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एचसीपी जान पर खेल गया, पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही
Amar Ujala
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:54 AM IST
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एचसीपी जान पर खेल गया, पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही
- फोटो : Amar Ujala
घंटों चला लूट के घटनास्थल को लेकर एटा और फीरोजाबाद पुलिस में विवाद
लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम ने किया विवाद का निपटारा
जिस लूट की सूचना पर एचसीपी राजवीर सिंह बदमाशों को पकड़ने के लिए जान पर खेल गए और उसके घटनास्थल को लेकर एटा व फीरोजाबाद की पुलिस आपस में झगड़ती रही। घटना स्थल के सीमा विवाद का हल नहीं निकल पाया तो लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम जलेसर को मौके पर बुला लिया गया। इन्होंने घटना स्थल थाना नारखी फीरोजाबाद का होने की पुष्टि की, इसके बाद फीरोजाबाद के थाना सकरौली पर निल में रिपोर्ट दर्ज की गई और उसे जांच के लिए नारखी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
जिस समय लूट की सूचना आई, उस समय चौकी पर एचसीपी (हेड कांस्टेबिल प्रोन्नत) राजवीर सिंह ही मौजूद थे। अकेले ही वह चौराहे पर पहुंच गए। बदमाश जैसे ही रिजावली चौराहे पर पहुंचे तो उन्होंने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। बदमाशों ने बाइक की टक्कर उन्हें मारी, जिसपर राजवीर सिंह गिर पड़े। गिरने के बाद भी उन्होंने एक बदमाश का पैर पकड़ लिया। काफी दूर वह बाइक के साथ घिसटते गए लेकिन उन्होंने बदमाश का पैर नहीं छोड़ा। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोलियां मारी। घायल होने के बाद उनसे बदमाश का पैर छुट गया और बदमाश फरार हो गए। सीमा विवाद का निस्तारण होने के बाद घटना की रिपोर्ट तो सकरौली थाने में लिखी गई, किंतु लूट स्थल थाना नारखी क्षेत्र को मानते हुए जांच के लिए रिपोर्ट थाना नारखी स्थानांतरित करने की बात कही गयी है।
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लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम ने किया विवाद का निपटारा
जिस लूट की सूचना पर एचसीपी राजवीर सिंह बदमाशों को पकड़ने के लिए जान पर खेल गए और उसके घटनास्थल को लेकर एटा व फीरोजाबाद की पुलिस आपस में झगड़ती रही। घटना स्थल के सीमा विवाद का हल नहीं निकल पाया तो लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम जलेसर को मौके पर बुला लिया गया। इन्होंने घटना स्थल थाना नारखी फीरोजाबाद का होने की पुष्टि की, इसके बाद फीरोजाबाद के थाना सकरौली पर निल में रिपोर्ट दर्ज की गई और उसे जांच के लिए नारखी स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
जिस समय लूट की सूचना आई, उस समय चौकी पर एचसीपी (हेड कांस्टेबिल प्रोन्नत) राजवीर सिंह ही मौजूद थे। अकेले ही वह चौराहे पर पहुंच गए। बदमाश जैसे ही रिजावली चौराहे पर पहुंचे तो उन्होंने बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। बदमाशों ने बाइक की टक्कर उन्हें मारी, जिसपर राजवीर सिंह गिर पड़े। गिरने के बाद भी उन्होंने एक बदमाश का पैर पकड़ लिया। काफी दूर वह बाइक के साथ घिसटते गए लेकिन उन्होंने बदमाश का पैर नहीं छोड़ा। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोलियां मारी। घायल होने के बाद उनसे बदमाश का पैर छुट गया और बदमाश फरार हो गए। सीमा विवाद का निस्तारण होने के बाद घटना की रिपोर्ट तो सकरौली थाने में लिखी गई, किंतु लूट स्थल थाना नारखी क्षेत्र को मानते हुए जांच के लिए रिपोर्ट थाना नारखी स्थानांतरित करने की बात कही गयी है।
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