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धनवन्तरि जयंती पर विशेष कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं पर बढ़ा विश्वास, सरकारी चिकित्सालय खस्ताहाल

Wed, 11 Nov 2020 11:45 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Nov 2020 11:45 PM IST
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महावीर नगर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। आयुर्वेद के जनक भगवान धनवन्तरि की जयंती धनतेरस के रुप में मनाई जाती है। कोरोना काल में लोगों का आयुर्वेद पर विश्वास और भी बढ़ा है। आयुर्वेेद से जुड़ी दवाओं का अच्छा कारोबार रहा लेकिन सरकारी की उपेक्षा के कारण आयुर्वेद चिकित्सालय अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। आयुर्वेद अस्पताल चिकित्सकों की कमीं से जूूझ रहे हैं।
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जिले में कुल 26 आयुर्वेदिक अस्पताल एवं दो यूनानी चिकित्सालय हैं। 12 चिकित्सकों की तैनाती के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। खासतौर पर जांच संबंधी उपकरण उपलब्ध नहीं होने के कारण आयुर्वेदिक चिकित्सा के लिए पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां तक कि आयुर्वेदिक अधिकारियों के बैठने क लिए विभाग की कोई जगह नहीं है। 26 आयुर्वेदिक अस्पतालों में सिर्फ तीन निजी भवनों में चल रहे हैं। शेष पंचायत घरों या फिर अन्य किराये के भवनों में चल रहे हैं।
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यहां हैं आयुर्वेद अस्पताल
महावीर नगर में जिला स्तरीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। इसके अलावा शिकोहाबाद स्थित करहरा, सिरसागंज, पैगू, गढ़सान, मुहम्मदपुर, धनपुरा, जौंधरी एवं बछगांव, आयुर्वेदिक चिकित्सालय संचालित हैं।
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आयुर्वेदिक अस्पताल चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे हैं। बजट भी धीरे-धीरे आता है। अगर आयुर्वेद अस्पतालों की ओर थोड़ा ध्यान दिया जाए तो आयुर्वेदिक चिकित्सा फिर आगे बढ़ सकती है। जहां चिकित्सक तैनात हैं, उन अस्पताल में 600 से 700 नए मरीज हर महीने में आते हैं। आज भी आयुर्वेद पर भरोसा है।
डॉ. वीरेंद्र राजपूत - राजकीय आयुुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी
- सरकार आयुर्वेद चिकित्सा पर ध्यान दें तभी कुछ बात बन सकती है। आयुर्वेद कॉलेज की कमी भी आयुर्वेद चिकित्सा की तरक्की में बाधा है। जबकि वैश्विक महामारी में आयुर्वेद ने सिद्ध कर दिखाया है कि आयुर्वेद से असाध्य रोगों से निपटा जा सकता है।
डा. प्रशांत अग्रवाल -आयुर्वेद चिकित्सक
- आयुर्वेद में असाध्य रोगों का इलाज भी है। कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग सफल रहा। आयुष विभाग ने भी आयुर्वेद दवाओं पर भरोसा जताया। सोंठ, दालचीनी, काली मिर्च, तुलसी आदि का मिश्रित काढ़ा कोरोना काल में काफी उपयोगी रहा। आयुर्वेदिक दवाओं की बिक्री भी बढ़ी है।

प्रवीन अग्रवाल - आयुर्वेद दवा निर्माता
धनवन्तरि जयंती पर कार्यक्रम कल
प्राइवेट चिकित्सक संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. मुनींद्र कुमार शर्मा ने बताया कि भगवान धनवन्तरि जयंती पर 13 नवंबर को दोपहर 2:30 बजे प्रधान कार्यालय श्याम नगर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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