इतनी सस्ती इंसान की जान! उधार लिए 50 रुपये नहीं लौटाए तो ईंट से कुचल हत्या कर दी, पहले भरोसा दिला किया यह काम
फिरोजाबाद में मात्र 50 रुपये के लिए चौकीदार की हत्या कर दी गई। एक साल पहले उधार लिया था, कई बार मांगने के बाद वापस नहीं किया। इस पर युवक उससे रंजिश मानने लगा। मौके देखकर उसकी हत्या कर दी।
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मात्र 50 रुपये के लिए युवक ने ईंट से कुचलकर चौकीदार की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने जो बताया वह हैरान कर देने वाला है।
एसपी सिटी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि उत्तर थाना पुलिस ने चौकीदार महाराज सिंह उर्फ विपिन की हत्या का खुलासा कर दिया है। इंस्पेक्टर क्राइम सुशील कुमार ने मामले में आरोपी मुन्नेश, निवासी कांशीराम कॉलोनी, थाना नारखी को पचवान गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया है।
पहले ठेके पर साथ बैठ पी थी शराब
बताया कि पूछताछ में आरोपी मुन्नेश ने बताया कि उसने महाराज सिंह, सुनील व ढिल्ला के साथ शनिवार को पचवान चौराहे के पास ठेके पर शराब पी थी। पैसे खत्म होने पर उसने सुनील की जेब से 150 रुपये निकाल लिए थे। इस पर महाराज ने सुनील के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। सुनील और ढिल्ला तो बाद में वहां से चले गए। महाराज सिंह ठेके पर रुक गया।
सड़क पर करता रहा आने का इंतजार
आरोपी ने बताया कि वह महाराज सिंह का सड़क पर इंतजार करता रहा। काफी देर तक महाराज सिंह ठेके से नहीं हटा। इस पर वह दोबारा ठेके पर गया और शराब खरीदी। उसने महाराज से मित्रता वाली बात शुरू कर दी। बदला लेने के उद्देश्य से वह महाराज को बैंदी गांव के पास लेकर पहुंचा। सड़क किनारे बैठकर शराब पी। इसके बाद उसने महाराज की पिटाई की। गुस्से में उसने पास में पड़ी ईंट से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी।
खून से सनी टी-शर्ट व सामान बरामद
बताया कि हत्या करने के बाद मौके से भाग गया। पुलिस ने आरोपी मुन्नेश को अदालत में पेश किया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के पास से पुलिस ने खून से सनी ईंट, दस-दस रुपये के तीन नोट, जो खून से सने हैं। खून से सनी टी-शर्ट, मोबाइल, बेल्ट और अन्य सामान बरामद किया है।
पहले 50 रुपये के लिए हुआ था विवाद
आरोपी मुन्नेश ने बताया कि महाराज सिंह उर्फ विपिन ने एक साल पहले 50 रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस देने के लिए वह कई बार महाराज सिंह से बोल चुका था। लेकिन, उसके द्वारा रुपये नहीं दिए थे। इससे वह महाराज से रंजिश मानता था।