{"_id":"5cd1c807bdec2207843bf0ee","slug":"191557252103-firozabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुड़ाई श्रमिकों को 2100 रुपये मिलेगी मजदूरी, हड़ताल खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुड़ाई श्रमिकों को 2100 रुपये मिलेगी मजदूरी, हड़ताल खत्म
विज्ञापन
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों ने किया प्रदर्शन, नारेबाजी
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों के लिए मंगलवार का दिन राहत लेकर आया। उपश्रमायुक्त, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ सिटी, सहायक श्रमायुक्त ने देर शाम सेवायोजक व श्रमिक पक्ष की समझौता वार्ता बुलाई जिसमें सेवायोजक पक्ष 50 रुपये बढ़ोत्तरी करने को तैयार हुआ। अब श्रमिकों को बुधवार से 2100 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से मजदूरी मिलेगी। अब उनकी हड़ताल ख्ात्म हाो गई है।
कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के बैनर तले जुड़ाई श्रमिकों ने मजदूरी में बढ़ोत्तरी सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर 15 अप्रैल से कामबंद हड़ताल कर दी थी, जिससे डेढ़ लाख जुड़ाई श्रमिक बेरोजगार हो गया। इधर श्रमिकों के माल का उठान न करने पर सेवायोजकों ने भी चूड़ी उत्पादन बंद कर दिया।
कारखानों में चूड़ी उत्पादन बंद होने से 50 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए। चूड़ी कारखाने बंद होने से पूरे शहर की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई। सदर विधायक मनीष असीजा ने हड़ताल का गतिरोध स्थानीय स्तर पर दूर न होता देख प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा से वार्ता की। डीएलसी धमेंद्र कुमार से वार्ता कर हड़ताल का गतिरोध दूर करने के लिए कहा।
विज्ञापन
उपश्रमायुक्त (डीएलसी) धर्मेंद्र कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अजय कुमार तिवारी, सीओ सिटी संजय वर्मा, सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह के मध्य सेवायोजक व श्रमिक संगठन पक्ष की दोपहर दो बजे शाम आठ बजे तक मैराथन वार्ता चली, जिसमें सेवायोजक पक्ष 2100 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से भुगतान करने को तैयार हुआ। यह बढ़ोत्तरी सात मई से ही लागू मानी जाएगी।
इन बिंदुओं पर भी बनी सहमति
इसके अलावा जुड़ाई के लिए 14 तोड़ों पर एक लीटर तेल उपलब्ध कराने, चूड़ी के प्रत्येक कारखाने में श्रमिकों को ऑनलाइन भुगतान, ईएसआई, पीएफ की सुविधा प्रदान करने, कारखानों में आठ घंटे कार्य कराने पर, चटक व भंगार के नाम पर अवैध कटौती नहीं करने, दोनों पक्ष सहमत हुए।
समझौता वार्ता में यह रहे मौजूद
दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के निदेशक हनुमान प्रसाद गर्ग, पीके जिंदल, राकेश अग्रवाल, बीके जैन, राजेंद्र अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, निखिल बंसल, आरके गुप्ता, मोहम्मद इस्लाम। श्रमिक संगठन की ओर से कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र भंडारी, धर्मवीर शर्मा, नीतू शंखवार, अजब सिंह यादव, दुष्यंत यादव, राधा शंखवार, आलोक शंखवार।
समझौता लागू कराने, पर्यवेक्षण को कमेटी गठित
