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Firozabad News: सीडीओ ने जेएस यूनिवर्सिटी से मांगे डॉ. सुकेश के शैक्षिक अभिलेख, भेजा नोटिस
Mon, 31 Mar 2025 11:35 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:35 PM IST
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फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव की मुश्किलों में जिला प्रशासन के नोटिस जारी होने के बाद इजाफा हुआ है। जांच समिति अध्यक्ष ने कुलाधिपति पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एके डिग्री कॉलेज शिकोहाबाद एवं भदावर डिग्री कॉलेज आगरा में नौकरी प्राप्त किए जाने के संबंध में शैक्षिक अभिलेख मांगे हैं। मंगलवार शाम पांच बजे तक सभी शैक्षिक अभिलेख एवं साक्ष्य जिला मुख्यालय दबरई पर मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने होंगे।
यूनिवर्सिटी की भूमि, नक्शा, सभी कोर्सों की डिग्रियों के संबंध में जांच समेत अन्य कई बिंदुओं पर जिला प्रशासन ने शासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं राज्य उच्च शिक्षा परिषद लखनऊ के अपर सचिव ने भी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करते हुए यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है। गत 24 मार्च को राधाकृष्ण निवासी हीरो एजेंसी के सामने थाना बाह जनपद आगरा एवं केशवदेव चतुर्वेदी निवासी चन्द्रपुर थाना बाह जनपद आगरा, हाल निवासी 82, राधा विहार कमला नगर जनपद आगरा ने एक शिकायती पत्र जिला प्रशासन की जांच समिति को दिया था।
दोनों शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ने शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन रोड स्थित एके डिग्री कॉलेज एवं भदावर विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज आगरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। यह शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन की जांच समिति के अध्यक्ष ने कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को गत 28 मार्च को नोटिस जारी किया है।
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जांच समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी फिरोजाबाद शत्रोहन वैश्य ने मंगलवार शाम पांच बजे तक नोटिस के जवाब के रूप में डॉ. सुकेश यादव के सभी शैक्षिक अभिलेखों एवं साक्ष्यों समेत जिला मुख्यालय दबरई स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस नोटिस का जवाब न मिलने पर जांच समिति अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई लाएगी।
जेएस विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है, उनसे किस वर्ष में कितने फैकल्टी मैं कितने छात्राओं ने परीक्षा पास की उनका संख्यात्मक विवरण मांगा है, इसके साथ एक शिकायती पत्र के आधार पर सुकेश यादव के शैक्षिक अभिलेख भी मांगे गए हैं ताकि मामले की जांच की जा सके। - शत्रोहन वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी
भाई-भतीजे, भांजी, बेटे और पत्नी संग मिलकर बनाई भदावर कॉलेज की समिति
शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ही नहीं, शिकोहाबाद में लेखपाल के पद पर तैनात रहे अशोक यादव पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। कुनबे को प्रबंध समिति में शामिल कर भदावर डिग्री कॉलेज पर एकाधिकार कर करोड़ों की संपत्ति खुर्द-बुर्द कर दिया गया। यह आरोप भदावर डिग्री कॉलेज के जीवन ट्रस्टी ने लगाते हुए समिति के कागजात भी कोर्ट में दाखिल किए हैं।
आगरा के भदावर डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल पद पर तैनात जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश को लेकर ट्रस्टी केशवदेव चतुर्वेदी ने आरोप लगाते हुए बताया है कि कॉलेज पर एकाधिकार के लिए डॉ. सुकेश ने वर्ष 2008 में पत्नी गीता यादव को सचिव बनाया था। आरोप है कि भदावर संस्कृति समाज के नाम से मिलती-जुलती भदावर संस्कृत समाज को पंजीकृत कराया गया। इस समिति के कागजात बताते हैं, कि समिति में गीता यादव ही नहीं, बल्कि उनके गांव एवं शिकोहाबाद तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात रहे डॉ. सुकेश के भाई अशोक यादव, पत्नी और बेटे भी शामिल हैं। इसका आगरा न्यायालय में केस चल रहा है।
भदावर में पिता और एके डिग्री कॉलेज में दर्ज कराया पति का नाम
भदावर डिग्री कॉलेज के ट्रस्टी केशवदेव चतुर्वेदी का आरोप है कि भदावर संस्कृत समिति को फर्जी तरह से बनाया गया है। इस समिति में सचिव बनीं डॉ. गीता यादव ने भदावर डिग्री कॉलेज में गीता यादव पुत्री विद्याराम यादव, जबकि एके डिग्री कॉलेज में गीता यादव पत्नी डॉ. सुकेश यादव के नाम से नौकरी कर रही हैं।
समिति में शामिल परिवार के सदस्य (केशवदेव के अनुसार)
1-डॉ. गीता यादव (सचिव)
2-इन्द्रा यादव (अशोक यादव की पत्नी)
3-डॉ. सुकेश यादव
4-प्रेमशंकर (देवर)
5-कमल सिंह, इन्द्रपाल सिंह एवं विजयपाल सिंह (चचिया ससुर)
6-धर्मेन्द्र सिंह (भतीजा)
7-प्रखर यादव एवं शुभम यादव (डॉ. सुकेश के बेटे)
8-शैलजा यादव (डॉ. सुकेश की भांजी)
9-अशोक यादव (डॉ. सुकेश का भाई)
10-शिखर यादव (अशोक का बेटा)
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यूनिवर्सिटी की भूमि, नक्शा, सभी कोर्सों की डिग्रियों के संबंध में जांच समेत अन्य कई बिंदुओं पर जिला प्रशासन ने शासन के निर्देश पर जांच शुरू कर दी है। इतना ही नहीं राज्य उच्च शिक्षा परिषद लखनऊ के अपर सचिव ने भी यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी करते हुए यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों को लखनऊ तलब किया है। गत 24 मार्च को राधाकृष्ण निवासी हीरो एजेंसी के सामने थाना बाह जनपद आगरा एवं केशवदेव चतुर्वेदी निवासी चन्द्रपुर थाना बाह जनपद आगरा, हाल निवासी 82, राधा विहार कमला नगर जनपद आगरा ने एक शिकायती पत्र जिला प्रशासन की जांच समिति को दिया था।
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दोनों शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ने शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन रोड स्थित एके डिग्री कॉलेज एवं भदावर विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज आगरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त की है। यह शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन की जांच समिति के अध्यक्ष ने कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव एवं यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक को गत 28 मार्च को नोटिस जारी किया है।
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जांच समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी फिरोजाबाद शत्रोहन वैश्य ने मंगलवार शाम पांच बजे तक नोटिस के जवाब के रूप में डॉ. सुकेश यादव के सभी शैक्षिक अभिलेखों एवं साक्ष्यों समेत जिला मुख्यालय दबरई स्थित मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस नोटिस का जवाब न मिलने पर जांच समिति अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई लाएगी।
जेएस विश्वविद्यालय प्रशासन को नोटिस जारी किया गया है, उनसे किस वर्ष में कितने फैकल्टी मैं कितने छात्राओं ने परीक्षा पास की उनका संख्यात्मक विवरण मांगा है, इसके साथ एक शिकायती पत्र के आधार पर सुकेश यादव के शैक्षिक अभिलेख भी मांगे गए हैं ताकि मामले की जांच की जा सके। - शत्रोहन वैश्य, मुख्य विकास अधिकारी
भाई-भतीजे, भांजी, बेटे और पत्नी संग मिलकर बनाई भदावर कॉलेज की समिति
शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश यादव ही नहीं, शिकोहाबाद में लेखपाल के पद पर तैनात रहे अशोक यादव पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी है। कुनबे को प्रबंध समिति में शामिल कर भदावर डिग्री कॉलेज पर एकाधिकार कर करोड़ों की संपत्ति खुर्द-बुर्द कर दिया गया। यह आरोप भदावर डिग्री कॉलेज के जीवन ट्रस्टी ने लगाते हुए समिति के कागजात भी कोर्ट में दाखिल किए हैं।
आगरा के भदावर डिग्री कॉलेज में प्रिंसिपल पद पर तैनात जेएस यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. सुकेश को लेकर ट्रस्टी केशवदेव चतुर्वेदी ने आरोप लगाते हुए बताया है कि कॉलेज पर एकाधिकार के लिए डॉ. सुकेश ने वर्ष 2008 में पत्नी गीता यादव को सचिव बनाया था। आरोप है कि भदावर संस्कृति समाज के नाम से मिलती-जुलती भदावर संस्कृत समाज को पंजीकृत कराया गया। इस समिति के कागजात बताते हैं, कि समिति में गीता यादव ही नहीं, बल्कि उनके गांव एवं शिकोहाबाद तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात रहे डॉ. सुकेश के भाई अशोक यादव, पत्नी और बेटे भी शामिल हैं। इसका आगरा न्यायालय में केस चल रहा है।
भदावर में पिता और एके डिग्री कॉलेज में दर्ज कराया पति का नाम
भदावर डिग्री कॉलेज के ट्रस्टी केशवदेव चतुर्वेदी का आरोप है कि भदावर संस्कृत समिति को फर्जी तरह से बनाया गया है। इस समिति में सचिव बनीं डॉ. गीता यादव ने भदावर डिग्री कॉलेज में गीता यादव पुत्री विद्याराम यादव, जबकि एके डिग्री कॉलेज में गीता यादव पत्नी डॉ. सुकेश यादव के नाम से नौकरी कर रही हैं।
समिति में शामिल परिवार के सदस्य (केशवदेव के अनुसार)
1-डॉ. गीता यादव (सचिव)
2-इन्द्रा यादव (अशोक यादव की पत्नी)
3-डॉ. सुकेश यादव
4-प्रेमशंकर (देवर)
5-कमल सिंह, इन्द्रपाल सिंह एवं विजयपाल सिंह (चचिया ससुर)
6-धर्मेन्द्र सिंह (भतीजा)
7-प्रखर यादव एवं शुभम यादव (डॉ. सुकेश के बेटे)
8-शैलजा यादव (डॉ. सुकेश की भांजी)
9-अशोक यादव (डॉ. सुकेश का भाई)
10-शिखर यादव (अशोक का बेटा)