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Firozabad News: कोल्ड डायरिया की चपेट में बच्चे, निर्जलीकरण के हो रहे शिकार
Wed, 01 Jan 2025 12:02 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 01 Jan 2025 12:02 AM IST
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फिरोजाबाद। हाड़ कंपकंपा देने वाली सर्दी शुरू हो गई है। तापमान गिरने से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में निजी चिकित्सक और मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में बाल रोगियों की भीड़ लग रही है। ओपीडी में आ रहे 40 फीसदी बच्चे कोल्ड डायरिया का शिकार हैं। वहीं थोड़ी सी भी लापरवाही बरतने पर बच्चे निर्जलीकरण के भी शिकार हो रहे हैं। इस मौसम में बच्चों को बुखार, जुकाम, खांसी, दस्त आ रहे हैं। चिकित्सक बचाव की सलाह दे रहे हैं।तापमान लगातार गिरता जा रहा है। सर्दी बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है। मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 225 से अधिक बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं, जिसमें 40 फीसदी कोल्ड डायरिया के हैं। इसी तरह प्राइवेट क्लीनिकों पर भी बालरोगियों की संख्या बढ़ गई है। इसके अलावा सर्दियों में बच्चे पानी कम पीते हैं। दस्त होने से पानी की कमी होने लगती है। जिससे बच्चे निर्जलीकरण के शिकार हो रहे हैं। इसलिए बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर में ओआरएस का घोल पिलाते रहे।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि सर्दियों के दिनों में वायरस ज्यादा प्रभावी होता है। वायरस ऐसे बच्चों को प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। अभी ठंड लगने की वजह से बुखार, जुकाम, खांसी की चपेट में ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। वहीं अब कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है।
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कोल्ड डायरिया सेे ऐसे करें बचाव
-बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए।
-डायरिया से बचाव के लिए टीका लगवाना चाहिए।
-मूंग की दाल का सेवन करें।
-बच्चों को ओआरएस पिलाएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें
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मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एलके गुप्ता ने बताया कि सर्दियों के दिनों में वायरस ज्यादा प्रभावी होता है। वायरस ऐसे बच्चों को प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। अभी ठंड लगने की वजह से बुखार, जुकाम, खांसी की चपेट में ज्यादा बच्चे आ रहे हैं। वहीं अब कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी होने लगी है।
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कोल्ड डायरिया सेे ऐसे करें बचाव
-बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना चाहिए।
-डायरिया से बचाव के लिए टीका लगवाना चाहिए।
-मूंग की दाल का सेवन करें।
-बच्चों को ओआरएस पिलाएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें