नहीं थम रहा मिलावट का खेल, हल्दी, मिठाई और दालों में मिलावट
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छारबाग तिराहा, रामनगर से नवंबर 2018 को विक्रेता प्रेमचंद्र बघेल से बूंदी के लड्डू का नमूना जांच के लिया था। जांच रिपोर्ट में वर्जित सिंथेटिक रंग-ऑरामाइन की मिलावट की पुष्टि हुई है इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है।
नगला करन सिंह स्थित विक्रेता पवन कुमार से लिए सोनपापड़ी के नमूने में वर्जित सिंथेटिक कलर-मिटेनिल यलो की मिलावट की पुष्टि हुई है। जैन मंदिर गली, न्यू रसूलपुर से पारस जैन से लिए मिर्च पाउडर के नमूने में भी खतरनाक केमिकल की पुष्टि हुई है।
इसके साथ ही नगला राधे का मोड़, सिरसागंज बाईपास से चंदन ढाबा का निरीक्षण कर विक्रेता भूपेंद्र सिंह निवासी ग्राम-सराय हैवतपुर से कश्मीरी पाउडर से लिए नमूने में भी केमिकल की पुष्टि हुई है। मिठाई विक्रेता प्रेमचंद्र बघेल निवासी छारबाग तिराहा से छैना की मिठाई का नमूना जांच में फेल निकला। नया रसूलपुर से लिए हल्दी पाउडर के नमूने में भी मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए जाने वाले रंग की मिलावट मिली है।
टोल प्लाजा से गुजर कर जा रहे वाहन स्वामी दिनेश से लिए अरहर की दाल में सिंथेटिक रंग टेट्राजाइन की मिलावट की पुष्टि की गई है जिस कारण से नमूना असुरक्षित घोषित किया।
कई खाद्य पदार्थों में नमूने मानव जीवन के लिए असुरक्षित पाए हैं। इन विक्रेताओं के विरुद्ध मुकदमा दायर कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है। स्वीकृति मिलने के बाद मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सैय्यद शहनवाज हैदर आबिदी, जिला अभिहित अधिकारी