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पानी के संकट से जूझ रही 12 मोहल्ले की 30 हजार की आबादी
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लेबर कॉलोनी नई आबादी क्षेत्र में नगर निगम के टैंकर से पानी भरते क्षेत्रीय लोग
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। नगर निगम की सीमा में शामिल 9 मोहल्लों की 30 हजार की आबादी चार साल से पानी के संकट से जूझ रही हैं। कहीं पाइप लाइन चोक होने के कारण सप्लाई बाधित है तो कहीं पाइप लाइन न होने से घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। टैंकरों से भी पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही। लोग दूसरे मोहल्लों से पानी भरकर लाने को विवश हैं।
नगर निगम की सीमा में शामिल लेबर कॉलोनी, नई आबादी, भीकनपुर रोड स्थित प्रतापनगर सैलई, सांती रोड स्थित नाथ की बगीची, मुस्लिम बहुल क्षेत्र के मोहल्ला हाजीपुरा, कश्मीरीगेट, 60 फुटा रोड, इमामबाड़ा स्थित छतरी वाला कुंआ और बीपीएल ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोग काफी समय से पेयजल का दंश झेल रहे हैं। चार साल पहले नगर निगम में शामिल होने के बाद पानी का संकट दूर होने की आस जगी थी, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस है। नई आबादी वाले क्षेत्रों में जहां पाइप लाइन नहीं है। वहीं मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पाइप लाइन होने के बाद भी लोगों को गंगाजल नहीं मिल रहा।
जलकल विभाग द्वारा प्रतिदिन टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। टैंकरों से आबादी के हिसाब से पानी की आपूर्ति नहीं मिल पाती, लोग दूसरे मोहल्लों से पानी भरकर लाते है। इलाकाई आशा देवी, कांती, मुस्कान बानों का कहना है कि जलकल विभाग केवल आश्वासन देता है, जबकि समस्या के निस्तारण के लिए कोई ठोस पहल नहीं करता। इसके कारण पानी का संकट दूर नहीं हो रहा।
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महाशिवरात्रि पर श्रीपाल कॉलोनी, छारबाग, ऊर्दूनगर और शीशग्रान क्षेत्र में भी पानी के संकट का लोगों को सामना करना पड़ा। इन क्षेत्रों में लगे नलकूप खराब होने से मंगलवार को सप्लाई पूरी तरह से बाधित रही। जलकल विभाग द्वारा टैंकरों से पानी भेजा गया। इसके बाद भी लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर पानी की तलाश करते दिखाई दिए।
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नगर निगम की सीमा में शामिल लेबर कॉलोनी, नई आबादी, भीकनपुर रोड स्थित प्रतापनगर सैलई, सांती रोड स्थित नाथ की बगीची, मुस्लिम बहुल क्षेत्र के मोहल्ला हाजीपुरा, कश्मीरीगेट, 60 फुटा रोड, इमामबाड़ा स्थित छतरी वाला कुंआ और बीपीएल ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोग काफी समय से पेयजल का दंश झेल रहे हैं। चार साल पहले नगर निगम में शामिल होने के बाद पानी का संकट दूर होने की आस जगी थी, लेकिन आज तक स्थिति जस की तस है। नई आबादी वाले क्षेत्रों में जहां पाइप लाइन नहीं है। वहीं मुस्लिम बहुल क्षेत्र में पाइप लाइन होने के बाद भी लोगों को गंगाजल नहीं मिल रहा।
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जलकल विभाग द्वारा प्रतिदिन टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। टैंकरों से आबादी के हिसाब से पानी की आपूर्ति नहीं मिल पाती, लोग दूसरे मोहल्लों से पानी भरकर लाते है। इलाकाई आशा देवी, कांती, मुस्कान बानों का कहना है कि जलकल विभाग केवल आश्वासन देता है, जबकि समस्या के निस्तारण के लिए कोई ठोस पहल नहीं करता। इसके कारण पानी का संकट दूर नहीं हो रहा।
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महाशिवरात्रि पर श्रीपाल कॉलोनी, छारबाग, ऊर्दूनगर और शीशग्रान क्षेत्र में भी पानी के संकट का लोगों को सामना करना पड़ा। इन क्षेत्रों में लगे नलकूप खराब होने से मंगलवार को सप्लाई पूरी तरह से बाधित रही। जलकल विभाग द्वारा टैंकरों से पानी भेजा गया। इसके बाद भी लोग सुबह होते ही खाली बर्तन लेकर पानी की तलाश करते दिखाई दिए।