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Firozabad News: समग्र शिक्षा में बजट का संकट, 2003 शिक्षाकर्मियों का फंसा मानदेय

Mon, 09 Oct 2023 12:06 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Mon, 09 Oct 2023 12:06 AM IST
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Budget crisis in holistic education, 2003 honorarium of education workers stuck
फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में समग्र शिक्षा अभियान के तहत अलग-अलग पदों पर तैनात करीब दो हजार से ज्यादा संविदा व आउटसोर्सिंग कर्मचारी कंगाल बने हुए हैं। पहले रक्षाबंधन का त्योहार बिना मानदेय के गुजरा, अब दिवाली का त्योहार पर भी संकट दिख रहा है। क्योंकि इन कर्मचारियों का मानदेय चार माह तो किसी का तीन माह से अटका हुआ है। मानदेय कब मिल पाएगा, अभी तक जानकारी नहीं है।जनपद में 2003 शिक्षाकर्मियों पर आर्थिक संकट आ गया है। इसमें 1770 शिक्षामित्रों को अगस्त और 165 अनुदेशकों को भी जुलाई माह से मानदेय न मिलने से मुश्किल आ रही है। इसके अलावा जिला स्तर पर तैनात समेकित शिक्षा के विशेष शिक्षक पद पर तैनात 20 शिक्षाकर्मी भी मानदेय न मिलने की समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें जिले में जिला कार्यक्रम अधिकारी स्तर पर तैनात तीन कर्मियों को अगस्त व सितंबर दो माह मानदेय नहीं मिला है।
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जिले तीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों की बात करें तो इनमें वार्डन, पूर्ण कालिक व अंश कालिक शिक्षिकाएं, लेखाकार, कंप्यूटर टीचर, रसोइया कार्यकर्ता, चपरासी व चौकीदार आदि पद स्वीकृत हैं। अब खास बात यह है कि इन पदों पर तैनात करीब 40 कर्मियों को मई महीने से मानदेय नसीब नहीं हुआ है। पांच माह के इस मानदेय के न मिलने से इन कर्मियों पर आर्थिक संकट छाया हुआ है। जिलेभर के विकासखंड स्तर पर लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर व गुणवत्ता समन्वयक पद पर तैनात 25 कर्मियों को भी माह जुलाई से मानदेय नहीं मिला है।
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बजट के अभाव में शिक्षामित्रों व अनुदेशकों, केजीबी के शिक्षकों, विशेष शिक्षकों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है। कुछ ग्रांट आ गई है। इससे एक माह का मानदेय आगामी सप्ताह में भेज दिया जाएगा।
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पवन कुमार, प्रभारी लेखाधिकारी समग्र शिक्षा अभियान
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हर माह होती है देरी, उधारी से चला रहे घर
शिक्षामित्र, अनुदेशक अल्प मानदेय पर नौकरी कर रहे हैं। इनका कहना है कि मानदेय प्रतिमाह मिलना चाहिए। इससे आर्थिक संकट से निजात मिल सकेगी। वहीं कुछ शिक्षाकर्मियों का कहना है कि हर माह मानदेय के लिए इंतजार रहता है, लेकिन हर बार निराश ही होना पड़ता है। बीते कई माह से यह समस्या रही है कि पूरी मेहनत व लगन से अपनी डयूटी करने के बावजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत दूसरे कर्मियों को मानदेय के लिए तरसना पड़ता है। उधारी से घर चला रहे हैं।
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-शिक्षामित्र- 1770-अनुदेशक- 165
-आउटसोर्सिंग कर्मचारी- 25
-विशेष शिक्षक- 20
-जिला समन्वयक- 03
-कस्तूरबा गांधी विद्यालय में स्टाफ - 40
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