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Firozabad News: एक वर्ष पूर्व दर्ज की गईं अनुपस्थित, अब सामने आई उत्पीड़न की शिकायत
Sat, 03 May 2025 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 03 May 2025 11:29 PM IST
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- गुमनाम शिकायती पत्र में प्रोफेसर पर लगा उत्पीड़न का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। नारायण डिग्री कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के खिलाफ दिए गए शिकायती पत्र से महाविद्यालय प्रशासन में खलबली मची हुई है। महाविद्यालय के पास अब तक कोई भी शिकायती पत्र नहीं पहुंचा है। ऐसे में पिछले वर्ष महाविद्यालय से परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकीं छात्राओं को आधार बनाकर की गई गुमनाम शिकायत खुद में कई सवाल खड़े करने लगी है।
शहर के नारायण डिग्री कॉलेज में जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष पर एमएससी की छात्राओं को प्रैक्टिकल में फेल करने की धमकी, उनके अश्लील फोटो एवं वीडियो वायरल बनाकर उनका यौन उत्पीड़न करने के मामले ने महाविद्यालय प्रशासन में खलबली मचा दी है। महाविद्यालय प्रशासन ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जब जांच शुरु की, तो शनिवार को चौंकाने वाली बातें सामने आईं। दरअसल जिन पांच छात्राओं को आधार बनाकर उत्पीड़न की शिकायत की गई। वह पिछले वर्ष ही महाविद्यालय से एमएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करके जा चुकी हैं। शिकायती पत्र में किसी भी छात्रा का नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार से जब बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल 2024 को जन्तु विज्ञान विभाग की एमएससी द्वितीय वर्ष की पांच छात्राओं का मामला उनके सामने आया था। जिसमें उनका आरोप था कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में उपस्थित होने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाकर फेल करा दिया गया है। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता करके उन्हें पुनः परीक्षा दिलाई गई थी। जिसमें पांचों पीड़ित छात्राएं उत्तीर्ण हुई थीं। इसके अलावा विभागाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए जांच कमेटी भी गठित की गई थी। जिसमें पालीवाल महाविद्यालय के प्राचार्य को अध्यक्ष नामित किया गया था। जिन्होंने छात्राओं के आरोपों की जांच की थी। उस दौरान छात्राओं ने जांच कमेटी के सामने भी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर उत्पीड़न करने की शिकायत नहीं की थी।
गुमनाम तरीके से एक वर्ष बाद की गई शिकायत
शिकोहाबाद। वर्ष 2024 में महाविद्यालय में अध्यनरत एमएससी द्वितीय वर्ष की पांचों छात्राओं से बातचीत करने के बाद उनके द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर 4 जून 2024 को की गई शिकायत का निस्तारण किया गया था। अब एक वर्ष बाद गुमनाम तरीके से गत 11 अप्रैल 2025 में की गई उत्पीड़न की शिकायत किसी के गले नहीं उतर रही है।
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हमारे महाविद्यालय प्रशासन के पास जिन पांच छात्राओं का मामला प्रकाश में आया था। उसे वर्ष 2024 में ही सुलझा दिया गया था। वह पिछले वर्ष ही परीक्षा उत्तीर्ण कर महाविद्यालय से जा चुकी हैं। अब जो शिकायती पत्र प्रकाश में आया है, उसमें किसी भी पीड़ित छात्रा के नाम का उल्लेख नहीं है। संभवतः किसी अन्य व्यक्ति ने गुमनाम तरीके से यह शिकायती पत्र भेजा है।
प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, एनडी कॉलेज शिकोहाबाद
हमें जांच कमेटी में शामिल किया गया था। जिसमें छात्राओं के आरोपों की जांच की गई थी। उस दौरान छात्राओं से बार-बार पूछने पर भी यौन उत्पीड़न जैसी कोई शिकायत नहीं की थी। इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है।
प्रो. प्रवीण कुमार, प्राचार्य, पालीवाल डिग्री कॉलेज शिकोहाबाद
