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Firozabad News: बंदरों के झुंड से जान बचाकर भाग रही महिला दूसरी मंजिल से गिरी
Sat, 06 Jun 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 06 Jun 2026 12:10 AM IST
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बंदरों के झुंड के चलते गिरी महिला का ट्रामा सेंटर में होता उपचार। संवाद
- फोटो : बंदरों के झुंड के चलते गिरी महिला का ट्रामा सेंटर में होता उपचार। संवाद
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ में शुक्रवार दोपहर बंदरों के आतंक के कारण एक बड़ा हादसा हो गया। गांव निवासी आशा भारती (35) अपने घर की छत पर गई थीं, तभी अचानक बंदरों के एक बड़े झुंड ने उन्हें घेर लिया। बंदरों को अपनी ओर आता देख वह बुरी तरह घबरा गईं और जान बचाने के लिए छत पर भागने लगीं। इसी आपाधापी में उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह दूसरी मंजिल से सीधे नीचे पक्के फर्श पर आ गिरीं। गंभीर रूप से लहूलुहान महिला को परिजन तुरंत जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए आगरा हायर सेंटर रेफर कर दिया। पीड़िता के पति राधा मोहन ने बताया कि पूरे इलाके में बंदरों का भारी आतंक बना हुआ है, जिससे स्थानीय निवासियों में हर समय दहशत का माहौल रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बंदरों के इस आतंक से जल्द निजात दिलाने की मांग की है। संवाद
दो दिन में 32 बंदर पकड़कर ठप हुआ नगर निगम का अभियान, मदारियों के भरोसे कागजी दावे
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण के गांव बासठ में बंदरों के डर से दूसरी मंजिल से गिरी महिला आशा भारती की जिंदगी दांव पर लगी है, जिसके पीछे नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने के दावे के साथ गत 22 मई से शुरू हुआ बंदर पकड़ो अभियान पूरी तरह ठप पड़ा है। दरअसल, यह अभियान मथुरा से बुलाए गए फुरकान मदारी और उसकी टीम के भरोसे चल रहा था, जिसने महज दो दिन में 32 बंदर पकड़े। इसके बाद ईद का त्योहार आने पर फुरकान मदारी अपनी टीम के साथ घर लौट गया और कई दिन बीतने के बाद भी वापस नहीं आया, जिससे निगम के पिंजरे धूल फांक रहे हैं। दूसरी तरफ, गली-मोहल्लों में बंदरों का उत्पात फिर से चरम पर पहुंच गया है। मामले में अभियान के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मदारियों के घर चले जाने के कारण काम रुका हुआ है। उनसे लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द से जल्द फिरोजाबाद बुलाकर अभियान को दोबारा शुरू कराया जाएगा। संवाद
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दो दिन में 32 बंदर पकड़कर ठप हुआ नगर निगम का अभियान, मदारियों के भरोसे कागजी दावे
फिरोजाबाद। थाना दक्षिण के गांव बासठ में बंदरों के डर से दूसरी मंजिल से गिरी महिला आशा भारती की जिंदगी दांव पर लगी है, जिसके पीछे नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर को बंदरों के आतंक से मुक्त कराने के दावे के साथ गत 22 मई से शुरू हुआ बंदर पकड़ो अभियान पूरी तरह ठप पड़ा है। दरअसल, यह अभियान मथुरा से बुलाए गए फुरकान मदारी और उसकी टीम के भरोसे चल रहा था, जिसने महज दो दिन में 32 बंदर पकड़े। इसके बाद ईद का त्योहार आने पर फुरकान मदारी अपनी टीम के साथ घर लौट गया और कई दिन बीतने के बाद भी वापस नहीं आया, जिससे निगम के पिंजरे धूल फांक रहे हैं। दूसरी तरफ, गली-मोहल्लों में बंदरों का उत्पात फिर से चरम पर पहुंच गया है। मामले में अभियान के नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि मदारियों के घर चले जाने के कारण काम रुका हुआ है। उनसे लगातार बातचीत की जा रही है और जल्द से जल्द फिरोजाबाद बुलाकर अभियान को दोबारा शुरू कराया जाएगा। संवाद
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