जबरदस्ती मकान खाली करवा रहा है। जबकि उनके पास कोई आवास नहीं है।
घटनाक्रम बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे के करीब का है। एसडीएम सदर कुमार चंद्र ज्वालिया, तहसीलदार, थाना उत्तर प्रभारी अनूप कुमार भारतीय टीम पंजाब नेशनल बैंक सुहागनगर के मैनेजर एवं अधिवक्ता के साथ शिवाजी रोड स्थित मकान पर कब्जा करने के लिए पहुंचे। प्रशासन एवं पुलिस के टीम के साथ बैंक के प्रबंधक ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की तो किराए पर रहने वाले राजीव गौड़ ने विरोध किया। उनका कहना था कि मेरे पास न्यायालय का स्टे आर्डर है।
पुलिसकर्मियों ने जबरन बाहर निकालने का जब प्रयास किया तो उसने कहा कि मुझे जान से मार दो, हम कहां जाएं। हम लोग तो 70-70 वर्षों से किराएदार हैं। वहीं सतेंद्र शर्मा का आरोप है कि बैंक की टीम ने उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया। बल्कि पत्नी रजनी एवं दो बच्चों को जबरन कमरे से बाहर करके ही सील लगा दी। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। इधर एसडीएम सदर कुमार चंद्र ज्वालिया ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम बैंक को कब्जा दिलाने गई थी। कुछ क्षेत्र में कब्जा बैंक को दिला दिया है। विरोध के चलते एक किराएदार को कुछ दिन का समय बैंक की ओर से दे दिया है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटनाक्रम बुधवार को दोपहर डेढ़ बजे के करीब का है। एसडीएम सदर कुमार चंद्र ज्वालिया, तहसीलदार, थाना उत्तर प्रभारी अनूप कुमार भारतीय टीम पंजाब नेशनल बैंक सुहागनगर के मैनेजर एवं अधिवक्ता के साथ शिवाजी रोड स्थित मकान पर कब्जा करने के लिए पहुंचे। प्रशासन एवं पुलिस के टीम के साथ बैंक के प्रबंधक ने जैसे ही कार्रवाई शुरू की तो किराए पर रहने वाले राजीव गौड़ ने विरोध किया। उनका कहना था कि मेरे पास न्यायालय का स्टे आर्डर है।
विज्ञापन
पुलिसकर्मियों ने जबरन बाहर निकालने का जब प्रयास किया तो उसने कहा कि मुझे जान से मार दो, हम कहां जाएं। हम लोग तो 70-70 वर्षों से किराएदार हैं। वहीं सतेंद्र शर्मा का आरोप है कि बैंक की टीम ने उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं दिया। बल्कि पत्नी रजनी एवं दो बच्चों को जबरन कमरे से बाहर करके ही सील लगा दी। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। इधर एसडीएम सदर कुमार चंद्र ज्वालिया ने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देश पर टीम बैंक को कब्जा दिलाने गई थी। कुछ क्षेत्र में कब्जा बैंक को दिला दिया है। विरोध के चलते एक किराएदार को कुछ दिन का समय बैंक की ओर से दे दिया है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन