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Firozabad News: डिस्पेंसरी के भरोसे 36 हजार कामगार

Sun, 14 Jul 2024 12:06 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Sun, 14 Jul 2024 12:06 AM IST
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36 thousand workers depend on dispensary
फिरोजाबाद। सुहागनगरी के 14 हजार कांच श्रमिक और गैर सरकारी संस्थानों में कार्यरत 22 हजार लोग वर्तमान में ईएसआई कार्ड धारक हैं, लेकिन इन 36 हजार लोगों की सेहत सुधारने के लिए ईएसआई का अपना अस्पताल तक नहीं है। तीन कमरें की डिस्पेंसरी (पीएचसी) भी किराये के भवन पर संचालित है। इस डिस्पेंसरी में महज बुखार, सर्दी, खांसी की दवा की नीली-पीली पुड़िया मरीजों को थमा दी जाती हैं। डिस्पेंसरी में पैथोलॉजी जांच, अल्ट्रासाउंड एवं ईसीजी तक की सुविधा मरीजों को नहीं मिलती। गंभीर मरीजों को पहले 40 किलोमीटर दूर आगरा रेफर किया जाता है।औद्योगिक नगरी फिरोजाबाद में बीते 30 सालों से ईएसआई हॉस्पीटल निर्माण की मांग की जा रही है। लेकिन कांच व अन्य श्रेणी ईएसआई पंजीकृत श्रमिकों के हित वाता प्रस्ताव वर्षों बाद भी सरकारी महकमों की फाइलों से बाहर नहीं निकल सका है। यही कारण है कि जिले की कांच इकाइयों व अन्य श्रेणी के ईएसआई पंजीकृत श्रमिकों का स्वास्थ्य व चिकित्सा हित लाभ महज एक डिस्पेंसरी पर निर्भर है। जहां पैथोलॉजी जांच, अल्ट्रासाउंड एवं ईसीजी जैसी सुविधाओं का टोटा है। खास तौर पर महिला श्रमिकों को चिकित्सा हित लाभ के लिए शहर से 40 किलोमीटर दूर आगरा स्थित ईएसआई अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ती है।
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गंभीर मामलों में भी रेफर होने के लिए आगरा तक करनी पड़ती है भागदौड़
स्थानीय ईएसआई पीएचसी पर आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए एक महिला चिकित्सक की तैनाती है। जबकि गंभीर किस्म के मरीजों को समुचित स्वस्थ्य सेवा के लिए पहले आगरा रेफर किया जाता है। उसके बाद ही विशेषज्ञ चिकित्सकों वाले अस्पताल अथवा अन्य संबद्ध अस्पतालों में रेफर किया जाता है।
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अस्पताल निर्माण के दो प्रस्ताव कई साल से फांक रहे धूल
जिले में ईएसआई अस्पताल निर्माण के लिए करीब तीन-चार पहले दो प्रस्ताव शासन को भेजे गए। इनमें एक शिकोहाबाद स्थित दिवायची एवं दूसरा प्रस्ताव टूंडला स्थित एक नजूल की भूमि पर अस्पताल निर्माण का था। लेकिन उचित पैरोकारी के अभाव में दोनों प्रस्ताव अधर में लटके हैं।
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---कार्यस्थल पर घायल मरीज कहां जाएं
जिले में ईएसआई हॉस्पीटल का अभाव हजारों श्रमिकों के लिए किसी बेदर्दी से कम नहीं है। कार्यस्थल पर जलने, हड्डी में फ्रेक्चर, महिला श्रमिकों को प्रसूति जैसी सुविधाएं तो दूर अल्ट्रासाउंड व सामान्य जांच सुविधा भी नहीं हैं। जहां तक मूलभूत सुविधाओं की बात है डिस्पेंसरी पर आने वाले ईएसआई कार्ड धारकों को स्वच्छ पेयजल, महिला टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं।

बोले श्रमिक
-मुझे विशेषज्ञ चिकित्सक के परामर्श की दरकार है। यहां पर केवल एक चिकित्सक हैं। पहले आगरा गया तो वहां मेरे कार्ड में खामी सुधार कराने की कह कर टरका दिया। अगर फिरोजाबाद में ही अस्पताल बन जाए तो इधर से उधर दौड़ धूप नहीं करनी पड़ेगी।
अजीत कुमार, कांच श्रमिक

-मेरा पंजीकरण दिल्ली एनसीआर स्थित एक फर्म के जरिए हुआ है। पेट संबंधी बीमारी है। यहां पर उचित व्यवस्था नहीं है। मुझे आगरा या ईएसआई से जुड़े दूसरे जिले के अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी गई है।

तपन सिंह, झलकारी नगर


जिले में ईएसआई हॉस्पीटल निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में निदेशालय स्तर से पत्राचार किया जा रहा है। जिला प्रशासन से भी सहयोग मांग रहे हैं।
दीपक कुमार, प्रभारी अधिकारी ईएसआई विभाग फिरोजाबाद
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