{"_id":"577528074f1c1b881579ad77","slug":"child-killed-in-the-accident-on-the-storm-stones-and-firing","type":"story","status":"publish","title_hn":"हादसे में बालक की मौत पर बवाल, पथराव और फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हादसे में बालक की मौत पर बवाल, पथराव और फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Thu, 30 Jun 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
हादसे में बालक की मौत पर बवाल, पथराव और फायरिंग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगला खंगर थाना क्षेत्र के विकास बाजार में एक स्कूल की बस की चपेट में आकर दस साल के बालक की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव करते हुए पथराव और तोड़फोड़ कर दी। पुलिस की जीप को तोड़ डाला। थाने लाई गई स्कूल के बस के शीशे भी तोड़ दिए। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। बाद में रबर बुलेट चलाईं। चार लोग घायल हुए हैं। कई थानों की फोर्स ने स्थिति संभाली।
नगला खंगर के गांव मड़वा निवासी ओमवती अपने दस साल के बेटे उमाकांत के साथ विकास बाजार आई थीं। वहां उमाकांत को स्कूल बस ने चपेट में ले लिया। हादसे में बालक की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने बस चालक की पिटाई कर दी। ओमवती सुधबुध खो बैठीं। चालक वहां से बस लेकर भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। उधर ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे परिवारजनों ने जब बालक के शव के बारे में पूछा तो पुलिस ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए। इस बीच पुलिस हादसा करने वाली बस को थाने ले आई। बस को देखते ही ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने लोगों को लठिया कर हटाना चाहा तो आक्रोश और भड़क गया। लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। थाना प्रभारी की जीप के शीशे तोड़ दिए। थाने में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट चलाई। ग्रामीणों ने पुलिस पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है। सूचना पर थाना सिरसागंज और नसीरपुर पुलिस फोर्स के साथ पीएसी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बमुश्किल मामला शांत हुआ। बवाल में उमाकांत की मौसी प्रियंका, ग्रामीण सरमेश, अमित और राजू घायल हो गए। राजू के छर्रे लगे हैं, उसे जिला अस्पताल लाया गया है। सीओ श्रीभगवान का कहना है कि पुलिस ने रबर बुलेट चलाई थी, फायरिंग ग्रामीणों ने की है।
विज्ञापन
नगला खंगर के गांव मड़वा निवासी ओमवती अपने दस साल के बेटे उमाकांत के साथ विकास बाजार आई थीं। वहां उमाकांत को स्कूल बस ने चपेट में ले लिया। हादसे में बालक की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने बस चालक की पिटाई कर दी। ओमवती सुधबुध खो बैठीं। चालक वहां से बस लेकर भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। उधर ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचे परिवारजनों ने जब बालक के शव के बारे में पूछा तो पुलिस ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए। इस बीच पुलिस हादसा करने वाली बस को थाने ले आई। बस को देखते ही ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने लोगों को लठिया कर हटाना चाहा तो आक्रोश और भड़क गया। लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। थाना प्रभारी की जीप के शीशे तोड़ दिए। थाने में तोड़फोड़ भी की। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस और रबर बुलेट चलाई। ग्रामीणों ने पुलिस पर फायरिंग करने का भी आरोप लगाया है। सूचना पर थाना सिरसागंज और नसीरपुर पुलिस फोर्स के साथ पीएसी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बमुश्किल मामला शांत हुआ। बवाल में उमाकांत की मौसी प्रियंका, ग्रामीण सरमेश, अमित और राजू घायल हो गए। राजू के छर्रे लगे हैं, उसे जिला अस्पताल लाया गया है। सीओ श्रीभगवान का कहना है कि पुलिस ने रबर बुलेट चलाई थी, फायरिंग ग्रामीणों ने की है।
विज्ञापन