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Firozabad News: मैदान गीला होने पर इनडोर जिम और फिटनेस ट्रेनिंग का सहारा ले रहे खिलाड़ी
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फोटो 6 दाऊदयल स्टेडियम में भरा पानी। स्रोत: खिलाड़ी
फिरोजाबाद। बारिश ने खेल मैदानों को भले ही पानी से भर दिया हो, लेकिन खिलाड़ियों का जज्बा कम नहीं हुआ है। मैदानों में जलभराव और फिसलन के बावजूद खिलाड़ियों ने अपनी तैयारी की रफ्तार धीमी नहीं पड़ने दी है।
इन दिनों वे आउटडोर की जगह इनडोर अभ्यास का रुख कर अपनी फिटनेस को पूरी तरह बरकरार रखे हुए हैं। जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो, योग और बॉडी वेट एक्सरसाइज के जरिए खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
बारिश के मौसम में गीले और फिसलन भरे मैदानों पर दौड़ने या खेलने से खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। पैर फिसलने से मोच आने, मांसपेशियों में खिंचाव या घुटनों में गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
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जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के कोच श्यामवीर का कहना है कि ऐसे समय में अनावश्यक जोखिम उठाने के बजाय खिलाड़ियों को अपने अभ्यास के तरीके में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इनडोर ट्रेनिंग के तहत जिम वर्कआउट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो के साथ-साथ योग और स्ट्रेचिंग करने से शरीर की ताकत, लचीलापन और सहनशक्ति सुरक्षित रहती है।
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सही ग्रिप वाले जूतों का इस्तेमाल करें
जिला क्रीड़ाधिकारी मुकेश कुमार ने सलाह दी है कि खिलाड़ियों को उचित ग्रिप वाले जूतों का इस्तेमाल करना चाहिए तथा अभ्यास समाप्त होते ही गीले कपड़े तुरंत बदल लेने चाहिए। लंबे समय तक गीले जूते और मोजे पहने रहने से त्वचा संबंधी समस्याएं और फंगल संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है, जिससे सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।
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इन दिनों वे आउटडोर की जगह इनडोर अभ्यास का रुख कर अपनी फिटनेस को पूरी तरह बरकरार रखे हुए हैं। जिम में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो, योग और बॉडी वेट एक्सरसाइज के जरिए खिलाड़ी आगामी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
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बारिश के मौसम में गीले और फिसलन भरे मैदानों पर दौड़ने या खेलने से खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका काफी बढ़ जाती है। पैर फिसलने से मोच आने, मांसपेशियों में खिंचाव या घुटनों में गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
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जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के कोच श्यामवीर का कहना है कि ऐसे समय में अनावश्यक जोखिम उठाने के बजाय खिलाड़ियों को अपने अभ्यास के तरीके में बदलाव करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इनडोर ट्रेनिंग के तहत जिम वर्कआउट, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो के साथ-साथ योग और स्ट्रेचिंग करने से शरीर की ताकत, लचीलापन और सहनशक्ति सुरक्षित रहती है।
सही ग्रिप वाले जूतों का इस्तेमाल करें
जिला क्रीड़ाधिकारी मुकेश कुमार ने सलाह दी है कि खिलाड़ियों को उचित ग्रिप वाले जूतों का इस्तेमाल करना चाहिए तथा अभ्यास समाप्त होते ही गीले कपड़े तुरंत बदल लेने चाहिए। लंबे समय तक गीले जूते और मोजे पहने रहने से त्वचा संबंधी समस्याएं और फंगल संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है, जिससे सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।