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कांच उद्योग जगत को बडी राहत, नेपाल से कांच भंगार की आपूर्ति का रास्ता साफ
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फिरोजाबाद ! औद्योगिक क्षेत्र स्थित चूड़ी कारखाने में काम करते श्रमिक
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद।सु हागनगरी के कारखानेदार माउथ ब्लोइंग, कांच बोतल एवं चूड़ी इकाइयों में खपने वाली भंगार का टोटा नहीं झेलेंगे। नेपाल एवं पश्चिम बंगाल के रास्ते आने वाली कांच की भंगार का फिरोजाबाद आने का रास्ता साफ हो गया है। अन्य प्रांतों व पड़ोसी देशों से टेंडर प्रक्रिया शुरू होने से मंहगी कांच भंगार खरीदने को मजबूर कारखानेदारों को राहत की उम्मीद हैं।
सुहागनगरी की कांच बोतल इंडस्ट्री के लगभग 100 चूड़ी कारखानों एवं 20 माउथ ब्लोइंग इकाइयों में निष्प्रोज्य अथवा टूटे कांच को परिष्कृत अर्थात रीसाइकिल कर कांच उत्पादों का निर्माण किया जाता है। हालांकि अधिकांश कांच उत्पादों का निर्माण राजस्थान से आयतित सोडा से किया जाता है लेकिन कांच भंगार को रीसाइकिल कर उसे दोबारा से कांच उत्पादों का निर्माण ज्यादा आसान है।
विगत दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के कारण छाई वैश्विक मंदी एवं रोक के कारण प्रदेश के पूर्वोत्तर जिलों के रास्ते नेपाल व पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेेश से कांच भंगार की आपूर्ति फिरोजाबाद में नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर कांच भंगार की कीमतों पर पड़ रहा था। सामान्य दिनों में लगभग पांच से सात रुपये प्रतिकिलोग्राम की कीमत वाली कांच भंगार को कारखानेदार साढे़ नौ रुपये से दस रुपये में खरीदने को मजबूर थे। कांच इकाई संचालकों की मानें तो केंद्रीय स्तर पर बनी सहमति के बाद पूर्वोत्तर राज्यों गुवाहाटी, बंगाल सहित नेपाल देश में कांच भंगार के टेंडर उठाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इन क्षेत्रों से निष्प्रोज्य अथवा टूटे कांच की भंगार की आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
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-फिरोजाबाद की चूड़ी इकाईयों में प्रतिदिन खपती है लगभग 2500 टन कांच की भंगार
-नेपाल व बंग्ला देश के अलावा राजस्थान,महाराष्ट्र,पूर्वी उत्तर प्रदेश,दिल्ली एवं बिहार प्रांत होती भंगार की सप्लाई
-निष्प्रोज्य बिजली के बल्व,ट्यूब लाइट की रिफिल,कांच ग्लास व बोतल आदि के निष्प्रोज्य कांच को रिसाईकिल कर उपयोग में लाते हैं कारखानेदार
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कारखानेदारों की बात-
-- नेपाल से कांच भंगार की आपूर्ति मिलने से स्थानीय उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। कारखानों में विभिन्न केमिकल के माध्यम से तैयार होने वाले कांच की कमी को रीसाइकिल भंगार के माध्यम से पूरा किया जाता है। नेपाल से भंगार की आपूर्ति होने की आस लंबे समय से थी।
राजकुमार मित्तल अध्यक्ष यूपीजीएमएस
-- नेपाल में करीब दो वर्ष बाद कांच भंगार के टेंडर उठने शुरू हो गए हैं। वहां से कांच भंगार की आपूर्ति मिलने से स्थानीय स्तर पर भंगार के दामों में गिरावट आएगी। कांच उत्पादों के निर्माण में खपने वाले तमाम केमिकल के दाम उछाल पर हैं। ऐसे में भंगार की कीमत कम होने के आसार राहत की बात है।
बिन्नी मित्तल चूड़ी कारखानेदार
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सुहागनगरी की कांच बोतल इंडस्ट्री के लगभग 100 चूड़ी कारखानों एवं 20 माउथ ब्लोइंग इकाइयों में निष्प्रोज्य अथवा टूटे कांच को परिष्कृत अर्थात रीसाइकिल कर कांच उत्पादों का निर्माण किया जाता है। हालांकि अधिकांश कांच उत्पादों का निर्माण राजस्थान से आयतित सोडा से किया जाता है लेकिन कांच भंगार को रीसाइकिल कर उसे दोबारा से कांच उत्पादों का निर्माण ज्यादा आसान है।
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विगत दो वर्षों से कोरोना संक्रमण के कारण छाई वैश्विक मंदी एवं रोक के कारण प्रदेश के पूर्वोत्तर जिलों के रास्ते नेपाल व पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेेश से कांच भंगार की आपूर्ति फिरोजाबाद में नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर कांच भंगार की कीमतों पर पड़ रहा था। सामान्य दिनों में लगभग पांच से सात रुपये प्रतिकिलोग्राम की कीमत वाली कांच भंगार को कारखानेदार साढे़ नौ रुपये से दस रुपये में खरीदने को मजबूर थे। कांच इकाई संचालकों की मानें तो केंद्रीय स्तर पर बनी सहमति के बाद पूर्वोत्तर राज्यों गुवाहाटी, बंगाल सहित नेपाल देश में कांच भंगार के टेंडर उठाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जल्द ही इन क्षेत्रों से निष्प्रोज्य अथवा टूटे कांच की भंगार की आपूर्ति मिलने की उम्मीद है।
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-फिरोजाबाद की चूड़ी इकाईयों में प्रतिदिन खपती है लगभग 2500 टन कांच की भंगार
-नेपाल व बंग्ला देश के अलावा राजस्थान,महाराष्ट्र,पूर्वी उत्तर प्रदेश,दिल्ली एवं बिहार प्रांत होती भंगार की सप्लाई
-निष्प्रोज्य बिजली के बल्व,ट्यूब लाइट की रिफिल,कांच ग्लास व बोतल आदि के निष्प्रोज्य कांच को रिसाईकिल कर उपयोग में लाते हैं कारखानेदार
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कारखानेदारों की बात-
-- नेपाल से कांच भंगार की आपूर्ति मिलने से स्थानीय उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी। कारखानों में विभिन्न केमिकल के माध्यम से तैयार होने वाले कांच की कमी को रीसाइकिल भंगार के माध्यम से पूरा किया जाता है। नेपाल से भंगार की आपूर्ति होने की आस लंबे समय से थी।
राजकुमार मित्तल अध्यक्ष यूपीजीएमएस
-- नेपाल में करीब दो वर्ष बाद कांच भंगार के टेंडर उठने शुरू हो गए हैं। वहां से कांच भंगार की आपूर्ति मिलने से स्थानीय स्तर पर भंगार के दामों में गिरावट आएगी। कांच उत्पादों के निर्माण में खपने वाले तमाम केमिकल के दाम उछाल पर हैं। ऐसे में भंगार की कीमत कम होने के आसार राहत की बात है।
बिन्नी मित्तल चूड़ी कारखानेदार