फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   Annadata worried about potato marketing system

आलू के विपणन व्यवस्था को लेकर अन्नदाता चिंतित

Fri, 21 Jan 2022 12:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:03 AM IST
विज्ञापन
Annadata worried about potato marketing system
आलू के विपणन व्यवस्था को लेकर अन्नदाता चिंतित
विज्ञापन

फिरोजाबाद। सब्जियों का राजा आलू चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनेगा। 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान आलू चिप्स इकाई स्थापना की बात सत्ताधारी दल के नेताओं ने की थी। स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से स्थापित इकाई मात्र चार क्विंटल आलू प्रतिदिन खपा सकेगी। इस छोटी फैक्टरी का लाभ आलू उत्पादक किसानों को नहीं मिला। आलू के विपणन की व्यवस्था जितनी मजबूत होनी चाहिए वह नहीं है। इस कारण किसान परेशान हैं।
विधानसभा चुनाव 2022 आ गया। प्रत्याशी घर-घर वोट मांगने के लिए दस्तक देंगे। इस चुनाव के बीच अन्नदाता अपनी समस्याओं की लंबी सूची लिए बैठे हैं। जिले की बात करें तो फिरोजाबाद जिला आलू उत्पादन का हब है। दो लाख से अधिक किसान परिवार सीधे इससे प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। पिछले चुनाव के दौरान फिरोजाबाद में आलू चिप्स की बड़ी फैक्टरी स्थापित करने की बात चली थी। आर्कचिप्स स्वयं सहायता समूह के माध्यम से फैक्टरी लगाई गई। यदि इसका संचालन सही ढंग से हो तो आलू किसानों को बड़ा लाभ मिल सकता है। लेकिन ऐसी पहल अभी तक होती नहीं दिखाई दे रही है। किसानों का जोर आलू विपणन प्रणाली पर है, यदि आलू को बाहर बिक्री के लिए भेजा जाए तो यह किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकता है।
विज्ञापन

............
यह बोले किसान
बढ़ रही लागत
आलू की फसल की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। खाद, बीज, जोताई और सिंचाई सभी महंगा हो गया। मजबूत विपणन प्रणाली के अभाव में आलू की कीमत जो मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पाती है। जिला प्रशासन एवं सत्ताधारी दल इस पर ध्यान दें। -अरुण कुमार, नगला खुशाली सिरसागंज
विज्ञापन
विज्ञापन

आलू भिजवाने की कराएं व्यवस्था
सब्जियों के राजा आलू से किसानों को उम्मीद तो बहुत रहती है, लेकिन समय गुजरने के साथ गिरता भाव टेंशन बढ़ा देता है। सत्ता शासन यदि किसानों को महाराष्ट्र, दिल्ली व दक्षिणी राज्यों की मंडी में आलू भिजवाने की व्यवस्था कराए तो लाभ मिल सकता है। -रक्षपाल सिंह, कबीरपुर भदेसरा सिरसागंज
ठोस पहल की जरूरत
आलू की फसल को कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। यदि इन सभी से बच भी जाए तो उचित भाव न मिल पाने के कारण किसान की लागत तक नहीं निकल पाती। इस दिशा में ठोस पहल की जरूरत है। तभी किसानों को लाभ मिल सकेगा। -धर्मेंद्र सिंह, असवाई सिरसागंज
रकबा घटाने को होंगे मजबूर
यदि समय रहते इस तरफ ध्यान नहीं दिया तो हम मजबूरन आलू उत्पादन का रकबा घटाएंगे। लागत एवं मेहनत के साथ जब फसल का उत्पादन करें और उसका भी उचित मूल्य न मिले तो फिर ऐसा काम करने से क्या फायदा। -पंकज सिंह, ऊमरी सिरसागंज
एक नजर में जिले के कोल्ड स्टोरेज
जिले में 60 हजार हेक्टेयर में बोई जाती है आलू की फसल। जिले के दो लाख से अधिक किसान परिवारों का है जुड़ाव। जिले में 150 से अधिक कोल्ड स्टोरेज स्थापित। इनमें 13 लाख मीट्रिक टन से अधिक आलू रखने की क्षमता।

.............
वर्जन.............
बाहर से आने लगे व्यापारी
जिले में आलू की खरीदारी करने के लिए मुंबई, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के व्यापारी आने शुरू हो गए हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि दक्षिण क्षेत्र के बाजारों के बड़े व्यापारियों को जोड़ें ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। इस सयम किसानों के समक्ष आलू फेंकने जैसी स्थिति नहीं रही। -डॉ. संजीव वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी फिरोजाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed