{"_id":"6aaa80c189104184910b1971","slug":"councilors-create-ruckus-at-firozabad-municipal-corporation-demand-removal-of-xen-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिरोजाबाद नगर निगम में हंगामा: एक्सईएन को हटाने की मांग पर अड़े पार्षद, सदन से बाहर निकाले गए पुलिसकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिरोजाबाद नगर निगम में हंगामा: एक्सईएन को हटाने की मांग पर अड़े पार्षद, सदन से बाहर निकाले गए पुलिसकर्मी
Wed, 16 Sep 2026 05:13 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Wed, 16 Sep 2026 05:13 PM IST
सार
बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव देख रही कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग जोर-शोर से उठाई गई। सदन में शहर के विभिन्न वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित कुल 65 प्रस्ताव पार्षदों द्वारा रखे गए, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।
विज्ञापन
फिरोजाबाद नगर निगम में हंगामा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
फिरोजाबाद के पालीवाल हॉल में बुधवार को आयोजित नगर निगम सदन की बैठक की शुरुआत ही जोरदार हंगामे और तीखी बहस के साथ हुई। शहर की बदहाल व्यवस्थाओं, सफाई, जलभराव, पेयजल और स्ट्रीट लाइट की चरमराती स्थिति को लेकर पार्षदों का गुस्सा अधिकारियों पर फूट पड़ा। पार्षदों ने विरोध दर्ज कराया और उनकी मांग पर सदन के अंदर मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर कर दिया गया।
सदन में एक्सईएन निर्माण विजेंद्र पाल सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों ने कड़ा रुख अपनाया। हाल ही में एक्सईएन द्वारा तीन पार्षदों मुनेंद्र यादव, सुभाष यादव और शारिक सलीम पर थाना उत्तर में दर्ज कराई गई एफआईआर का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एक्सईएन को हटाने की मांग रखी। इस पर एक्सईएन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए सदन में स्पष्ट कहा कि यदि कोई दोबारा कार्यालय में घुसकर अभद्रता करेगा तो फिर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
महापौर के पुतले जलाए जा रहे हैं, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं
पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी छोटी-छोटी शिकायतें महीनों तक दूर नहीं की जातीं। समस्याओं का समाधान न होने के कारण जनता और जनप्रतिनिधि दोनों सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
पार्षदों ने यहां तक कहा कि जनआक्रोश का आलम यह है कि महापौर तक के पुतले जलाए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। पार्षद कासिम सिद्दीकी ने चेताया कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे खुद पार्षदों के साथ धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव देख रही कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग जोर-शोर से उठाई गई। सदन में शहर के विभिन्न वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित कुल 65 प्रस्ताव पार्षदों द्वारा रखे गए, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।
महापौर ने दी शासन को पत्र लिखने की चेतावनी
महापौर कामिनी राठौर ने भी अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सफाई, पानी और प्रकाश जैसी बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान न होना बेहद गंभीर बात है। महापौर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि अगर व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो लापरवाही बरतने वाले सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी जनप्रतिनिधि या जनता के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त प्रशांत नागर समेत नगर निगम के तमाम प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
सदन में एक्सईएन निर्माण विजेंद्र पाल सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों ने कड़ा रुख अपनाया। हाल ही में एक्सईएन द्वारा तीन पार्षदों मुनेंद्र यादव, सुभाष यादव और शारिक सलीम पर थाना उत्तर में दर्ज कराई गई एफआईआर का मुद्दा गरमा गया। पार्षदों ने इस कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए एक्सईएन को हटाने की मांग रखी। इस पर एक्सईएन ने भी सख्त रुख अपनाते हुए सदन में स्पष्ट कहा कि यदि कोई दोबारा कार्यालय में घुसकर अभद्रता करेगा तो फिर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
महापौर के पुतले जलाए जा रहे हैं, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं
पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। जरा सी बारिश में जलभराव हो जाता है और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी छोटी-छोटी शिकायतें महीनों तक दूर नहीं की जातीं। समस्याओं का समाधान न होने के कारण जनता और जनप्रतिनिधि दोनों सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
पार्षदों ने यहां तक कहा कि जनआक्रोश का आलम यह है कि महापौर तक के पुतले जलाए जा रहे हैं, लेकिन अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। पार्षद कासिम सिद्दीकी ने चेताया कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे खुद पार्षदों के साथ धरने पर बैठने के लिए बाध्य होंगे। बैठक में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी और स्ट्रीट लाइट का रखरखाव देख रही कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग जोर-शोर से उठाई गई। सदन में शहर के विभिन्न वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों से संबंधित कुल 65 प्रस्ताव पार्षदों द्वारा रखे गए, जिन पर विस्तृत चर्चा की गई।
महापौर ने दी शासन को पत्र लिखने की चेतावनी
महापौर कामिनी राठौर ने भी अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सफाई, पानी और प्रकाश जैसी बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान न होना बेहद गंभीर बात है। महापौर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि अगर व्यवस्था में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो लापरवाही बरतने वाले सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी जनप्रतिनिधि या जनता के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। बैठक के दौरान नगर आयुक्त प्रशांत नागर समेत नगर निगम के तमाम प्रशासनिक व तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।