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सौ शैय्या अस्पताल में 165 मरीज भर्ती, अब बड़ों को लग रहा वायरल और डेंगू का डंक
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फिरोजाबाद। सौ शैय्या अस्पताल में जिस तरह बाल रोगियों की संख्या में गिरावट आई है। उसी के ठीक विपरीत सरकारी ट्रॉमा सेंटर में स्थिति बनी है। बच्चों के साथ-साथ वायरल और डेंगू का डंक बड़ों का शिकार बना रहा है। सौ शैय्या अस्पताल में कुल 165 मरीज रह गए हैं।
पिछले तीन दिनों में सौ शैय्या अस्पताल में काफी राहत महसूस हो रही है। अधिकांश पलंग खाली हो गए हैं। 24 घंटे में 69 ही बाल रोगियों को भर्ती किया गया है। जबकि 111 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में कमी आयी है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में बनीं इमरजेंसी में स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
यहां एक पलंग पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। मरीजों को इलाज कराने के लिए जगह नहीं मिल रही है। मरीज स्ट्रेचर और स्लिप पर लेटकर इलाज करा रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों पर मरीजों की भीड़ जुट रही है। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। मरीज को ओपीडी में दवा दे दी जा रही है। अभिभावक जागरूक हुए हैं। बुखार आने पर तुरंत ओपीडी में मरीज ला रहे हैं।
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पिछले तीन दिनों में सौ शैय्या अस्पताल में काफी राहत महसूस हो रही है। अधिकांश पलंग खाली हो गए हैं। 24 घंटे में 69 ही बाल रोगियों को भर्ती किया गया है। जबकि 111 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में कमी आयी है। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में बनीं इमरजेंसी में स्थिति बिल्कुल विपरीत है।
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यहां एक पलंग पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। मरीजों को इलाज कराने के लिए जगह नहीं मिल रही है। मरीज स्ट्रेचर और स्लिप पर लेटकर इलाज करा रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों और क्लीनिकों पर मरीजों की भीड़ जुट रही है। प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि ओपीडी में भी मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। मरीज को ओपीडी में दवा दे दी जा रही है। अभिभावक जागरूक हुए हैं। बुखार आने पर तुरंत ओपीडी में मरीज ला रहे हैं।
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