सेवायोजक व श्रमिक संगठन की सहमति पर वार्ता के दौरान समझौता को लागू कराने, पर्यवेक्षण कराने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया। कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट, सहायक श्रमायुक्त, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, सेवायोजक व श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की जो भी मांगें थी, उसे सेवायोजक व श्रमिक संगठन के मध्य वार्ता के दौरान पूरा कराया गया है। शासन द्वारा निर्धारित मानदेय से आगे बढ़कर 2100 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से आज से श्रमिकों को मजदूरी दी जाएगी। अत: श्रमिक किसी के बहकाबे में न आकर काम पर लौटे, जिससे चूड़ी उद्योग में उत्पादन कार्य शुरू हो सके।
राजीव कुमार सिंह
सहायक श्रमायुक्त
विज्ञापन
कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के बैनर तले जुड़ाई श्रमिकों ने मजदूरी में बढ़ोत्तरी सहित 13 सूत्री मांगों को लेकर 15 अप्रैल से कामबंद हड़ताल कर दी थी, जिससे डेढ़ लाख जुड़ाई श्रमिक बेरोजगार हो गया। इधर श्रमिकों के माल का उठान न करने पर सेवायोजकों ने भी चूड़ी उत्पादन बंद कर दिया।
विज्ञापन
कारखानों में चूड़ी उत्पादन बंद होने से 50 हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए। चूड़ी कारखाने बंद होने से पूरे शहर की अर्थव्यवस्था बिगड़ गई। सदर विधायक मनीष असीजा ने हड़ताल का गतिरोध स्थानीय स्तर पर दूर न होता देख प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा से वार्ता की। डीएलसी धमेंद्र कुमार से वार्ता कर हड़ताल का गतिरोध दूर करने के लिए कहा।
विज्ञापन
उपश्रमायुक्त (डीएलसी) धर्मेंद्र कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अजय कुमार तिवारी, सीओ सिटी संजय वर्मा, सहायक श्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह के मध्य सेवायोजक व श्रमिक संगठन पक्ष की दोपहर दो बजे शाम आठ बजे तक मैराथन वार्ता चली, जिसमें सेवायोजक पक्ष 2100 रुपये प्रति सैकड़ा की दर से भुगतान करने को तैयार हुआ। यह बढ़ोत्तरी सात मई से ही लागू मानी जाएगी।
इन बिंदुओं पर भी बनी सहमति
इसके अलावा जुड़ाई के लिए 14 तोड़ों पर एक लीटर तेल उपलब्ध कराने, चूड़ी के प्रत्येक कारखाने में श्रमिकों को ऑनलाइन भुगतान, ईएसआई, पीएफ की सुविधा प्रदान करने, कारखानों में आठ घंटे कार्य कराने पर, चटक व भंगार के नाम पर अवैध कटौती नहीं करने, दोनों पक्ष सहमत हुए।
समझौता वार्ता में यह रहे मौजूद
दि ग्लास इंडस्ट्रियल सिंडीकेट के निदेशक हनुमान प्रसाद गर्ग, पीके जिंदल, राकेश अग्रवाल, बीके जैन, राजेंद्र अग्रवाल, हेमंत अग्रवाल, निखिल बंसल, आरके गुप्ता, मोहम्मद इस्लाम। श्रमिक संगठन की ओर से कांच एवं चूड़ी उद्योग मजदूर संघ के अध्यक्ष रमेशचंद्र भंडारी, धर्मवीर शर्मा, नीतू शंखवार, अजब सिंह यादव, दुष्यंत यादव, राधा शंखवार, आलोक शंखवार।
समझौता लागू कराने, पर्यवेक्षण को कमेटी गठित
सेवायोजक व श्रमिक संगठन की सहमति पर वार्ता के दौरान समझौता को लागू कराने, पर्यवेक्षण कराने के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया। कमेटी में सिटी मजिस्ट्रेट, सहायक श्रमायुक्त, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, सेवायोजक व श्रमिक प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की जो भी मांगें थी, उसे सेवायोजक व श्रमिक संगठन के मध्य वार्ता के दौरान पूरा कराया गया है। शासन द्वारा निर्धारित मानदेय से आगे बढ़कर 2100 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से आज से श्रमिकों को मजदूरी दी जाएगी। अत: श्रमिक किसी के बहकाबे में न आकर काम पर लौटे, जिससे चूड़ी उद्योग में उत्पादन कार्य शुरू हो सके।
राजीव कुमार सिंह
सहायक श्रमायुक्त