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अंबुबाची महोत्सव : तीन दिनों के लिए बंद हुए मां कामाख्या के कपाट
Sun, 22 Jun 2025 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 22 Jun 2025 11:09 PM IST
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सफेद कपड़ों में मां कामाख्या का विग्रह और पट बंद करने वालीं महिलाएं
जसराना (फिरोजाबाद)। रविवार को पंचदिवसीय अंबुबाची महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया। मंगला आरती के साथ शुरू हुए इस महोत्सव में मां कामाख्या देवी के गर्भग्रह के पट तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए। पट बंद होने से पूर्व मां का लाल श्रृंगार उतारा गया और सफेद वस्त्रों से श्रृंगार किया गया, जिसे देख भक्तों की आंखें नम हो गईं।
मां कामाख्या धाम के पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी के निर्देशन में नौ सौभाग्यशाली महिलाओं ब्लॉक प्रमुख संध्या लोधी, पूनम चौहान (अंबाला), सरिता गुप्ता (अलीगढ़), विमला परिहार (फर्रुखाबाद), दिव्या गुप्ता (छर्रा), कुसुम यादव (जसराना), बिट्टो देवी (हरदोई), शिवकुमारी (फिरोजाबाद) और साधना यादव (शिकोहाबाद) ने मंगला आरती में भाग लिया। वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ पुजारियों ने मां का लाल श्रृंगार उतारा और उसके बाद उन्हें सफेद वस्त्रों से सजाया गया।
पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि सामान्य महिलाओं की तरह मां कामाख्या भी रजस्वला होती हैं, जिसके कारण तीन दिनों के लिए गर्भग्रह के पट बंद रखे जाते हैं। इन तीन दिनों तक धाम में भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अग्नि से पका हुआ भोजन वर्जित है।
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मां कामाख्या के पट 25 जून की सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ खोले जाएंगे। श्रृंगार के बाद सभी भक्तों को दर्शन करने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से 25 और 26 जून को आम भक्तों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।
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मां कामाख्या धाम के पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी के निर्देशन में नौ सौभाग्यशाली महिलाओं ब्लॉक प्रमुख संध्या लोधी, पूनम चौहान (अंबाला), सरिता गुप्ता (अलीगढ़), विमला परिहार (फर्रुखाबाद), दिव्या गुप्ता (छर्रा), कुसुम यादव (जसराना), बिट्टो देवी (हरदोई), शिवकुमारी (फिरोजाबाद) और साधना यादव (शिकोहाबाद) ने मंगला आरती में भाग लिया। वेदमंत्रों के उच्चारण के साथ पुजारियों ने मां का लाल श्रृंगार उतारा और उसके बाद उन्हें सफेद वस्त्रों से सजाया गया।
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पीठाधीश महेश स्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि सामान्य महिलाओं की तरह मां कामाख्या भी रजस्वला होती हैं, जिसके कारण तीन दिनों के लिए गर्भग्रह के पट बंद रखे जाते हैं। इन तीन दिनों तक धाम में भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए अग्नि से पका हुआ भोजन वर्जित है।
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मां कामाख्या के पट 25 जून की सुबह चार बजे मंगला आरती के साथ खोले जाएंगे। श्रृंगार के बाद सभी भक्तों को दर्शन करने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से 25 और 26 जून को आम भक्तों के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था की जाएगी।