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डायट से अंकपत्र चोरी होने का मामला: प्राधिकरण ने अंकपत्र देने से किया इन्कार, प्रयागराज बुलाए गए डायट प्राचार्य

Wed, 10 Dec 2025 11:48 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Wed, 10 Dec 2025 11:48 PM IST
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Case of theft of marksheet from DIET: Authority refused to give marksheet, DIET principal called to Prayagraj
सांकेतिक  - फोटो : सांकेतिक
फिरोजाबाद। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट से विशिष्ट बीटीसी 1999, 2004, 2007 और 2008 बैच की मूल अंकपत्र चोरी होने का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने डायट प्राचार्य के पत्र पर अंकपत्र उपलब्ध कराने से इन्कार कर दिया है। प्राधिकरण ने कहा है कि अंकतालिकाएं चोरी हुईं, तो उसकी एफआईआर कहां है। बिना एफआईआर के कैसे मान लिया जाए कि वहां कोई चोरी हुई है। इधर, डायट प्राचार्य बृजेंद्र कुमार को बुधवार को प्रयागराज तलब कर उनसे पूरे प्रकरण पर विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा गया।
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बीती 3 दिसंबर को डायट प्राचार्य ने नियामक प्राधिकरण को पत्र भेजा था। करीब एक सपताह बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण ने अंकतालिका नहीं भेजी। ऐसे में शिक्षकों में आक्रोश है। मंगलवार को डीएम ने भी पूरे मामले में प्राचार्य को बुलाकर रिपोर्ट तलब की। जिम्मेदारों को कड़ी फटकार भी लगाई गई। इसके बाद बुधवार सुबह ही प्राचार्य बृजेंद्र कुमार प्रयागराज को निकल गए। वहां परीक्षा नियामक प्राधिकरण के सचिव से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। न ही अंकतालिकाएं जारी करने को लेकर कोई निर्णय हुआ। नियामक रजिस्ट्रार विपिन कुमार से उनकी मुलाकात हुई। इसके बाद प्राचार्य से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया।
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जिम्मेदार कब तक रहेंगे खामोश...किसे बचाया जा रहा
अंकतालिकाओं के कथित चोरी होने और तहरीर में उनके उल्लेख तक न होने से यह पूरा प्रकरण अब साधारण चोरी से बढ़कर संभावित घोटाले का रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्राधिकारी के सख्त रुख और प्राचार्य से मांगे गए जवाब के बाद अब डायट प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह पूरा मामला शासन-प्रशासन और उच्चशिक्षा विभाग के गलियारों में गूंज रहा है। प्रदेश भर में तैनात 1500 से अधिक शिक्षकों की सांसें अटकी हुई हैं। इसके बावजूद अभी तक मामले में कोई भी जांच कमेटी गठित नहीं की गई है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है, जो इस मामले के उजागर होने के बाद अभी भी लीपापोती की दरारों में प्रशासन, शासन झांक रहा है। जबकि खुद उच्चशिक्षा मंत्री योेगेंद्र उपाध्याय फिरोजाबाद के जिला प्रभारी मंत्री हैं। इसके बाद भी यहां के जनप्रतिनिधि भी सिर्फ शिक्षकों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के मामले में तमाशबीन बने हुए हैं।
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नियामक प्राधिकरण आएं हैं, यहां अभी सचिव सर से मुलाकात नहीं हुई है। हमने पूरा स्पष्टीकरण लिखकर दे दिया है।
बृजेंद्र कुमार, प्राचार्य, जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान



बीएसए कार्यालय से भी प्रमोशन फाइल गायब
फिरोजाबाद। शिक्षा विभाग में प्रमोशन और भर्ती जैसे महत्वपूर्ण अभिलेख की फाइल गुम होना आम बात नहीं है। बीते कुछ माह पहले बीएसए कार्यालय में भी प्रमोशन की फाइल गायब होने की बात सामने आई थी। शिकायत हुई थी कि शिक्षक का गलत प्रमोशन कर दिया है। जांच शुरु की गई तो प्रमोशन की फाइल ही गायब थी। मामला अभी तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। उस मामले में भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।




मुद्दा बड़ा, लेकिन अधिकांश शिक्षक संगठनों ने साधी चुप्पी
करीब 1500 शिक्षकों के अंकपत्र डायट से गायब है। शिक्षक सीटेट का फार्म नहीं भर पा रहे हैं। जिले में सात शिक्षक संगठन संचालित है। इसमें एक ही प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष शौर्यदेवमणि यादव के नेतृत्व में ही अपना विरोध दर्ज कराने डायट पर पहुंचा। शेष छह शिक्षक संगठन चुप्पी साधे हैं।
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