हमारे पास इस तरह की कोई भी आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई शिकायती पत्र मिलता है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, एसपी ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद। नारायण डिग्री कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष के खिलाफ दिए गए शिकायती पत्र से महाविद्यालय प्रशासन में खलबली मची हुई है। महाविद्यालय के पास अब तक कोई भी शिकायती पत्र नहीं पहुंचा है। ऐसे में पिछले वर्ष महाविद्यालय से परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकीं छात्राओं को आधार बनाकर की गई गुमनाम शिकायत खुद में कई सवाल खड़े करने लगी है।
शहर के नारायण डिग्री कॉलेज में जंतु विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष पर एमएससी की छात्राओं को प्रैक्टिकल में फेल करने की धमकी, उनके अश्लील फोटो एवं वीडियो वायरल बनाकर उनका यौन उत्पीड़न करने के मामले ने महाविद्यालय प्रशासन में खलबली मचा दी है। महाविद्यालय प्रशासन ने इस मामले के प्रकाश में आने के बाद जब जांच शुरु की, तो शनिवार को चौंकाने वाली बातें सामने आईं। दरअसल जिन पांच छात्राओं को आधार बनाकर उत्पीड़न की शिकायत की गई। वह पिछले वर्ष ही महाविद्यालय से एमएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करके जा चुकी हैं। शिकायती पत्र में किसी भी छात्रा का नाम का उल्लेख नहीं किया गया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विजय कुमार से जब बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल 2024 को जन्तु विज्ञान विभाग की एमएससी द्वितीय वर्ष की पांच छात्राओं का मामला उनके सामने आया था। जिसमें उनका आरोप था कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में उपस्थित होने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्शाकर फेल करा दिया गया है। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता करके उन्हें पुनः परीक्षा दिलाई गई थी। जिसमें पांचों पीड़ित छात्राएं उत्तीर्ण हुई थीं। इसके अलावा विभागाध्यक्ष पर लगाए गए आरोपों की जांच के लिए जांच कमेटी भी गठित की गई थी। जिसमें पालीवाल महाविद्यालय के प्राचार्य को अध्यक्ष नामित किया गया था। जिन्होंने छात्राओं के आरोपों की जांच की थी। उस दौरान छात्राओं ने जांच कमेटी के सामने भी आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बनाकर उत्पीड़न करने की शिकायत नहीं की थी।
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गुमनाम तरीके से एक वर्ष बाद की गई शिकायत
शिकोहाबाद। वर्ष 2024 में महाविद्यालय में अध्यनरत एमएससी द्वितीय वर्ष की पांचों छात्राओं से बातचीत करने के बाद उनके द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर 4 जून 2024 को की गई शिकायत का निस्तारण किया गया था। अब एक वर्ष बाद गुमनाम तरीके से गत 11 अप्रैल 2025 में की गई उत्पीड़न की शिकायत किसी के गले नहीं उतर रही है।
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हमारे महाविद्यालय प्रशासन के पास जिन पांच छात्राओं का मामला प्रकाश में आया था। उसे वर्ष 2024 में ही सुलझा दिया गया था। वह पिछले वर्ष ही परीक्षा उत्तीर्ण कर महाविद्यालय से जा चुकी हैं। अब जो शिकायती पत्र प्रकाश में आया है, उसमें किसी भी पीड़ित छात्रा के नाम का उल्लेख नहीं है। संभवतः किसी अन्य व्यक्ति ने गुमनाम तरीके से यह शिकायती पत्र भेजा है।
प्रो. विजय कुमार, प्राचार्य, एनडी कॉलेज शिकोहाबाद
हमें जांच कमेटी में शामिल किया गया था। जिसमें छात्राओं के आरोपों की जांच की गई थी। उस दौरान छात्राओं से बार-बार पूछने पर भी यौन उत्पीड़न जैसी कोई शिकायत नहीं की थी। इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है।
प्रो. प्रवीण कुमार, प्राचार्य, पालीवाल डिग्री कॉलेज शिकोहाबाद
हमारे पास इस तरह की कोई भी आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। अगर कोई शिकायती पत्र मिलता है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश भदौरिया, एसपी ग्रामीण