{"_id":"68979ef6475b05579b0e0f40","slug":"a-pregnant-woman-gave-birth-to-a-baby-girl-in-an-e-rickshaw-stuck-in-a-traffic-jam-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-154010-2025-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: जाम में फंसे ई-रिक्शा में प्रसूता ने दिया बच्ची को जन्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: जाम में फंसे ई-रिक्शा में प्रसूता ने दिया बच्ची को जन्म
Sun, 10 Aug 2025 12:48 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 10 Aug 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुभाष तिराहे पर शुक्रवार शाम जाम के कारण गर्भवती महिला को अस्पताल तक समय पर नहीं पहुंचाया जा सका। उसने ई-रिक्शा में ही पुत्री को जन्म दिया।
सत्य नगर टापा कला निवासी नीलम पत्नी सोनपाल को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसकी मां और सास ई-रिक्शा से बहू को अस्पताल ले जाने लगीं। रक्षाबंधन के चलते लगे जाम में फंसने के कारण ई-रिक्शा सुभाष तिराहे के पास ही रुक गया। इसी बीच जैन मंदिर के बाहर पीड़ा से कराह रही नीलम ने पुत्री को जन्म दे दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नीलम का पति सोनपाल जाम में फंसे वाहन चालकों से रास्ता खाली करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही डिलीवरी हो गई। प्रसव के बाद परिजन नीलम और नवजात को लेकर 100 सैया अस्पताल पहुंचे, मगर वहां भी इमरजेंसी में लापरवाही देखने को मिली। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के बाहर प्रसूता व नवजात 30 मिनट तक रही।, लेकिन स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू नहीं किया। सीएमएस डाॅ. नवीन जैन का कहना है कि इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। महिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सत्य नगर टापा कला निवासी नीलम पत्नी सोनपाल को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो उसकी मां और सास ई-रिक्शा से बहू को अस्पताल ले जाने लगीं। रक्षाबंधन के चलते लगे जाम में फंसने के कारण ई-रिक्शा सुभाष तिराहे के पास ही रुक गया। इसी बीच जैन मंदिर के बाहर पीड़ा से कराह रही नीलम ने पुत्री को जन्म दे दिया।
विज्ञापन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नीलम का पति सोनपाल जाम में फंसे वाहन चालकों से रास्ता खाली करने की गुहार लगाता रहा, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही डिलीवरी हो गई। प्रसव के बाद परिजन नीलम और नवजात को लेकर 100 सैया अस्पताल पहुंचे, मगर वहां भी इमरजेंसी में लापरवाही देखने को मिली। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के बाहर प्रसूता व नवजात 30 मिनट तक रही।, लेकिन स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू नहीं किया। सीएमएस डाॅ. नवीन जैन का कहना है कि इस तरह का मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। महिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में चिकित्सक और स्टाफ मौजूद रहता है।
विज्ञापन